Saturday, July 6, 2013

देशभक्ति और धर्मनिरपेक्षता से कोई वास्ता नहीं है इनका


10 comments:

  1. विरासत में नहीं मिली कभी ! :)

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  2. जिस-दिन हिन्दू नेत्रित्व ताकतवर होगा उसी दिन ये सभी देश भक्त हो जायेगे ---लात के देवता बात से नहीं मानते.

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  3. अगर कोई ब्राह्मण गांधी का वध करता है तो उसके बदले ६ हज़ार निर्दोष ब्राह्मणों को मारा जाता है ,
    अगर कोई सिख इंदिरा का वध कर दे तो ११ हज़ार सिखों का नरसंहार किया जाता है ,

    अगर राहुल को कोई काला झंडा भी दिखा दे तो यह कांग्रेसी उसको दबा कर मारते है ,

    अगर कोई दिग्गी को काला कपडा दिखा दे तो दिग्गी उसको बेस बैट लेकर उसको दौड़ा दौड़ा कर मारता है,
    बाबा रामदेव सरकार से काला धन लाने की मांग करते है तो उनको मरवाने का प्रयास किया जाता है , सी बी आई का खौफ दिखाया जाता है , निर्दोष अनुयायिओं और राष्ट्रभक्तो को पीटा जाता है |
    जब लोग निर्भया के आरोपियों को फांसी देने की मांग करते है तो उनको माओवादी बता कर मारा पीटा जाता है|

    लेकिन मोदी जी के ऊपर आतंकी हमला करने के लिए पाकिस्तान जाकर ट्रेनिग लेकर कोई आतंकवादी भी आ जाए तो वो भी निर्दोष नागरिक हो जाता है , मासूम बच्ची हो जाती है , कालेज जाने वाली स्टूडैंट हो जाती है || यह है इस देश की काले अंग्रेजो की सरकार का दोहरा चरित्र ||

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  4. इनका तो ...सच में कोई वास्ता नही ..

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  5. बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
    आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल सोमवार (07-07-2013) को <a href="http://charchamanch.blogspot.in/“ मँहगाई की बीन पे , नाच रहे हैं साँप” (चर्चा मंच-अंकः1299) <a href=" पर भी होगी!
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  6. मैं भी कितना भुलक्कड़ हो गया हूँ। नहीं जानता, काम का बोझ है या उम्र का दबाव!
    --
    पूर्व के कमेंट में सुधार!
    आपकी इस पोस्ट का लिंक आज रविवार (7-7-2013) को चर्चा मंच पर है।
    सूचनार्थ...!
    --

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  7. 67 बरस हो गए कॉंग्रेस को राज करते , अब वह सह्य नहीं है , अब इस देश को मोदी के समान ,स्वच्छ छवि वाले , विकास पुरुष की आवश्यकता है , जो भारत को पुनः " विश्वगुरु " के रूप में प्रतिष्ठापित कर सके और भारत अपना खोया हुआ वैभव फिर से प्राप्त कर सके ।

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  8. बस आप ऐसे ही लिखती रहिये. हमें आपसे बहुत उम्मीदें है. आज के हताश माहौल में निराश मन को बहुत सुकून पहुंचाती है आपकी लेखनी दिव्याजी।

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  9. बस आप ऐसे ही लिखती रहिये. हमें आपसे बहुत उम्मीदें है. आज के हताश माहौल में निराश मन को बहुत सुकून पहुंचाती है आपकी लेखनी दिव्याजी।

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