हिन्दुस्तान के हर घर और दफ्तर में तारीखें बदल गयीं ! हर फाइल पर एक नया वर्ष अंकित हो चुका ! हर कंप्यूटर, हर मोबाइल और हर घडी में सबकुछ बदलकर २०१६ हो गया , फिर आज के दिन को पिछले वर्ष के साथ कैसे जोड़ा सकता है ! आज जब हम भारतीय, हर क्षेत्र में FDI आदि के माध्यम से विदेशों की गुलामी कर रहे हैं तो फिर अंग्रेजी कैलेण्डर का विरोध क्यों? और केवल आज के दिन ही क्यों? साल के तीन सौ पैसठ दिन तो हम इस्तेमाल इसी कैलंडर को करते हैं, फिर आज के दिन इस कैलेण्डर को इतनी दुत्कार क्यों?
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जब किसी में इतना दम ही नहीं की अपना हिंदी कैलेण्डर, अपने ही हिन्दुस्तान में, प्रचलन में ला सके, तो व्यर्थ अंग्रेजी कैलेण्डर को कोसने से लाभ क्या ? भारत भूमि पर अब कोई माई का लाल पैदा नहीं होगा जो अपनी तिथि, अपनी हिंदी, अपनी परंपरा और अपनी संस्कृति को पुनर्स्थापित कर सके !
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जब किसी में इतना दम ही नहीं की अपना हिंदी कैलेण्डर, अपने ही हिन्दुस्तान में, प्रचलन में ला सके, तो व्यर्थ अंग्रेजी कैलेण्डर को कोसने से लाभ क्या ? भारत भूमि पर अब कोई माई का लाल पैदा नहीं होगा जो अपनी तिथि, अपनी हिंदी, अपनी परंपरा और अपनी संस्कृति को पुनर्स्थापित कर सके !
हिंदी कैलेण्डर की तो बरसी मनाते हैं हम भारतीय !