@ इसी कारण तो ब्लॉग जगत में भी बड़े समझे जाने वाले मोहरे एक ब्लोगर के मोह में हरे हरे जाते हैं। जहाँ तक ईर्ष्या की सामूहिक उपस्थिति की बात है ... वह उन हृदयों में अनुपस्थित ही होगी जो उसके प्रेमी हैं।
Narendra Modi is a man of substance. सच में एक युगपुरुष के रूप में मोदी का उदय एक आशा के सूर्य का उदय लगता है। अब देशद्रोहियों को ऐसे राष्ट्रभक्त से तो ईर्ष्या होगी ही। मोदी इन सेक्युलर देशद्रोहियों के लिए एक मिर्ची है जो इन्हें बहुत जलाती है। मोदी का धन उनकी काबिलियत, दृढ़ता, आत्मविश्वास और राष्ट्रवादिता हैं। इसी धन के सहारे उन्होंने राष्ट्रनिर्माण का मार्ग चुना। जनता के बीच उनकी बढ़ती लोकप्रियता कांग्रेसियों से हजम भी नहीं हो रही।
A truth beyond doubt
ReplyDeleteबात दमदार है..
ReplyDeleteईर्ष्या उसी से होती है , जिसमें दम ख़म हो...
ReplyDelete@ इसी कारण तो ब्लॉग जगत में भी बड़े समझे जाने वाले मोहरे एक ब्लोगर के मोह में हरे हरे जाते हैं।
जहाँ तक ईर्ष्या की सामूहिक उपस्थिति की बात है ... वह उन हृदयों में अनुपस्थित ही होगी जो उसके प्रेमी हैं।
यही जलन नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता को दुगनी गति से बढा रही है ।
ReplyDeleteजरूरी है दिल्ली में पटाखों का प्रदूषण
ये तो सच कहा आपने
ReplyDeleteबहुत सुन्दर प्रस्तुति!
ReplyDeleteसो तो है....
ReplyDeleteअनु
सच है
ReplyDeleteकाश ब्लॉग पर भी लाइक करने की सुविधा होती...
ReplyDeleteबहुत बढ़िया ।
ReplyDeleteNarendra Modi is a man of substance.
ReplyDeleteसच में एक युगपुरुष के रूप में मोदी का उदय एक आशा के सूर्य का उदय लगता है। अब देशद्रोहियों को ऐसे राष्ट्रभक्त से तो ईर्ष्या होगी ही। मोदी इन सेक्युलर देशद्रोहियों के लिए एक मिर्ची है जो इन्हें बहुत जलाती है।
मोदी का धन उनकी काबिलियत, दृढ़ता, आत्मविश्वास और राष्ट्रवादिता हैं। इसी धन के सहारे उन्होंने राष्ट्रनिर्माण का मार्ग चुना। जनता के बीच उनकी बढ़ती लोकप्रियता कांग्रेसियों से हजम भी नहीं हो रही।