Showing posts with label श्रीमान जी. Show all posts
Showing posts with label श्रीमान जी. Show all posts

Wednesday, September 7, 2011

आज दाढ़ी बनाने की ज़रुरत है क्या ?

अच्छी भली पोस्ट लिखने का इरादा था लेकिन विघ्न डाल दिया उसी बोरिंग प्रश्न से - " दाढ़ी बनाने लायक हो गयी क्या ?"

अरे भाई मुझे क्या पता खर-पतवार को काटने का मानक क्या है। दर्पण देखिये और निर्णय लीजिये प्रतिदिन एक-आध मिलीमीटर तो बढ़ ही जाती होगी। रोज बनाने में हर्ज ही क्या है। अब पत्नियाँ ये निर्णय करेंगी की दाढ़ी बनायीं जाए अथवा नहीं? सीधी सी बात है , आलस आता होगा , कामचोरी सूझती होगी तो सुनना चाहते होंगे की श्रीमती कह दे- " रहने दीजिये , आज काम चल जाएगा" आलसीपने का इल्जाम भी नहीं आएगा और मेहनत से भी बच जायेंगे। दफ्तर में किसी ने टोक भी दिया तो पत्नी का नाम लगाकर बच भी जायेंगे की उसी ने रोक दिया , मैं तो तत्पर था दाढ़ी बनाने को, दो मिनट ही तो लगता है। वे रोकतीं तो मैं तो रोज ही बनाता हूँ।

पिछले कई वर्षों से सुबह-सुबह यही प्रश्न झेलती थी। पत्नी धर्म निभाने के लिए रोज ही magnifying glass लेकर देखना पड़ता था कितना नैनो मीटर की पैदावार हुयी है। फिर बहुत जिम्मेदारी के साथ बताना पड़ता था, बनाइये अथवा काम चला लीजिये। अनायास का टेंशन, कहीं गलत निर्णय दे दूँ।

खैर अब विकल्प ढूंढ लिया है , जो सभी पत्नियों के लिए उपयोगी साबित होगा अब जब मुझसे यह बोरिंग प्रश्न पूछा जाता है तो मैं अपने लैपटॉप से बिना निगाह हटाये ही उत्तर देती हूँ- " बहुत बढ़ गयी है दाढ़ी , काम नहीं चलेगा , तुरंत बनाइये, लोग क्या कहेंगे की आप आलसी हैं और अनुशासित नहीं हैं। दातून करने के समान यह भी प्रतिदिन होना चाहिए" यह विकल्प कारगर साबित हो रहा है। अब मुझे magnifying glasses की ज़रुरत नहीं पड़ती , निर्णय लेने का श्रम नहीं करना पड़ता गलत निर्णय लेने के अनायास बोझ तले दबना नहीं पड़ता। लैपटॉप पर कार्य भी निर्विघ्न चलता रहता है। श्रीमान जी भी अनुशासित बालक की तरह दैनिक गृहकार्य की तरह इसे निष्ठां के साथ निभाने लगे हैं। आखिर हर समस्या का कोई कोई विकल्प तो होता ही है। ज़रूरी तो नहीं हर प्रश्न का उत्तर संजीदगी से दिया जाए ....Smiles !!!!!

यह आलेख पत्नियों के लिए जन-हितार्थ लिखा गया है। संभवतः आप भी इस nagging प्रश्न से पीड़ित होंगीं। आजमाइए यही नुस्खा

और हर पत्नी के पतियों को यही समझाइश है की शराफत से अपनी दाढ़ी रोज़ बनाएं। आलस्य करें , अनुशासित रहे फिर देखें घर और बाहर, बस आप ही आप होंगे।

यदि आप लोग नहीं सुधरे तो एक अंतिम विकल्प भी है-- एक और पोस्ट लिखी जायेगी।

Wink ! wink ! Wink !

Zeal