Saturday, June 22, 2013

कांग्रेसियों का आपदा-प्रबंधन

कांग्रेसियों का आपदा-प्रबंधन अनोखा है। भावी प्रधानमंत्री राहुल और आपदाग्रस्त राज्य के मुख्यमंत्री विदेशों में सैरसपाटा करते हैं ! सोनिया उत्तराखंड की जगह राजस्थान का दौरा करती हैं और दसियों हेलिकौप्टर अपनी सेवा में लगाती हैं जबकि इन्हें आपदाग्रस्त लोगों को बचाने में लगाना चाहिए ! -- इनका दूसरा मजेदार तरीका है सरकारी आंकड़ों के साथ खिलवाड़ करना ---अभी तक मात्र ५०० मरे हैं , जबकि फंसे हुए ७५,००० लोगों की संख्या सीधे ५०,००० कर दी। अगले ४८ घंटों के बाद दुबारा कहर आने की आशंका है , कैसे बचेंगे फंसे हुए लोग ? कांग्रेस के सरकारी आंकड़े कागजों पर सब-कुछ ठीक कर लेंगे।

प्रशासन की इतनी कुव्यवस्था देखने के बाद भी जो कांग्रेस को वोट करे वो गद्दार है , इसमें कोई दो राय नहीं।

Zeal

12 comments:

दिगम्बर नासवा said...

कुछ होगा इस बाबत ... मीडिया भी कुछ कहेगा ... कभी नहीं ....

पूरण खण्डेलवाल said...

सही कहा आपनें !!

काजल कुमार Kajal Kumar said...

दुखद

Bhola-Krishna said...

आपदायें कैश करना आप इनसे सीखिये !
हर कहर से धन कमाना आप इनसे सीखिये !
मरें तो मरते रहें ,ये वोट ना देते हमें,
मौत पर हंस हंस के गाना आप इनसे सीखिये !==
=== वास्तविकता जान कर दुखी हो गया मन

Ramakant Singh said...

सत्य बहुत कडुवा बोल जाती हैं किन्तु सत्य नकारा भी नहीं जा सकता

पी.सी.गोदियाल "परचेत" said...

सबसे बड़ी आपदा तो आजकल ये बन गए है , पहने देश को इनका प्रबंधन करना चाहिए ,बाकी आपदाओं का प्रबंधन तो बाद में होता रहेगा !

पी.सी.गोदियाल "परचेत" said...

सबसे बड़ी आपदा तो आजकल ये बन गए है , पहने देश को इनका प्रबंधन करना चाहिए ,बाकी आपदाओं का प्रबंधन तो बाद में होता रहेगा !

सारिक खान said...

U r a real Iron Lady.

प्रसन्न वदन चतुर्वेदी said...

सामयिक और सटीक प्रस्तुति...बहुत ही अच्छी प्रस्तुति... बहुत बहुत बधाई...

@मेरी बेटी शाम्भवी का कविता-पाठ

आशा जोगळेकर said...

सही कहा दिव्या जी । देख सुन कर जो ना समझे उसे क्या कहें । हमारी जनता का वोट तो कंबल और एक बोतल शराब में ही बिक जाता है .

ZEAL said...

५०, ००० से अधिक लाशें दबी और बिखरी पडी हैं , लेकिन सरकारी आंकडा मात्र ८०० का है। --आखिर क्यों ? देश पर आयी इस आपदा में दिखी कुव्यवस्था के लिए सरकार जवाब दे। लाखों हिन्दुओं को मरवा दिया। इस साजिश का जवाब दे। मदद के लिए तत्पर मोदी को क्यों रोका सरकार ने ? सरकार अपने निकम्मेपन के लिए जवाबदार है, ----जवाब दे !

Dr.Ashutosh Mishra "Ashu" said...

बिलकुल सही कहा है आपने