एक खुशखबरी- --- गेहूं खराब बताकर खरीदे न जाने पर, गुस्साए किसानों ने खाद्य आपूर्ति अधिकारी की पिटाई की....कलेक्टर ने मौके पर पहुंचकर किसानों का गेहूं तुलवाया और सबके गेहूं बिकवाये.....
आत्महत्या नहीं अब रण होगा।
युद्ध बड़ा भीषण होगा।
जय हिंद !
जय किसान !
Zeal
किसानों को उनके गेहूँ का मोल मिले..
ReplyDeleteवाकई खुश खबरी।
ReplyDeleteकब तक लुटते-पिटते-ठुकते रहें? सब्र का बाँध भी टूटता है। जो हुआ, उसे तो बहुत पहले हो जाना चाहिए था।
ReplyDeleteअब मरना नहीं मारना है।
खुश्खबरी के साथ- साथ ये तो जाग्रति भी है...
ReplyDeleteखुश्खबरी के साथ- साथ ये तो जाग्रति भी है...
ReplyDeleteसबक सिखाने की भी आवश्यकता पड़ती है.
ReplyDeleteखुश्खबरी तो है किसानो के लिये,...लेकिन अक्सर किसानो के साथ ऐसा होता रहता है,,,,,,,
ReplyDeleteअच्छी खबर है । आत्महत्या के पलायनवादी रास्ते से बेहतर है अपने अधिकारोँ के लिए संघर्ष करना । लगता है देश का किसान जाग्रत हो रहा है ....।
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