Thursday, September 13, 2018

लेखक

मतदाता का पक्ष होता है, वो किसी व्यक्ति को अपना मत देता है। लेकिन लेखक को निष्पक्ष होकर विषय पर ही लिखना चाहिए, व्यक्ति पर नहीं।

3 comments:

Kavita Rawat said...

बिल्कुल सही बात, लेखक किसी व्यक्ति विशेष के लिए नहीं होता है, यदि कोई ऐसा करता है तो वह राजा-महाराजा के ज़माने वाला भाट कहलायेगा

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शनिवार (15-09-2018) को "हिंदी पर अभिमान कीजिए" (चर्चा अंक-3095) पर भी होगी।
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सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट अक्सर नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
हिन्दी दिवस की शुभकामनाओं के साथ...।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

Niti Chauhan said...

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