तहलका
की चीफ एडिटर, शोमा चौधरी को 'यौन शोषण' से कोई आपत्ति नहीं है! उन्हें
केवल ईगो-प्रॉब्लम थी और वे मात्र माफी चाहती थीं जो उनके मित्र तरुण ने
बिना शर्त मांग भी ली ! अतः शोमा को अब कोई आपत्ति नहीं है इस तरह कि घृणित
घटना से !
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क्या शोमा जानती हैं कि यौन शोषण के आरोप में तरुण को कम से कम सात साल कि सज़ा होती , जिससे वो बच जायेंगे और फिर इन्हें आधार बनाकर, यौन-शोषण के अनेक अन्य आरोपी भी स्वघोषित सज़ा , प्रायश्चित और मात्र माफी आदी से बच जायेंगे ! एक नया रिवाज़ चल जाएगा जो क़ानून के लिए खतरनाक है और स्त्रियों को न्याय पाने से वंचित करेगा ! शोमा को पूरी प्रक्रिया में बाधा नहीं उपस्थित करनी चाहिए ! बलात्कार अथवा यौन शोषण के आरोपी का इस प्राकर बचाव करना एक महिला के लिए अत्यंत शर्मनाक है!
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क्या शोमा जानती हैं कि यौन शोषण के आरोप में तरुण को कम से कम सात साल कि सज़ा होती , जिससे वो बच जायेंगे और फिर इन्हें आधार बनाकर, यौन-शोषण के अनेक अन्य आरोपी भी स्वघोषित सज़ा , प्रायश्चित और मात्र माफी आदी से बच जायेंगे ! एक नया रिवाज़ चल जाएगा जो क़ानून के लिए खतरनाक है और स्त्रियों को न्याय पाने से वंचित करेगा ! शोमा को पूरी प्रक्रिया में बाधा नहीं उपस्थित करनी चाहिए ! बलात्कार अथवा यौन शोषण के आरोपी का इस प्राकर बचाव करना एक महिला के लिए अत्यंत शर्मनाक है!