Monday, May 9, 2011

चंदा ने पूछा तारों से , तारों ने पूछा हज़ारों से- "सबसे अच्छा कौन है ? --पापा--मेरे पापा ....


२० वर्ष पूर्व पिताजी द्वारा दिया गया autograph । "A message to my daughter"





आज , नौ मई को
पिताजी के जन्म-दिन पर उनकी बहुत याद रही है , इसलिए ये लेख लिख रही हूँबेटियां होना भी कितना कष्टदाई होता है कभी-कभी जो माता पिता हमें इतने कष्ट उठाकर हमें पढ़ाते लिखाते हैं , और किसी काबिल बनाते हैं , उनसे दूर हो जाना पड़ता है विवाहोपरांत जब वे बूढ़े हैं , और उन्हें हमारी सेवा की ज़रुरत होती है , तो हम लाचार और विवश , उनसे मीलों दूर बैठे हुए होते हैं , चाहकर भी कुछ नहीं कर सकते सिर्फ याद कर सकते हैं
मेरे आदर्श और मेरे गुरु समान पिताजी अत्यंत optimistic व्यक्तित्व के धनी हैंजीवन भर परेशानियां झेलीं लेकिन अपने बच्चों को सदैव सुख से रखा और उच्च शिक्षा दीउनकी तनखाह से ,ज्यादा हम चारों की स्कूल की फीस थी , लेकिन जैसे तैसे बिना किसी व्यवधान के , यथाशक्ति हमें शिक्षा दिलाई , ताकि भविष्य में हमें कोई कष्ट देखना पड़े
बैंक की नौकरी में , हर तीन साल पर छोटे-छोटे शहरों और कस्बों में होते स्थानान्तरण होने के बावजूद भी उन्होंने अपने परिवार को लखनऊ जैसे महानगर में रखा ताकि हमें कोई कष्ट हो जाड़ा , गर्मी और बारिश में हर सप्ताह शनिवार की रात घर आना और २४ घंटे बाद पुनः निकल पड़ना कर्म-स्थल के लिएबहुत कठिन जीवन-चर्या थी , लेकिन उस एक दिन के अवकाश में घर आते ही , बिना समय नष्ट किये हम चारों को गणित और अंग्रेजी पढ़ाते थेआज उसी पढाई की बदौलत हम कुछ बन सके
पिताजी कहा करते थे -" A single minute wasted at school means a chance of misfortune in future "...उनकी इन्हीं बातों को ध्यान में रखकर , कभी समय नष्ट नहीं कियासमय का भरपूर सदुपयोग कियाहालाँकि आज जब यही बात अपने बच्चों से कहती हूँ तो वो समय की एहमियत नहीं समझते हैं
पिताजी के कुछ पसंदीदा वाक्य जो वे अक्सर कहते हैं , और फोन पर भी सुनने को मिलता रहता है - "समय से पहले और किस्मत से ज्यादा किसी को कुछ नहीं मिलता" और " जो हम आज हैं , वो कल नहीं रहेंगे", क्यूंकि बदलाव ही प्रकृति का नियम है , इसलिए सकात्माक बदलाव की तरफ सतत प्रयत्नशील रहना चाहिएपिताजी के अध्यात्मिक विचारों से इतनी प्रभावित हूँ की अक्सर मेरे लेखों में उनकी ही झलक मिलती है

सन २००७ में माँ की मृत्यु बाद से उन्होंने माता और पिता दोनों का दायित्व अपने ऊपर ले लिया है । अपने बच्चों की ही चिंता किया करते हैं, अपनी किसी भी तकलीफ को जाहिर तक नहीं होने देते। इतना भावुक होता है, एक पिता का दिल भी। एक माँ की ही तरह कोमल होता है , पिता का ह्रदय भी । आज जो कुछ भी हूँ , पिताजी के प्रयत्नों और आशीर्वाद से ही हूँ । मन में पिताजी के लिए आभार एवं कृतज्ञता है।

अपने पिताजी के जन्मदिन पर समस्त पुरुष जो पिता का धर्म निभा रहे हैं , उन्हें मेरा नमन। बेटियां कितनी भी दूर क्यूँ न चली जाएँ , सदैव अपने पापा की लाडली ही रहती हैं।

चंदा ने पूछा तारों से , तारों ने पूछा हज़ारों से-
"सबसे अच्छा कौन है ? --पापा--मेरे पापा ....
आभार

82 comments:

ashish said...

बेटियां पिता की लाडली होती है , ये सत्य है . आपके पिताजी को जन्मदिन की ढेर सारी बधाइयाँ . इश्वर करे वो इसी तरह मार्गदर्शक बन रहे आपका .

प्रवीण पाण्डेय said...

आपके पिता जी को बहुत बहुत बधाईयाँ।

Shah Nawaz said...

हमेशा चिडता था कि पापा दीदी को ज्यादा प्यार करते थे... लेकिन जब खुद के बेटी हुई तो एहसास हुआ कि बेटियां कितनी प्यारी होती हैं... :-)

आपके पिताजी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ!

Rakesh Kumar said...

आपके पिता श्री को सादर नमन.
उनके जन्मदिन पर हार्दिक शुभ कामनाएँ.
उनका प्यार व आशीर्वाद सदा आप पर बना रहें.

Deepak Saini said...

आपके पिता जी को बहुत बहुत बधाईयाँ।

Bhushan said...

आपकी भावनाओं के प्रति सम्मान उत्पन्न होता है. माता-पिता ही हमारे नायक-नायिका होते हैं.

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

इस संस्मरण को साझा करने के लिए आभार!
आपके पिता श्री को सादर नमन!
उनके जन्मदिन पर हार्दिक शुभ कामनाएँ!

बाबुषा said...

Very emotional post Divya!

डा० अमर कुमार said...

मातु पिता गुरु गणपति सादर
पूजहू सदा होय सुख आगर

पितृ दिवस की शुभकामनायें

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

आपके पापा के जन्मदिन पर आपको बधाई ...पिता से अच्छा मार्गदर्शक भला कौन हो सकता है ...

आज ही के दिन मेरे पापा का भी जन्मदिन आता है ..पर अब पिता का साया नहीं है ..

गौरव शर्मा "भारतीय" said...

सर्वप्रथम पिताजी को जन्मदिन की ढेर सारी बधाई.......वाकई बेटियों के लिए वह समय कितना कष्टप्रद होता होगा जब वे चाहकर भी अपने माता पिता के लिए कुछ नहीं कर पाती हैं |
आदरणीया दिव्या जी के इस पोस्ट ने भावुक कर दिया......संसार के सारे माता-पिता को कोटि कोटि प्रणाम !!

निवेदिता said...

दिव्या -आपके संस्मरण में साझीदर बन कर अपने पापा को याद कर रही हूं ...शुभकामनायें !

Apanatva said...

आपके पिता जी को बहुत बहुत बधाईयाँ।

रश्मि प्रभा... said...

"सबसे अच्छा कौन है ? --पापा--मेरे पापा ....
aapke papa ko mera pranam

दर्शन कौर धनोए said...

दिव्या जी आपके पिताजी को हार्दिक दिल से श्रधान्जली...आज मुझे भी अपने पापा की याद दिला दी आपने ..
माँ बचपन में ही चली गई थी ..मेरे पिताजी ने ही माँ-बाप का फर्ज अदा कर के हमारी परवरिश की थी --हमारे लिए तो माँ-बाप दोनों वो ही थे -- उन्होंने दूसरी शादी भी नही की ..मेरे पापा भी मेरे लिए आदरणीय है
शायद दुनिया की हर लडकी अपने पिता के लिए यही सोचती है --धन्यवाद आज की पोस्ट के लिए ....

एम सिंह said...

जो रिश्तों का महत्तव समझे.. सिर्फ उसी के लिए.

एम सिंह said...

मेरे ब्लॉग पर स्वागत है
दुनाली

यादें said...

दिव्या, आप के पापा के जन्म-दिन पर उनको और उनके समस्त परिवार को बहुत-बहुत बधाई !
वो हमेशा स्वस्थ जीवन जियें ,और खुश रहें !
अशोक सलूजा !

Dilbag Virk said...

इस संस्मरण को साझा करने के लिए आभार!
आपके पिता श्री को सादर नमन!
उनके जन्मदिन पर हार्दिक शुभ कामनाएँ!

Rajesh Kumari said...

aapke pitaji ke janamdivas par dheron badhaaiyan.ye mata pita ka dikhaya hua maarg darshan hi to hai jo hume is mukaam tak pahunchata hai.Divya ji janha par aapne apne pitaji ke shabd red line me likhe hain,us line ke neeche vaali line me 'nahi' shabd missing hai.vo theek karen.aapki is bhaavpoorn,ati uttam rachna ke liye bahut badhaai.

G Vishwanath said...

That was a touching piece and eminently readable.
It made me feel a little sentimental.
What a coincidence!
I too have a daughter, who has been living away from me in a far way land for the past 10 years ever since she got married in 2001

She is arriving for a three week visit on Wednesday with her husband.
Forgive me, if I am not regular in posting comments on your blogs and those of a few other friends, in the coming few weeks.
I will not have much time to spend on internet browsing and blog reading and commenting during her visit.

Your father has a great handwriting. I enlarged the picture and read his message.
I could not see even a single erasure or strike out.
Many of the youngsters today just cannot write like this.
They type or use the thumb for texting and can hardly hold a pen or pencil to write neatly.
Even when they type they use the backspace or Del key more often than any other key.

Please convey my regards to him.

GV

AlbelaKhatri.com said...

atyant saarthak aur bhaavbheena aalekh..

aapke pitashri ne jin kathin haalaat me aapko parvarish aur ucch sanskar diye hain vo anukaraniy hain

डा. अरुणा कपूर. said...

...मै समझ सकती हूं दिव्या!...एक मां के चले जाने के बाद बच्चों पर क्या बितती है....पिता पर कैसी दोहरी जिम्मेदारी आन पडती है!...ऐसे में पिताजी का मनोबल बनाएं रखना बच्चों की ही जिम्मेदारी होती है!

आप के पापा ने आप बच्चों की अच्छी परवरिश करने में कितने कष्ट उठाएं होंगे!...और आप बच्चों को खुशहाली से जीवन यापन करते हुए देख कर, उनकी आंखे नम हो जाती होंगी!...आप के पापा को जन्मदिन की हार्दिक बधाई!

SAJAN.AAWARA said...

APKE PITAJI KO HUM KYA DE UPHAR, MILEN UNHE JIVAN ME KHUSIYAN APAAR. . . . . JAI HIND JAI BHARAT

Rajesh Kumari said...

Enlarging pic of ur father's letter just i found a gr8 gr8 hanwriting.very precious treasure for a daughter.

कौशलेन्द्र said...

आदरणीय पिता जी को सादर प्रणाम ! भाग्यशाली हैं वो जिन्हें ऐसे पिता मिले.
उनकी हस्तलिपि से प्रतीत होता है कि वे एक पर्फेकशनिस्ट और बड़ी नफासत पसंद व्यक्ति हैं.

ajit gupta said...

पिताजी को जन्‍मदिन पर बधाई और हमारा प्रणाम।

Er. Diwas Dinesh Gaur said...

आदरणीय दिव्या दीदी आपके पिताजी को मेरी तरफ से उनके जन्मदिवस पर हार्दिक बधाई...वे हमारे लिए भी आदरणीय हैं| अभी वे कहाँ रहते हैं? क्या वे अभी अकेले ही रहते हैं? बेशक आप अपने पिता की लाडली बेटी ही हैं, आपके पिता भी आप जैसी बेटी पाकर अवश्य ही गौरवान्वित होंगे...
ईश्वर उन्हें दीर्घायु दे...
सादर...
दिवस दिनेश गौड़...

Jagan Ramamoorthy said...

This is a VERY emotional post indeed. A Dad has maximum love for his daughter/s. A mother has immense love for her son/s. A daughter has a very powerful respect, love towards her father, where she has complete faith and trust in her mother, a son can be vise-versa towards/with Dad-mom. Wishing a VERY happy birthday to Divya's father. Your joy and love is very likely to reach him instantly, in milliseconds today and always.
Best Wishes. Enjoy your dad's birthday.
Yours, JR.

Jagan Ramamoorthy said...

@ - पिताजी कहा करते थे -"l A single minute wasted at school means a chance of misfortune in future "...

Indeed! Splendid reminder to everyone who has been through such a journey in life with their parents. Ty.

निर्मला कपिला said...

बस आँखों मे आँसू आ गये बेटिओं की बेबसी पर पिता जी के जन्म दिन की बहुत बहुत बधाई।

shikha varshney said...

एक पिता के लिए बेटी क्या है.यह पिता शायद कभी जाहिर नहीं कर पाता परन्तु अपनी राजकुमारी के लिए कुछ भी कर सकता है.
और बेटियों के लिए पिता किसी हीरो से कम नहीं होते.
आपके पिताजी को जन्मदिन की ढेरों बधाई.उनका आशीष और मार्गदर्शन आप पर हमेशा बना रहे.

घनश्याम मौर्य said...

पिताजी के जन्‍मदिन के लिए ढेरों बधाइयां स्‍वीकार करें। मेरे लिए मेरे पिता ही सबसे अच्‍छे अध्‍यापक और सबसे बड़े प्रेरणास्रोत रहे। वह अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन मैं उनके विचारों से आज भी प्रेरणा लेता रहता हूँ।

Indranil Bhattacharjee ........."सैल" said...

बाबूजी को मेरा प्रणाम ... आपके मन में उनके लिए इतना प्यार और श्रद्धा देखकर मुझे बहुत अच्छा लगा ... मैं भी तो एक बेटी का बाप हूँ ...

aarkay said...

In these times, when people have no time for sentiments and emotions, your fond remembrance of your Dear Father, is really something great and praiseworthy. I also wish him a Happy Birthday - this one and many more to come. Elsewhere you have also mentioned that you lost your mother , but then life goes like this. I lost my father in 1990, and my mother in 1993 ( and what pillars of strength they were , apart from doting type ). But then I am much older than you- perhaps old enough to be your uncle, and father of a grown up daughter and a teenaged son and I have a niece named Divya who lives abroad. My only contact with her is through e-mail , as she lives abroad.

शोभना चौरे said...

पिताजी की छत्र छाया बनी रहे |जन्मदिन पर अनेको प्रणाम |

सुज्ञ said...

आपके परम श्रद्धेय पापा को जन्म दिन पर बधाईयाँ!!
और आपकी पितृत्व आस्था मन को गर्व-सौरभ से भर देती है।

सम्वेदनशील आलेख!!

वन्दना said...

आपके पिताजी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ!

निशांत said...

good wishes...

निशांत said...

papa ji ko happy birthday
aur aap bhi acche acche post likhte rahiye

Kunwar Kusumesh said...

आपके पिताजी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ!
You have nicely described.

चंद्रमौलेश्वर प्रसाद said...

वही तो... हम सोच रहे थे कि अभी मदर्स डे का माहौल और पापा!!!! पापाजी को हमारी हैप्पी बड्डॆ ग्रीटिंग पहुंचा देना :)

Prarthana gupta said...

Agar poudhoin ki gudayee itni achchi tarah se ki ho toh phool khitein hi hain.....jitna hamare parents ne humein pyar aur suwidhayein di uska dugna hum apne bachchoin ko de rahein hain....par aadar aur sneh hum uskaa 10% bhi nahin paa rahe....

अरुण चन्द्र रॉय said...

आपके पिताजी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ!

आशुतोष की कलम said...

जन्मदिवस बार बार आये..

डॉ टी एस दराल said...

आपके पिता जी को जन्मदिन की बहुत बधाई । आजकल बेटियां पिता का ज्यादा ख्याल रखती हैं । इस बात से सुकून मिलता है ।

Patali-The-Village said...

आपके पिता जी को बहुत बहुत बधाईयाँ।

अमित श्रीवास्तव said...

आज पहली बार एक कारण मिला, आपसे ईर्ष्या करने का । बस इसी संबन्ध का जरा भी एहसास नही है मुझे । मेरी कोई बेटी नही है ना ही कोई बहन ,हमेशा यह कमी सालती रहती है । आपको एवं आपके पापा-जी को बहुत बहुत बधाईयां ।

मदन शर्मा said...

पिताजी के कुछ पसंदीदा वाक्य जो वे अक्सर कहते हैं , और फोन पर भी सुनने को मिलता रहता है - "समय से पहले और किस्मत से ज्यादा किसी को कुछ नहीं मिलता" और " जो हम आज हैं , वो कल नहीं रहेंगे", क्यूंकि बदलाव ही प्रकृति का नियम है , इसलिए सकात्माक बदलाव की तरफ सतत प्रयत्नशील रहना चाहिए।
बहुत सुन्दर विचार हैं आपके पिता जी के, उनको मेरा बारम्बार नमन!!
आपके पिताजी को जन्मदिन की ढेरों बधाई.उनका आशीष और मार्गदर्शन आप पर हमेशा बना रहे......

जयकृष्ण राय तुषार said...

नये घर में पुराने एक दो आले तो रहने दो
दिया बनकर वहीं से माँ हमेशा रोशनी देगी |
ये सूखी घास अपने लाँन की काटो न तुम भाई
पिता की याद आयेगी तो ये फिर से नमी देगी |
मैं अपने इन शेरों के माध्यम से माँ और पिता की स्मृतियों को प्रणाम करता हूँ |दिव्या जी उनका पूर्व में दिया मार्गदर्शन आपको सदैव काम आयेगा |दूसरे लोगों को भी आपसे सीख लेनी चाहिए |

Vaanbhatt said...

भावुक कर दिया आपने तो...लड़कियां कितनी भी दूर चलीं जायें पिता कि लाडली ही रहतीं हैं...

mahendra verma said...

आपकी बातें भावुक कर गईं।
मेरी कामना है कि सभी पिता आपके पिता से प्रेरणा ग्रहण करें।
उन्हें जन्म दिवस की हार्दिक बधाइयां एवं शुभकामनाएं।

udaya veer singh said...

Speechless ,but salute the maneuverability to that one who cares at that extant. That is only beloved Dad undoubtedly .

राज भाटिय़ा said...

बहुत अच्छा लगा आप का आज का लेख,आप के पिता जी को हमारी तरफ़ से भी शुभकामनाऎ, बाकी मां बाप की सेवा सिर्फ़ किसमत वाले ही कर सकते हे, मै चाह कर भी मां बाओ की सेवा ना कर सका, ओर जो पास था वो बीबी के कहने मे लगा रहा, इस लिये दिल छोटा नही करते, हम सब को काम काज भी तो करना हे, ओर अपने मां बाप का सपना भी पुरा करना हे, बेटा हो या बेटी इस से कोई फ़र्क नही पडता बस मां बाप का कहना माने, उन्हे इज्जत दे, यह ही उन के लिये दुनिया की सब से बडी दोलत होती हे

मनोज कुमार said...

भावुक कर देने वाली पोस्ट।
आपके पापा के जन्मदिन पर आपको बधाई!

दर्शन लाल बवेजा said...

भावुक कर देने वाली पोस्ट।

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन said...

माता-पिता के सत्कर्मों का सीधा लाभ संतान को ही मिलता है। उंके जन्मदिन पर शुभकामनायें!

धीरेन्द्र सिंह said...

बैंकिंग सेवा में दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में जाना पड़ता है, सचमुच बेहद चुनौती भरा एक सामाजिक, आर्थिक और राष्ट्रीय सेवा है. इन चुनौतियों और समस्याओं के बीच संतानों के निखार के प्रति समर्पण और प्रतिबद्धता मेरे जैसे अनेकों पाठकों को सहज ही भावुक कर देंगी. आपके द्वारा नमन का अंदाज़ आपके पिताजी की शिक्षा और संस्कार का ही परिचायक है. आप के रूप में आपके पिताजी कितने अधिक समाये हैं आप में. एक यथार्थपरक, सुन्दर और भावुक चित्रण.

priya said...

many happy returns of the birthday to your father, siblings and extended families.

Thoughtful writing.

I read the blog to my father on phone.
I was weeping and most probably he also was.

salutations to the way you compiled your memory.

priya said...

I greet the sharp observation, extraction of appropriate information and reading through the handwriting by G Vishwanath ji and kaushalendra ji

"Your father has a great handwriting. I enlarged the picture and read his message.
I could not see even a single erasure or strike out.
Many of the youngsters today just cannot write like this."

"उनकी हस्तलिपि से प्रतीत होता है कि वे एक पर्फेकशनिस्ट और बड़ी नफासत पसंद व्यक्ति हैं".

prerna argal said...

sabse pahle to aapko aapke pitaaji ke janamdivas per bahut bahut badhaai.betiyaan pitaa ki laadali hotin hain.mata pita se door jaane ke baad bhi unkaa dil to mayeke main hi rahataa hai.bahut hi dil ko chune waali bhaybhini prastuti.badhaai aapko .der hone ke kaaran soorry.

Sawai Singh Rajpurohit said...

आपके पिताजी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ!

Sawai Singh Rajpurohit said...

आदरणीय डॉ.दिव्याजी,
सादर अभिवादन
आपकी बात सही है!

बेटियां कितनी भी दूर क्यूँ न चली जाएँ, सदैव अपने पापा की लाडली ही रहती हैं।

गिरधारी खंकरियाल said...

pitaji ko sadar shubhkamnayen janm din par. saath mein apko bhi sanskarwan hone ki shubhkamnayen

Mantra Insight said...

सबसे पहले उस बेटी को नमन, जिसने आज पिता को गौरान्वित कर दिया, दिव्या आपके पिता ....... के लंबे और सुखी जीवन के लिए मेरी शुभकामनाएं , और इश्वर से आप जैसी बेटी मागुंगा हर पिता के लिए .....

सुरेन्द्र सिंह " झंझट " said...

पिता जी को जन्मदिवस की हार्दिक बधाई.....
शत-शत नमन ...
सदा स्वस्थ रहते हुए शतायु हों ....

sukku said...

Here is wishing your dad a very happy b'day and a healthy, long life! Congratulations to you for being able to write a beautiful and thoughtful blog like this..! I am sure your dad is just as proud of you as you are about him. Those few quoted lines clearly depict the optimism of your dad's personality. I am sure it is from your dad that you have inherited your broad outlook and ability to see always the positives..

Heartfelt remembrance is the best tribute to any relationship, and I want to really thank you for remembering your Dad and making me remember my dad this day. Thanks for sharing your dad's wonderful message !

कविता रावत said...

पिता जी को जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ!

रचना दीक्षित said...

चंदा ने पूछा तारों से , तारों ने पूछा हज़ारों से- "सबसे अच्छा कौन है ? --पापा--मेरे पापा .

पिता जी को जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ.

ZEAL said...

आप सभी को पिताजी की तरफ से हार्दिक आभार ,आपके स्नेह , बधाई एवं शुभकामनाओं के लिए। आप सभी के साथ शामिल हो जाने से हमारी खुशियाँ चौगुनी हो गयीं । पुनः आभार।

सदा said...

"समय से पहले और किस्मत से ज्यादा किसी को कुछ नहीं मिलता"
दिव्‍या जी, खेद है मैं फिर विलम्‍ब से आई हूं ... इतनी अच्‍छी पोस्‍ट को पढ़ने में देर कर दी खैर ... पापा को और उनकी लाडली को ढेर सारी शुभकामनाएं ... ऊपर वाली लाइन मुझे हमेशा ही भाती है और इसे अक्‍सर दुहरा भी देती हूं ... ।

Dilbag Virk said...

har beti ka apne papa se pyar bna rhe

मीनाक्षी said...

पिताजी के जन्मदिन की बधाई और इस मौके पर आशीर्वाद की कामना..
पिता पर लिखे लेख भावुक कर जाते हैं....डैडी की पहले आवाज़ चली गई फिर वे....उनके विदा होने से पहले के हज़ारों नोट आज भी सहेज कर रखे हुए हैं...

वाणी गीत said...

आपके पिताजी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें ...देर से ही सही !

दिगम्बर नासवा said...

पिताजी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें ...

कुश्वंश said...

पहले तो बेहतरीन पिताजी को हार्दिक शुभकामनाये एक लाडली बेटी के पिता के लिए भी बधाई, लड़कियां सदैव से पिताओं को प्यारी होती है , बेटियां होती ही प्यारी है दिव्या जी, दिलों के कुछ ज्यादा करीब, अगली पोस्ट जरूर पढियेगा आपको अच्छा लगेगा .

अविनाश मिश्र said...

बेटियां होना भी कितना कष्टदाई होता है कभी-कभी । जो माता पिता हमें इतने कष्ट उठाकर हमें पढ़ाते लिखाते हैं , और किसी काबिल बनाते हैं , उनसे दूर हो जाना पड़ता है विवाहोपरांत । जब वे बूढ़े हैं , और उन्हें हमारी सेवा की ज़रुरत होती है , तो हम लाचार और विवश , उनसे मीलों दूर बैठे हुए होते हैं , चाहकर भी कुछ नहीं कर सकते । सिर्फ याद कर सकते हैं।

दिव्या जी बहुत ही सत्य बात आपने कही है.... रिश्तों का बंधन ऐसा ही है..

पिता जी को जन्म दिन की बधाई
avinash001.blogspot.com

प्रतुल वशिष्ठ said...

पिता ...... हमारे लिये परमपिता से कम नहीं.
.. वह हमारा चाक्षुष पालनकर्ता है.
.. वह हमारी जरूरतों को पूरा करने के लिये प्रयास करता दिखता है.
.. वह हमारी हिम्मत टूटने पर मनोबल को फिर से उन्नत करता है.
.. वह चौतरफा सुरक्षा देने के लिये परिस्थितियों का निर्माण करता है.
.. दुष्ट और शैतान आत्माओं से बचाने के लिये अपने सटीक अनुमानों से बहुत पहले ही सतर्क कर देता है.
.. वह माता से कम महत्वपूर्ण नहीं है.. वह माता के पूर्ण समर्पित अंधे प्रेम की 'चौकन्नी खुली' आँखें हैं.

... है न पिता परमपिता से बढ़कर...
इस परमपिता से तो हम लाड़ में लड़-झगड़ भी सकते हैं. पिता फिर भी अपना स्नेह अपनी गंभीरता में छिपा लेता है.
वह प्रायः उसे प्रदर्शित कम ही करता है .... पिता के प्रेम को पहचानने की आँखें पिता से प्रेम करने वाले पुत्र और पुत्री के ही पास होती हैं.

JC said...

दिव्या जी, आपके पिताजी को उनके अपने जन्मदिन पर हार्दिक अभिनन्दन!
हमारे (चार भाई और दो बहिनों के) पिताजी भी मई माह की ११ तरीख को पैदा हुए थे और मेरी सबसे छोटी बेटी और उसका ४ वर्षीय बेटा भी मई माह में ही पैदा हुए, क्रमशः २३ और १८ तरीख को !
मेरी पत्नी का देहांत '९९ में हो गया था और तभी से मैं बेटियों के सहारे जी रहा हूँ भले ही वो मुझसे दूर रहती हैं !

Maheshwari kaneri said...

देर से ही सही ,आपके पिताजी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें ...और आप को बधाई...

Ashok Saluja said...

बहुत-बहुत शुभकामनायें!

Chand K Sharma said...

दिव्या जी – आप ने बहुत भावुक और हृदय स्पर्शी पोस्ट लिखी है। आप की भावनायें तो आप के चेहरे पर ही लिखी रहती हैं लेकिन विचारों की प्रस्तुती भी अपने में बहुत सार्थक है। वैसे जिस तरह के पिता हैं उसी तरह की स्पुत्री भी उन्हें प्राप्त हुयी है जो भगवान का आशीर्वाद ही है। भगवान आप के पिताश्री को दीर्घायु प्रदान करें।