Showing posts with label vices. Show all posts
Showing posts with label vices. Show all posts

Friday, April 1, 2011

आज 'सुधार दिवस' है --आप सभी को बधाई एवं शुभकामनायें .

प्रतिदिन कोई न कोई दिवस होता है जिसकी हमें जानकारी नहीं होती। आज सुधार दिवस है। इस दिन हर व्यक्ति को स्वयं में सुधार लाने का पयत्न करना चाहिए। मैं स्वयं को सुधारना चाहती हूँ , इसके लिए पिछले एक दशक से प्रयासरत हूँ। मुझे लगता है आप लोग भी मेरी मदद कर सकते हैं मुझे सुधारने में। इसलिए आपको जो भी कमी मुझमें दिखती हो , उसे निसंकोच टिपण्णी के माध्यम से मुझ तक पहुंचाइए। इस तरह से आप मुझ पर एक उपकार करेंगे।

आपको संकोच न हो इसलिए अपनी कुछ खामियां स्वयं ही लिख रही हूँ , आगे की कड़ी आप बनायेंगे।

  • बहुत अंतर्मुखी हूँ
  • संवेदनशील हूँ
  • अति गंभीर हूँ
  • बचपन में रोती बहुत थी ( इस मामले में सुधर चुकी हूँ , रोती नहीं हूँ अब)
  • जिससे स्नेह करती हूँ , उसपर स्नेह बहुत ज्यादा लुटाती हूँ , जिससे उसका दम घुटने लगता है ( सुधार जारी है , ज्ञान होते ही दूरी बना लेती हूँ ताकि लोगों को oxygen मिल सके )
  • अक्सर सच बोलती हूँ , जो मित्रों को आहत कर देता है ( सुधार जारी है ..)
  • संवेदनशील होने के कारण , कभी व्यक्तिगत दुःख तो कभी समाज में फैली अनियमितताओं से दुखी हो जाती थी जिसके फलस्वरूप मेरा उत्साह शून्य पर पहुँच जाता था , इसलिए अपना नाम 'ZEAL' रख लियाजिसका अर्थ है - उमंग, उत्साह , जोशआज बहुत से मित्र 'ज़ील' या 'ZEAL' पुकारने लगे हैं , जिससे उत्साह की निरंतरता बनी रहती है
  • भावुक होने के कारण , समाज के भ्रष्टाचार से ह्रदय जल्दी व्यथित होता था और मित्रों का आरोप था की भावुक लोग कमज़ोर होते हैं , इसलिए खुद को लोहे के समान कठोर बनाना चाहती हूँ । ( प्रयास जारी है )
  • कुछ मित्रों का ये भी कहना है की मैं बहुत कठोर हूँ और मुझे स्नेह करना ही नहीं आताबिलकुल blunt हूँवैसे मुझे ये बात सच नहीं लगतीफिर भी लोगों के बार-बार ऐसा कहने से यही सच लगने लगा है (सुधार जारी है)

ज्यादातर लोग शिष्टाचारवश मेरी कमियाँ मुझे नहीं बताते । लेकिन आज सुधार दिवास है , इसलिए निसंकोच और बेझिझक होकर मेरे दोषों को इंगित कीजिये। मुझ पर उपकार होगा। सबसे ज्यादा कमियां बताने वाला मेरा सबसे बड़ा शुभ-चिन्तक होगा ।

आपके विचार जानने के बाद स्वयं में सुधार-प्रयासों की गति और भी तेज़ कर दी जायेगी ।

आपके स्वागत में ....