जब
भी कोई बड़ा काम कीजिये , 'स्तरीय' कीजिये ! श्रीमान रघु जी की तरह
'ROADIES' (सड़कछाप) बनने और युवाओं को गाली गलौच सिखाने का कोई औचित्य
नहीं है! आमिर खान की 'THREE IDIOTS' जैसी फिल्मों में सस्ता मनोरंजन
तो है लेकिन वो युवाओं को दिग्भ्रमित भी करता है ! शिक्षकों का कैसे मखौल
उडाना है , यह ऐसी फिल्मों से भली-भाँती सीखा जा सकता है! व्यक्ति को अपने
हर शब्द के प्रति जिम्मेदार होना चाहिए ! हमारे द्वारा आज की तारीख में
लिखा हर शब्द कल का इतिहास होगा ! अतः हर शब्द गरिमामयी हो , अर्थपूर्ण हो
और प्रेरणादायी हो, चाहे वो किसी संस्था का नाम हो अथवा आपके ब्लौग का नाम
, अथवा आपकी संतानों का नाम !--नाम की महिमा बहुत है ! --जय हिन्द! वन्दे
मातरम् !
Zeal