Tuesday, April 30, 2013

नरमदिल क़ानून ?

नन्ही मासूम दुष्कर्म-पीडिता 'गुडिया' की मृत्यु हो गयी ---लेकिन पांचो बलात्कारी ज़िंदा हैं।

ज़िम्मेदार कौन ?

भेंडचाल समाज ?
संवेदनहीन सरकार और पुलिस?
नरमदिल क़ानून ? या फिर ..
बच्चियां स्वयं कि उन्होंने पृथ्वी पर जन्म क्यों लिया?
या स्त्रियाँ , जिनकी ८० % आबादी जागरूक होना ही नहीं चाहती ?
या फिर वे पुरुष जो स्वयं तो जागरूक रहते हैं लेकिन अपने परिवार को जागरूक करने से कोई सरोकार नहीं रखते?

zeal

Saturday, April 27, 2013

भारत में लोकतंत्र है अथवा तुष्टिकरण-तंत्र ?

भारत में लोकतंत्र है अथवा तुष्टिकरण-तंत्र ?

भारत कुछ दिनों में आतंकवादियों का गढ़ बन जाएगा क्योकि यहाँ विदेशों से इम्पोर्ट होने वाले इस्लामिक आतंकवादियों की जांच नहीं होती। मुस्लिम तुष्टिकरण के चलते मुसलामानों को नाजायज प्रोटेक्शन, सुविधायें और आरक्षण दिया जाता है। और कुर्सी पाने के लालची नेता मुल्ला-वोट के लिए इन हिंसक जंतुओं को पालते-पोसते हैं।

एक मुन्नाभाई को बचाने के लिए सात अन्य खूंखार आतंकवादियों को राहत दे दी गयी। अखिलेश यादव ने मुस्लिम चमचागिरी के चलते एक कुख्यात आतंकवादी के सभी गुनाह माफ़ करके उसको रिहा कर दिया।

Zeal

Thursday, April 18, 2013

रणनीति

हम सभी मोदी जी को ही अगले प्रधानमन्त्री के रूप में देखना चाहते हैं , इसमें कोई दो राय नहीं है। क्योंकि मोदी एक शेर है और राजा तो शेर ही होता है जिसकी एक गर्जना से सभी थर्रा उठते हैं। जिस तरह से JDU आदि बौखलाए हुए हैं वो मोदी के नाम का ही प्रताप है।

महाभारत में श्रीकृष्ण ने युद्ध जीतने के चार विकल्प बताये हैं -- साम ,दाम , दंड और भेद। सनद रहे मोदी मात्र एक ही विकल्प हैं , अन्य तीन विकल्प भी हैं हमारे पास। हालात को देखते हुए ही रणनीति बनायी जाती है और किसी भी हालत में अपनी strategy, आउट नहीं की जाती अन्यथा मौके की तलाश में बैठा दुश्मन घेराबंदी कर लेता है , अतः चौकन्ने रहना ज़रूरी है।

किसी भी बात के लिए उतावलापन [Desperation] ठीक नहीं है। धैर्य अपेक्षित है आपसे।

अपना उद्देश्य है -- "कांग्रेस हटाओ देश बचाओ " ....अतः भाजपा कैसे सत्ता में आये ,उसी पर सोचें और समाधान ढूँढें।

तुरुप का पत्ता हमारे पास ही है , बस भाजपा के आने की देर है।

Zeal

Tuesday, March 26, 2013

होली रंग बिरंगी

भारतवर्ष में होली का त्यौहार फाल्गुन मॉस की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है और उसके एक दिन पूर्व होलिका दहन होता है। होलिकोत्सव को वैदिक काल में 'नव सस्येष्टि यज्ञ' कहा जता है। उस समय खेत के अधपके अन्न को यज्ञ में दान करके प्रसाद लिया जाता था। अन्न को होला कहते हैं  अतः इस पर्व को होलिकोत्सव कहा गया। यह पर्व सामाजिक समानता और सौजन्यता की प्रेरणा देता है।

इस पर्व पर सभी लोग इतने रंगों में रंगे होते हैं की व्यक्ति विशेष की पहचान समाप्त हो जाती है और इस प्रकार जातिगत भेदभाव को मिटाकर , सामाजिक समानता का सन्देश देता है।

पतझड़ के कारण आस पास वृक्षों के नीचे सूखे पत्तों का ढेर जमा हो जाता है अतः होलिका दहन द्वारा सामूहिक साफ सफाई की प्रक्रिया भी पूरी होती है।

 हिरनाकश्यप बनाम प्रहलाद की आस्था में होलिकादहन नास्तिकता पर आस्तिकता की विजय का भी द्योत्तक है.

चूँकि इस पर्व के समय तक नया अन्न घरों में आने लगता है, अतः नए अन्न, गेहू वा चने की बालियों को लोग होलिका दहन की अग्नि में भूनते हैं और प्रसाद लेते हैं।

Wednesday, March 20, 2013

शालू और टिंकू..


विश्व गोरैय्या दिवस है आज --

विलुप्त होती पक्षियों की प्रजाति को बचाईये! गर्मी के मौसम के आगमन पर अपनी छतों और बागीचे में पक्षियों के लिया दाना और पानी रखिये!

बचपन में हमारे पुराने घर में , छतों के नीचे लकड़ी की बल्लियाँ लगी रहती थीं। उन्हीं बल्लियों में गौरैय्या का एक जोड़ा रहता था ! माँ ने उनका नाम शालू और टिंकू रखा हुआ था ! हम भाई बहन शालू-टिंकू के साथ ही पले बढे।

आज सबसे दुखद ये है की गौरैय्या अब विलुप्त होती जा रही है!




Sunday, March 17, 2013

कमीने क़ानून बनाने वाले--

प्राईमरी हेल्थ सेंटर (PHC), शाहजहांपुर में दो साल की बच्ची , जिसने ठीक से चलना और बोलना भी नहीं सीखा था , के साथ वार्ड बॉय ने दो बार बलात्कार किया ! बच्ची को बिस्किट, टॉफी देने का कहकर फुसलाया और अस्पताल के सूने कमरे में दुष्कर्म किया। बच्ची की चीखें सुनकर लोगों ने उसे बचाया। खून से लतपथ बच्ची को उज्जैन अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसकी हालात अत्यंत नाज़ुक है।

जिस समय बच्ची का बलात्कार हो रहा था , उस समय माँ ने PHC में एक बच्चे को जन्म दिया। जब उसे इस दुष्कर्म की सूचना दी गयी तो वह सदमे से बेहोश हो गयी।

अब बेचारे वार्ड बॉय का तो कोई दोष है नहीं , 16 साल का तो हो ही गया होगा। दोष तो उस बच्ची का है जिसने स्वेच्छा से बलात्कार नहीं करवाया !

हवस के भूखे कानूनविदों से मेरी अपील है की 16 की जगह दो साल से ही बलात्कार को लीगल कर दिया जाए ताकि वो 'सेक्स' कहलाये और सुनने में मनोरंजक लगे और यदि संभव हो तो कन्या भ्रूण ह्त्या को भी लीगल किया जाए ताकि " न रहेगा बांस, ना बजेगी बांसुरी "

फिर इस पृथ्वी पर सिर्फ पुरुष बचेंगे और पुरुषों का ही बलात्कार करेंगे ! सृष्टि ही समाप्त हो जाएगी। बसंत फिर कभी नहीं आएगा।

Zeal

Thursday, March 14, 2013

अनर्थ

केंद्र सरकार ये क्या अनर्थ कर रही है ?

16 साल के बच्चों के आपसी सहमती से यौन संबंधों को वैध करने जा रही है। क्या सरकार इसके दूरगामी दुष्परिणामों को सोच/देख पा रही है?
 


कांग्रेस का नैतिक पतन हो चुका है, अब वो देश और युवा पीढी का पतन चाहती है। यौन सम्बन्ध केवल पति-पत्नी के मध्य होते हैं , शेष तो सब अनैतिक ही है , उम्र चाहे जो हो। फिर इसे लीगल क्या करना।

उम्र घटानी थी बलात्कारियों की ताकि उन्हें सज़ा मिल सके लेकिन इन्होने तो उल्टा बलात्कार करने की ही उम्र घटा दी ताकि बलात्कारियों को सुविधा हो सके। सरकार वेश्यावृत्ति को बढ़ावा दे रही है।

Zeal