उमाभारती के भारी विरोध के बावजूद उत्तरांचल सरकार ने धारी देवी मंदिर की प्राचीन प्रतिमा को हटा दिया। इस विस्थापन के तत्काल बाद ये प्राकृतिक कहर अब सबके सामने है। चारों धाम की रक्षक धारी देवी की महिमा को ये इसाई सरकार क्या समझेगी। ये तो बस भारत निर्माण के नाम पर भारत विध्वंस में लगी हुयी है।
सटीक बात !!
ReplyDeleteआपकी यह पोस्ट आज के (२२ जून, २०१३, शनिवार ) ब्लॉग बुलेटिन - मस्तिष्क के लिए हानि पहुचाने वाली आदतें पर प्रस्तुत की जा रही है | बधाई
ReplyDeleteलोक-विश्वासों और प्राचीन मान्यताओं का उचित सम्मान होना चाहिये !
ReplyDeleteआपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार (23-06-2013) के चर्चा मंच -1285 पर लिंक की गई है कृपया पधारें. सूचनार्थ
ReplyDeleteऐसी बातो को मात्र अन्धविश्वाश मानना ही अन्धविश्वाश है, सही कहा आपने 'इसाई सरकार' तो नहीं समझेगी पर जनता ये कब समझेगी...???
ReplyDeleteये कैसा सेक्यूलरिज्म है ? किसी एक की मान्यताओं को अपमानित करो और दूसरों को सिर आँख पर बिथावो !केवल वोट के लिए !
ReplyDeleteSeveral such instances are well known in Bharat. Railway lines , bridges and roads have been diverted to respect to dieties, sadhus, fakeers. Once an english officer eveytime fell from the cot at night as he tried to bulldoze RAM SANEHI BABA'S samadhi.
ReplyDeleteNikas ke naam par log drishtiheen ho rahe hain.