Sunday, June 13, 2010

श्री गणेशाय नमः

वक्रतुंड, महाकाय , सूर्यकोटि समप्रभा !

निर्विघ्नं , कुरुमेदेव , सर्व्कर्येशु सर्वदा !!


देवताओं के सिरमोर भगवान् श्री गणेश की स्तुति के साथ , मैं अपना प्रथम ब्लॉग सम्पादित कर रही हूँ ।


आप सभी की शुभकामनाओं की आकांशी ,


आपकी दिव्या

19 comments:

Arvind Mishra said...

Welcome! Nice blog ! Congrats!

Divya said...

Thanks Arvind ji.

वाणी गीत said...

स्वागत है ...
आपसे बहुत कुछ नया पढने और सीखने को मिलेगा

Divya said...

Vani ji,

Many thanks to you.

ashish said...

अद्भुत कविता,

welcome step from u, i belive you will succeed to achieve the goal to transform the society while sharing your views.

ethereal_infinia said...

Pranamye shirshaadeve Gauri-putra Vinaayakam
Bhaktvaase smarne nityemaayu, kaamarthe siddhiye


Shubhaashish!!

Aapki safaltaa se atyant prasann anubhuti huee hain mujhe

Jivan mein aapki sadev unnati ho yehi man se praarthnaa

Nit-naye vishayo par aapke vichaar padhne milenge yahaa par aur ye baat behad manoramya hain

Aap yuhi agar roz likhte rahe, dekhnaa ek din rang le aayegaa
Aisi baatein karu kyon naa O Jaadugar, meraa dil ye le jayegaa


Zmiles


Arth kaa
Nat-mastak, charan sparsh

Divya said...

Ashish ji,

Thank you Sir for the best wishes. Let's hope for the best..

As the saying goes..

"Kaun kehta hai ke aasma mein suraakh ho nahi sakta,
Ek patthar to tabiyat se uchhalon yaron "

Divya said...

Ethereal ji,

I was really nice to read your comment. I daily chant the "Dwadash names ' of Lord Ganesha as mentioned in your comment.

Thanks for the best wishes.

You seem to be a good poet as well.."Aisee baten na kar..."

Pankaj Upadhyay (पंकज उपाध्याय) said...

वेलकम अबोर्ड!! गृह प्रवेश भी अच्छे तरीके से किया आपने.. बिना तडक भडक का और निहायत ही शानदार.. good to see you here.. keep your thoughts coming... :)

Divya said...

Pankaj ji,

Many thanks.

हिमांशु । Himanshu said...

मुदित हूँ यहाँ देखकर ! ब्लॉग की दुनिया कुछ और सुन्दर हो गयी है..!
स्वागत है !

अमरेन्द्र नाथ त्रिपाठी said...

''जो सुमिरत सिधि होइ गन नायक करिबर बदन।
करउ अनुग्रह सोइ बुद्धि रासि सुभ गुन सदन।।''

अवधी में इस गणेश वंदना के साथ इस ब्लॉग की
ज्ञानात्मक समृद्धि की कामना करता हूँ ! आपका
बहुप्रतीक्षित ब्लॉग-जगत में पदार्पण शुभ हो !
ब्लॉग-जगत की रूढ़ियों से निरपेक्ष और मुक्त होकर
आप कुछ सार्थक करेंगी , इसकी उम्मीद है आपसे !

एक ज्ञानग्राही की हैसियत से आता रहूंगा
इस ब्लॉग पर , लेट-लतीफ ही सही पर इस ब्लॉग की
सभी प्रविष्टियों को देखना चाहूँगा !

चस्मिस्ट हूँ , आँखें कमजोर हैं इसलिए एक निवेदन
करता हूँ कि यह टेम्पलेट और सफ़ेद में टाइपिंग आँखों
को चुभती है , संभव हो तो इसे बदलने की कृपा करें !
काले में टाइपिंग दुखती नहीं ! आशा है इतना सहयोग तो
आप करेंगी ही !

आपके ब्लॉग जगत में आने से खुशी हुई है ! बधाई ! शुभकामनाएं !

Divya said...

Himanshu ji,

Thanks for the encouragement.

.............................

Amrendra ji,

Thanks for the best wishes.

ब्लॉग-जगत की रूढ़ियों से निरपेक्ष और मुक्त होकर
आप कुछ सार्थक करेंगी , इसकी उम्मीद है आपसे !

I will try my best to live up to your expectations.

Divya said...

Template has been changed on request of my well wishers

शिवम् मिश्रा said...

दिव्या जी,
बहुत बहुत धन्यवाद जो आपने यह ब्लॉग बनाया, वैसे तो आपके कमेंट्स ही अपने आप में एक पोस्ट होते है, अब हम लोगो को आपके विचार पोस्टो में रूप में भी पढने को मिलेंगे ! आभार आपका !

Divya said...

Thanks, Shivam ji

Himanshu Mohan said...

दिव्या जी,
शुभास्ते पन्थान:!

Divya said...

Shukriya, Himanshu ji.

STRANGER said...

श्री गणेशाय नमः