Mithilesh dubey has left a new comment on your post "निर्वस्त्र होने से क्रांति नहीं आती , ना ही न्याय ...":
मेरा कमेन्ट क्यूँ प्रकाशित नहीं किया गया ??? उसमे क्या अभद्रता थी , कृपया उसे सार्वजनिक करें अन्यथा अपनीछिछा लेधर के लिए तैयार रहिये , शायद आपने अभद्रता देखी नहीं है अभी तक ????
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Posted by Mithilesh dubey to ZEAL at February 21, 2011 7:21 PM
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मेरा कमेन्ट क्यूँ प्रकाशित नहीं किया गया ??? उसमे क्या अभद्रता थी , कृपया उसे सार्वजनिक करें अन्यथा अपनीछिछा लेधर के लिए तैयार रहिये , शायद आपने अभद्रता देखी नहीं है अभी तक ????
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Posted by Mithilesh dubey to ZEAL at February 21, 2011 7:21 PM
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उपरोक्त टिपण्णी है मिथिलेश दूबे जी कि , जिन्होंने तिलमिलाकर मेरी छिछा लेदर करने कि धमकी दी है । दूबे जी , आप स्वतंत्र हैं अपने ब्लॉग पर कुछ भी करने के लिए । ब्लॉग भी आपका है और लेखनी भी आपकी । जी भरकर छिछा-लेदर कीजिये ।समझ नहीं आता ये ब्लोगर किसी कि रोजी-रोटी चलाते हैं जो इस अंदाज में धमकाते हैं जैसे सरपरस्त हों ।
न मैं किसी कों जबस्दास्ती अपनी पोस्ट पढने कों कहती हूँ , न ही टिपण्णी करने कों । पाठकों पर किसी प्रकार कि पाबंदी नहीं है । और मुझ पर भी किसी प्रकार का दबाव नहीं है । कोई भी मुझे अपनी टिपण्णी छापने के लिए विवश नहीं कर सकता ।
जो लोग विषय पर सहमत या असहमत हैं , उन दोनों के विचारों का स्वागत है , लेकिन जो लोग द्वेष , ईर्ष्या , पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर कमेन्ट लिखते हैं , उनका स्वागत कतई नहीं है । मुझे सबसे बुरे वे लोग लगते हैं जो व्यक्तिगत आक्षेप करते हैं लेखिका पर । ऐसी अभद्र टिप्पणियां सीधे spam में जाती हैं। समय नष्ट करने वाले , धमकी देने वाले और झगडालू लोग दूर ही रहे।
जो समय एक सकारात्मक लेख लिखने में लगना चाहिए वो इन भड़ासियों के कारण बर्बाद हो जाता है । बहुत सोचा इसको avoid कर दूं , लेकिन फिर लगा कि इनका असली चेहरा भी सामने आना चाहिए लोगों के ।
दूबे जी , जाइए अपने ब्लॉग पर दिव्या को जी भरकर गाली दीजिये । बहुत से लोग यही कर चुके हैं , आप भी उसी जमात में शामिल हो जाइए । आपकी छिछा लेदर पर दो चार छछूंदर तो आ ही जायेंगे उचकते हुए , आपको मरहम लगाने और अपनी पुरानी रंजिश निकालने।
याद रखियेगा , शांतिप्रिय एवं समझदार ब्लोगर्स के पास नीर-छीर विभाजन करने का विवेक है । वो अपनी बुद्धि से किसी के बारे में राय बनाते हैं। आप जैसे भड़ासियों कि द्वेषपूर्ण पोस्ट द्वारा नहीं।
जैसे दुनिया अच्छे लोगों पर टिकी हुई है वैसे ही ब्लॉगजगत में भी बेहतरीन लोगों कि कमी नहीं है । बहुत से पाठक और ब्लोगर्स मित्रवत हैं, जिनकी शुभकामनायें ही मेरी ताकत हैं।