Friday, December 20, 2013

प्रथमे ग्रासे मक्षिका पातः

प्रथमे ग्रासे मक्षिका पातः

दो महान और घाघ पार्टियों में अभी गंठजोड़ हो भी नहीं पायी थी कि आपस में एक दुसरे को दो-मुंहा सांप और छछूंदर कहने कि नौबत आ गयी !

इतनी जल्दी सच्च्चाई सामने आ गयी ?

7 comments:

  1. सुन्दर विश्लेषण

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  2. दोनों एक ही थैली के चट्टे-बट्टे हैं केजरीवाल तो कुत्ता है जो सर्वश्रेष्ट बेईमान है।

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  3. बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
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    आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा आज शनिवार (21-12-13) को "हर टुकड़े में चांद" : चर्चा मंच : चर्चा अंक : 1468 में "मयंक का कोना" पर भी है!
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    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  4. http://www.orbit.tarnobrzeg.pl

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  5. बात निकल ही गयी है तो दूर तक जायेगी...

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