Sunday, August 11, 2013

ज़रा इनका बौद्धिक स्तर देखिये

१. यूपी के लोग भिखारी होते हैं - राहुल गाँधी

२. पंजाब के 70% लोग नशेड़ी होते हैं – राहुल गाँधी

३. 90% बलात्कार तो लड़की की मर्जी से होते हैं – धरम वीर गोयत (हरयाणा कांग्रेस के प्रवक्ता)

४. बीवी पुरानी हों जाये तो मजा नहीं आता – प्रकाश जैसवाल (कोयला मंत्री)

५. महंगाई अच्छी है, ये तो ऐसे ही बढ़ेगी – पी चिदंबरम

६. बलात्कार तो हर जगह होता है – रेणुका चौधरी

७. मंदिर से ज्यादा अहम है शौचालय – जयराम रमेश

८. पाकिस्तान के हिंदुओं को अपने ऊपर हों रहे अत्याचार के सबूत देने होंगे – सुशील शिंदे

९. मैं सोनिया जी के लिए जान तक दे दूँगा – सलमान खुर्शीद

१०. बोफोर्स की ही तरह कोयला घोटल भी जनता भूल जायेगी – सुशील शिंदे

११. हमारे सैनिकों को पाकिस्तान की सेना ने नहीं बल्कि उनकी वर्दियों में आतंकवादियों ने मारा है- AK

१२. पुलिस और सेना के लोग मरने के लिए ही होते हैं – भीम सिंह

१३. पीने के लिए पानी नहीं है तो क्या बांधों में पेशाब कर के ला दूं - अजित पवार

१४. महंगाई ज्यादा सोना खरीदने की वजह से बढ़ रही है – पी चिदंबरम

१५. हमें बिना आईएस के यूपी को चला लेंगे – रामगोपाल यादव

१६. पैसे पेड़ पर नहीं लगते – मनमोहन सिंह

१७. हमारे पास कोई जादू की छड़ी नहीं है जिससे महंगाई पर काबू किया जाये – मनमोहन सिंह

१८. गरीबी सिर्फ दिमाग का वहं है – राहुल गाँधी

१९. इस देश को हिन्दुओ से ज्यादा खतरा है – राहुल गाँधी

२०- बतला हाउस में आतंकवादियों के मरने पर सोनिया जी बहुत रोयीं थीं - सलमान खुर्शीद

२१- सत्ता ज़हर है और माँ मेरे कमरे में आके रात में रोयीं थी - राहुल गाँधी

12 comments:

पूरण खण्डेलवाल said...

एक तो भूल ही गयी आप जिसमें दिग्विजय सिंह नें कहा था कि बच्चा बच्चा राम का राघव जी के काम का !

गिरिजा कुलश्रेष्ठ said...

देश को भी इसी स्तर पर लेजाने की कसम खाए हुए हैं ।

पी.सी.गोदियाल "परचेत" said...

इनका बौद्धिक स्तर तो जग जाहिर है,किन्तु तरस उनके बौद्धिक स्तर पर आता है, जिन्होंने इन्हें अपना रहनुमा बना के रखा है !

कुशवंश said...

इन्हें खास लोग मत माने ये आम लोग है जिन्हें हम खास बनाये हुए है .. और इनसे महान पुरुषों सी उम्मीद नहीं करनी चाहिए .. मूल्यों, संस्कारों की बात बेमानी है जब एक एक वोट के लिए सब कुछ ताक पर रख दिया जाये .

Vaanbhatt said...

ये संकलन काबिल-ए-तारीफ़ है...इसको लेकर पूरी राजनीतिक महाभारत लिखी जा सकती है...सारे पात्र मिल जायेंगे यहाँ...

काजल कुमार Kajal Kumar said...

:-(

प्रतिभा सक्सेना said...

थोथा चना बाजे घना ,पर घुन-लगे चनों को क्यों सेंत रखा है ?

Sudhanshu Awasthi said...

बिलकुल सटीक लिखतीं हैं आप दिव्या जी,
सत्ता के लोलुपों को इन सबसे कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि..........

1. यूपी के लोग भिखारी हैं इसीलिए पूरा गांधी परिवार यूपी में हाँथ जोड़े खड़ा रहता है.

2.राहुल जी कभी जाम टकराया है क्या पंजाबियों से ?.

3.बाकी के 10% बलात्कार धर्मवीर गोयत की मर्जी से होतें हैं

4. अच्छा हुआ श्री प्रकाश जी आपने अपनी माँ का नाम नहीं लिया ..

5. पी. चिदंबरम जी आप की तरह गरीबों के स्विस बैंकों में खाते नहीं होते .

6.ये अलग बात है कि बलात्कार की पीड़ित आम महिलायें होती हैं रेणुका जी आप नहीं .( आप होतीं तो शिकायत ही नहीं करती )

7. जयराम रमेश के पूर्वज शौचालय सफाई कर्मी थे .(पुश्तैनी काम के प्रति लगाव स्वाभाविक है )

8.सुशील शिंदे को 2 महीने के लिए पाकिस्तान भेज देना चाहिये.

9.सलमान खुर्शीद के जान देने वाली बयान की जांच होनी चाहिए (कहीं ये सलमान का सोनिया से एकतरफा प्यार वाली बात तो नहीं ).

10.2014 के चुनाव में जनता कांग्रेस को भी भूल जायेगी.

11. जवानों को मारने वाले पाकिस्तानी आतंकवादी नहीं कश्मीरी हिन्दू थे .(वोट बैंक बढ़ जाता )

12.भीम जी कभी नीतीश के साथ बार्डर गए हो ?(दिव्या जी पता करो इसका नाम भीम किसने रक्खा ?नाम भीम सिंह बयान शिखंडी के ).

13. अजीत पवार अभी तक क्या स्वनिर्मित पानी से ही काम चला रहें थे.

14. पी चिदंबरम अपनी बीबी को खादी की धोती क्यों नहीं पहनाते .

15. यूपी तो बिना मुख्यमंत्री के भी चल सकता है .( अच्छा हुआ कि ये शब्द अपने बाप के लिए नहीं बोला कि रामगोपाल तो बिना बाप के भी पैदा हो सकता था ).

16. मेरे मन को मोहने वाले मनमोहन जी पैसे तो स्विस बैंको में लगते हैं (एक खाता मेरा भी खुलवा दो मेरी बीबी की दुआएं लगेंगी आपको )

17. आपके पास छड़ी हो या न हो पर जनता के पास लाठी जरूर है मनमोहन जी (जो पता नहीं कहाँ-कहाँ डालेगी )

18.राहुल जी , चिकन बिरयानी के साथ ठंडी बियर की जगह बाजरे की रोटी नमक के साथ खा कर तो दिखाओ.( आपका अहम् और जनता का वहम दोनों पता चल जाएगा)

19. राहुल जी , अपने अब्बा का नाम भी बता देते (देश को हिन्दुओं से खतरा है तो क्या सभी हिन्दू आपकी तरह अपना खतना करवा लें) .

20.सोनिया जी आप ने अगर इतने आंसू राजीव जी की मौत पे बहाए होते तो उनकी आत्मा को भी शान्ति मिलती .

21. आपकी अम्मी जहर पीने के बाद रोई थी या पहले, ये भी तो बता देते .
.....

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी इस प्रविष्टी का लिंक कल मंगलवार (13-08-2013) को "टोपी रे टोपी तेरा रंग कैसा ..." (चर्चा मंच-अंकः1236) पर भी होगा!
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

Ramakant Singh said...

टुकड़ों कहे वाक्य की गंभीरता नहीं भयानकता झलकती है

Dr.Ashutosh Mishra "Ashu" said...

सिलसिलेवार एक एक घटना याद आती गयी ..चिंतन तो इन्हें करना चाहिए ..इस लेख को जरूर पढ़ें , मनन करें ..वाकई लगता ही नहीं इतने बड़े देश के इतने लोगों के प्रतिनिधि है ये लोग ..आपके इस संकलन पर बढ़ायी ...यदि आप अनुमति दे तो मैं इस फेस बुक पर शेयर कर सकूं ..सादर

राजेंद्र कुमार said...

अतिसुन्दर ,स्वतन्त्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनायें।