Sunday, August 9, 2015

सोशल मीडिया पर आतंकवाद

समाचार पत्रों पर निगाह दौड़ाते हुए पाया की किस तरह ब्लॉगरों और लेखकों की हत्या की जा रही रही है ! बांग्लादेश में अब तक चार ब्लॉगरों की हत्या की जा चुकी है ! हमारे फेसबुक मित्र संजय चौहान को जान से मारने की धमकियाँ मिल रही हैं !
.
ये एक विकट होती समस्या है ! सोशल मिडिया पर लिखने वाले वाले अब सुरक्षित नहीं हैं ! अनेक कुत्सित और कलुषित विचारों वाले खूंखार प्रकृति के लोग सोशल मिडिया पर सक्रीय हैं ! इनमें से कुछ सरकार के गुंडे हैं, तो कुछ अन्य पार्टियों के ! कुछ धर्म विशेष के गुंडे हैं तो कोई दलित समूह के ! कोई यादव समाज का, कोई जाट समाज का, कोई ब्राम्हण तो कोई कायस्थ समाज का !अलग अलग वर्ग, जाती , धर्म और संगठनों के ठेकेदार सोशल मिडिया पर गुंडागर्दी की जड़ें जमायें बैठे हैं ! चूँकि समाज इतने छोटे-छोटे टुकड़ों में बंटा हुआ है और कोई भी किसी दुसरे का वर्चस्व नहीं चाहता !
.
सहअस्तित्व में कोई जीना ही नहीं चाहता ! हर वर्ग यही चाहता है की सिर्फ उसके समर्थन में ही लिखा जाये , किसी अन्य समुदाय अथवा दल को समर्थन न दिया जाए ! आलोचना सिर्फ विरोधी दलों की जाए , उनके द्वारा समर्थित दलों की आलोचना तक न हो ! कितनी कुत्सित और तुच्छ सोच बढ़ रही है समाज में जो सोशल मिडिया के माध्यम से उजागर हो रही है !
..
सोशल मिडिया पर एक से बढ़कर एक गुंडे बैठे हैं जो शराफत का चोगा ओढ़े हुए हैं ! पूरे पूरे गिरोह के साथ बैठकर दलगत राजनीति करते हैं ये लोग ! समूह में आकर उत्पीड़ित करते हैं लेखकों को ! पता नहीं इन प्रायोजित लोगों को पैसा किन संगठनों के ज़रिये से आता है लेकिन ये लोग सामान्य जनता के बीच सफेदपोश बने बैठे हैं और वाचिक आतंकवाद से शुरू करके , खुनी आतंकवाद से सोशल-मीडिया को रक्त-रंजीत कर रहे हैं !
.
एक नए तरह के आतंकवाद की और बढ़ती अत्यंत खेदजनक और भयावह प्रगति जहाँ लोग एक दुसरे के खून के प्यासे हो रहे हैं ! विरोधी विचारों को पचा नहीं पा रहे ! अहम इतना बड़ा ! धैर्य एकदम नगण्य ! बात-बात पर तिलमिलाना और लेखक के खून का प्यासा हो जाना ! कहाँ जा रहा है ये समाज ? कितना पतन देखना बाकी है अभी?

12 comments:

Anonymous said...

I have been browsing online more than 2 hours today, yet I
never found any interesting article like yours.
It is pretty worth enough for me. In my view, if all site owners and bloggers made good content as you did, the internet will
be much more useful than ever before.

my weblog ... health professionals

Anonymous said...

I absolutely love your blog and find many of your post's to be precisely
what I'm looking for. Do you offer guest writers to write content available for you?
I wouldn't mind composing a post or elaborating on a
lot of the subjects you write in relation to here. Again, awesome website!


my web blog ... double divan beds

Kavita Rawat said...


कुछ संकीर्ण मानसिकता वाले हर समाज में मौजूद हैं जो सारे समाज को दिग्भ्रान्त कर दूषित करने का ठेका ले बैठते हैं .....बड़ी दुखद स्थिति है यह सब ..
गंभीर विचारणीय चिंतन का विषय है

Anonymous said...

Unquestionably believe that which you stated.
Your favorite justification seemed to be at the internet the simplest thing to be aware of.
I say to you, I definitely get irked while other folks think about issues
that they plainly do not realize about. You controlled to hit the nail upon the highest as smartly as
outlined out the entire thing with no need side effect , folks could take a signal.
Will likely be again to get more. Thank you

Also visit my blog post - back pain knows

Anonymous said...

Hi, I want to subscribe for this web site
to take newest updates, so where can i do it please help out.


Here is my blog - weight conditions

Anonymous said...

After looking over a handful of the blog articles on your website, I seriously like your way of blogging.
I saved as a favorite it to my bookmark webpage list and will be checking back in the near future.

Please visit my website as well and tell me how you feel.


Feel free to surf to my web site: treatment of panic attacks

Anonymous said...

Just wish to say your article is as amazing.
The clearness in your post is simply spectacular and i could
assume you are an expert on this subject. Fine with your permission allow me to grab your RSS feed to keep up to date with forthcoming post.
Thanks a million and please carry on the enjoyable work.


Look at my blog: actual doctors

Anonymous said...

I do not even know how I ended up here, but I thought this
post was great. I do not know who you are but definitely you're going to a famous blogger if
you aren't already ;) Cheers!

Feel free to visit my homepage ... healthy living

Anonymous said...

propecia viagra soft tabs online
[url=http://genericviagraonline-us.com]generic viagra[/url] viagra pen
generic viagra - viagra vs viagra
erectial disfunction

Anonymous said...

viagra generico no dogana
[url=http://genericviagraonline-us.com]generic viagra[/url] viagra 20mg review location
generic viagra - lilly viagra al-qassim
viagra 10mg forum rules

वीरेन्द्र सिंह said...

बड़े अच्छा विषय चुना है आपने। लेख में लगभग सारी बातें कह दी गई है। विपरीत विचारों को सहन नहीं कर पाने वाले लोग मानसिक विकलांगता के शिकार हैं। भगवान इन्हे सदबुद्धि दे।

Anonymous said...

Thanks for sharing your thoughts about туризм.
Regards

My site - москва туры на кипр купон