निसंदेह हिन्दुओं और हिंदुस्तान को यदि कोई बचा सकता है तो वह है बीजेपी। कुछ लोगों का कहना है की बीजेपी में कोई बेवकूफ नहीं बैठे हैं, सभी एक से बढ़कर एक दिग्गज हैं। उनके पास भी अकल है। वे भी कूटनीति कर रहे हैं और अपनी रण नीति बना रहे हैं। लेकिन प्रश्न यह है की वह रणनीति दिखेगी कब ? उत्तर प्रदेश के चुनाव निकल गए। सब कुछ अपने हाथ में ही था लेकिन नहीं वे तो निश्चिन्त थे। , फिर राष्ट्रपति के नाम पर भी एकमत न हो पाये। काश कलाम के नाम पर ममता की तरह अड़े ही रहते तो डॉ कलाम शायद अपना नाम वापस नहीं लेते। फिर प्रणब को भी कांटे की टक्कर मिलती और वे फूल कर कुप्पा नहीं होते। कांग्रेस की रण नीति स्पष्ट है, वह तो साम , दाम, दंड , छेदन , विभेदन और आतंक सभी हथियार को इस्तेमाल करके अपने कलाकार सभी सर्वोच्च पदों पर बैठा रही है। पहले मीडिया खरीद ली, फिर सीबीआई और अब तो राष्ट्रपति भी उनका है। सुन-गुड्डा प्रधानमन्त्री तो पहले ही बेमोल उनका हो चुका था। बीजेपी को भी अपनी रणनीति अब स्पष्ट कर देनी चाहिए। बाई हुक और बाई क्रूक , सत्ता हथिया ही लेनी चाहिए। नहीं तो कहीं देर न हो जाए, पहले आप, पहले आप की रण नीति में....