जिस
तरह से मोदी के लिए अमेरिका को हमारे सांसदों ने चिट्ठी लिखी है उससे दो
तिन बाते साफ़ हो जाती है। पहली तो ये की अगर मोदी आदमखोर हैं यमदूत हैं तो
हमारे नेता इस यमदूत के साथ तो अपने देश में रह सकते हैं पर यह यमदूत
अमेरिका जाए इन्हें स्वीकार नहीं। मतलब अमेरिका की जनता की सुरक्षा के लिए
ये ज्यादा चिंतित है भारतीयों के लिए नहीं। दूसरी बात हमारे नेता लिखना
जानते है. ख़ुशी होती अगर ये चिट्ठी इन मुद्दों पर राष्ट्रपति/प्रधानमंत्री
को लिखते
- उत्तराखंड में लोगो को क्यों नहीं बचाया गया ?
- रूपया इतना गिरता क्यों जा रहा है ?
- भ्रष्टाचार क्यों इतना बढ़ गया है ?
- महंगाई क्यों बढती जा रही है
- चीन हमारे सीमा के अन्दर क्यों घुस गया ?
- दिल्ली बलात्कार के आरोपी को सजा जल्दी क्यों नहीं दी जा रही ?
- कश्मीरी पंडित अपने ही देश में अनाथ क्यों जी रहे हैं ?
-कश्मीर का आधा भाग पाकिस्तान से वापस क्यों नहीं लिया जा रहा ?
- हमारे सैनिको का सर काट के ले जाने वालो को जवाब क्यों नहीं दिया गया ?
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हमेशा
शांति की भीख मांगने वाले हिन्दुओं .....आजतक के इतिहास का सबसे बड़ा संकट
हिन्दुओं पर आने वाला है , ईसाईयों के ८० देश और मुल्लो के ५६ देश है , और
हिन्दुओं का एकमात्र देश भारत ही अब हिन्दुओं के लिए सुरक्षित नहीं रहा.
भारत को एक फ़ोकट की धर्मशाला बना दिया गया है जहाँ इसके मेजबान हिन्दू ही
बहुत जल्दी मुल्लो की सेना तैयार करने वाली संस्था PFI द्वारा शुरू होने
वाले गृहयुद्ध में कश्मीर की तरह पुरे भारत में हिन्दुओं के हाथ पैर काट
दिए जायेंगे, आंखे निकाल ली जाएँगी , बहन बेटियों के साथ सामूहिक बलात्कार
करके उनकी छातियाँ काट के वहां अल्लाह के नाम की गरम मोहरे दाग के अपनी
निशानी छोड़ दी जाएगी , और कश्मीर की ही तरह उनकी सुरक्षा के लिए कही पे भी
सरकार नाम की दलाल संस्था कोई भी सेना नहीं भेजेगी और अगर भेजेगी भी तो
मुलायम सिंह की तरह अयोध्या के रामभक्तों की तरह समस्त हिन्दुओं पे गोली
चलने के लिए.....
नपुंसक हिन्दू खुद तो ख़तम हो रहा है और समस्त विश्व
के कल्याण की बकवास करता फिरता है जबकि समूचा विश्व ईसाई और मुल्ला उसको
पूरी तरह निगल लेने की पूरी तैयारी कर चूका है...आज तक हिन्दू जितनी अधिक
उदारता और सज्जनता दिखलाता रहा है , उसको उतना ही कायर और मुर्ख मान कर
उसपे अन्याय, और हर तरह का धार्मिक , सामाजिक और आर्थिक विश्वासघात किया
जाता रहा है ...और हिन्दू है की आंख बंद कर के बस कहावतों में जिंदा रहकर
बस भगवान के शांति स्वरूपं की पूजा करते करते सच में नपुंसक बन chuka है !