नंदी की सवारी, नाग अंगीकार धारी
नित संत सुखकारी, नीलकंठ त्रिपुरारी हैं।
गले मुंडमाला धारी,सर सोहै जटाधारी
वाम अंग में बिहारी, गिरिराज सुतवारी हैं।
सावन के सोमवार ९, १६, २३ और ३० को भगवान् शिव का उपवास रखकर अपने सभी मनोरथ पूर्ण कीजिये। -- हर हर महादेव !
Zeal
ये कोई 'गौड पार्टिकिल' नहीं हैं। साक्षात ईश्वर हैं , समस्त ब्रम्हांड के संचालक। हमारे भोलेनाथ।
ReplyDeleteहर हर महादेव ||
ReplyDeleteहर हर नहादेव्\
ReplyDeleteओह्म नमः शिवाय.
ReplyDeleteभोलेनाथ को मनाना मुश्किल भी नहीं..
:-)
बोल बम
ReplyDeleteओम् नमः शिवाय !
ReplyDeleteहर हर महादेव
ReplyDeleteजय हो जय हो
जय हो ...
ReplyDeleteओउम नम: शिवाय .....
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