Saturday, August 6, 2011

राज भी विदेश पर और इलाज भी विदेश में !

राज करने के लिए भारत से अच्छा देश कौन सा मिलेगा भला ! गरीबी के नीचे बसर कर रही 40 % जनता को बहलाना कोई मुश्किल काम नहीं ! बाकी बचे अल्पसंख्यकों को रंगीन सपने दिखाकर पिछले ६४ वर्षों से बखूबी बहलाया जा रहा है ! अतः निष्कंटक राज करने के लिए भारत से बेहतर भूमि दूजी कोई न होगी ! अंग्रेज हों या मुग़ल , इटालियन हों या फिर जापानी , भारत देश सबका स्वागत करता है - "अतिथि देवो भव"

चलिए राज कर लीजिये लेकिन जिस देश पर बरसों से राज कर रहे हैं , कम से कम उसकी चिकित्सा व्यवस्था में आस्था तो रखिये ! इलाज के लिए विदेश मत जाइए , भारत भूमि पर श्रेष्ठ चिकित्सकों का अकाल नहीं है ! अमेरिका में इलाज कारायेंगे तो स्वार्थपरक अमेरिकी नीतियों का विरोध कैसे करेंगे ? झुकने और मानने के लिए बाध्य होना ही पड़ेगा ! कुछ तो आस्था रखिये अपने ही राज में !

हमारे देश के अमीर नेता यदि विदेशों में इलाज करायेंगे तो देश का सफ़ेद धन अनायास ही देश से बाहर जाता रहेगा !

खैर देश के सभी ऐश्वर्यवान नेताओं को स्वास्थ्य लाभ की शुभकामनाएं !



52 comments:

सुज्ञ said...

ले जाओ, देश की धन-सम्पत्ति और आपके स्वास्थ्य के प्रति हमारी सन्मति दोनो!!!!

ajit gupta said...

lekin hua kya hai? rog ke hisaab se hi to shubhkamna denge.

वीना said...

इलाज व्यवस्था पर शायद ये लोग, ये नेता विश्वास नहीं करते...
बढ़िया...

चन्द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’ said...

good

वन्दना said...

विदेशियों से और उम्मीद क्या की जा सकती है इसी से पता चलता है कि कितना इस देश को अपना माना है क्या यहाँ इलाज संभव नही था जो विदेश जाना पडा ? गैर हमेशा गैर ही रहता है और शायद ऐसी लाइलाज बीमारी भी नही है कि उसका इलाज यहाँ संभव ना हो सकता हो मगर विदेशी जो ठहरे।

डा.राजेंद्र तेला"निरंतर" Dr.Rajendra Tela,Nirantar" said...

Thanks for your encouragement and response on
"Life’s bitter reality":
As far as treatment in u s a ,double faced people have been ruling the country ,in their own interest and not for people,

upendra shukla said...

आपने ने इन नेताओ के बारे में बहुत कुछ सही लिखा है! क्यों की ये लोग देश में कम विदेश में रहना जायदा पसंद करते है !

DR. ANWER JAMAL said...

अच्छे डाक्टर भारत से पलायन कर जाते हैं तो मरीज़ को भी जाना पड़ता है विदेश, उनकी तलाश में ।

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

यह भारतीय चिकित्सकों का सबसे बड़ा अपमान है!

Bhushan said...

यदि कोई विदेश की बीमारी हो गई हो तो विदेश जाना ही पड़ेगा :))

veerubhai said...

बहुत भोली हैं आप हिन्दुस्तान की रियाया की तरह .जनता की तरह .यह शल्य -क्रिया स्विस -खातों की है मंद -मति -राज -कुमार के राज तिलक की है .कृपया यहाँ भी पधारें .कृपया यहाँ भी पधारें -
http://sb.samwaad.com/
http://sb.samwaad.com/

anu said...

अगर खुद के देश(इटली ) पर विश्वास होता तो उसे छोड़ कर विदेश (भारत ) में राज करने नहीं आती .....आदत ही बुरी है विदेश भागने की

Poorviya said...

रे चाची कहाँ भाग गयी तु
चाची राम राम......... रे चाची कहाँ भाग गयी तु........ देखो सारे बच्चे बिलख रहे हैं.
link
http://deepakmystical.blogspot.com/2011/08/blog-post_05.html

jai baba banaras.....

Kajal Kumar said...

अमरीका में इलाज कराने से आदमी जल्दी ठीक होता है.... इत्मिनान रहता है न बड़े देश में इलाज कराने से सब ठीक ही होगा

ashish said...

दुनिया में हिंदुस्तान का मेडिकल टूरिस्म का झंडा बुलंद है और वो चले गए . ऐसे ही देश का खजाना खाली हो रहा है , विदेशी मुद्रा रिज़र्व पर बोझ .

DUSK-DRIZZLE said...

Excellent post

पी.एस .भाकुनी said...

वैसे तो में भी जमाल साहब से इतेफाक रखता हूँ बावजूद इसके माननीय सोनिया जी की शीघ्र स्वस्थ लाभ की कामना करता हूँ , सोनिया जी हैं तो हम है ?????

निवेदिता said...

विदेशियों से और उम्मीद क्या की जा सकती है .......

smshindi By Sonu said...

बहुत सही कहा है आपने ...।

रविकर said...

वह मजेदार |
राज ही राज ||


स्विसराल



एक गाँव है पटरंगा |
पूरब - पश्चिम में बड़ी अदावत है |

कई वर्षों से पश्चिमवालों का ही दबदबा है |
मुखिया भी पश्चिम का |

मुखिया मुख सो ---
ही है पर पुश्तों की काली कमाई जमा क़र रखी है स्विसराल में |
इधर अन्ना बाबा के साथ मिलकर पूरब वालों ने हल्ला बोल रखा है ||

ये मुखिया अभी हाल में, हफ़्तों स्विसराल में बिता क़र आया है |
भला अब कैसे निकले, दुबारा ? और अपनी काली कमाई ठिकाने लगाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाये ??

इसी उधेड़बुन में था मुखिया कि एक दिन दुर्मुख-विजय मिला,
और अगले हफ्ते मुखिया हो गए,
बड़े शहर के बड़े हस्पताल में एडमिट ||

सब साले सेवा में ---

शल्य क्रिया सफल हो ||
शुभकामनाएं--

Bhagat Singh Panthi said...

your blog listed here : http://blogrecording.blogspot.com/
plz visit

सदा said...

आपकी बात से सहमत हूं ... ।

रेखा said...

मेड इन ********* को मेड इन इंडिया डाक्टर कैसे पसंद हो सकता है ?

Bikramjit said...

and then we say we are proud ot be indians and We are indians..

loved this post of your , 100% with you on this

this is basic mentality of us indians we never trust indians .. and it is so true hee in uk I have found a indian will never help a fellow indian but if there is a white or any other a indian will bend over backwards to help them ..

It is the TRUTH.

Bikram's

JC said...

शक्ति रुपी निराकार (विष्णु?) बेचारा अकेला है, वास्तव में एक वो ही सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड में 'अल्प संख्यक' है, न कि करोड़ों अन्य साकार (लक्ष्मी?)... जिनमें से अनेक मानव रुपी तो उस को मानते भी नहीं हैं! किन्तु 'अल्प संख्यक' अथवा 'बहु संख्यक' कहलाये जाने के नाते भौतिक लाभ उठाना चाहते हैं, जबकि पता है कि जो पृथ्वी (शिव?) का है वो यहीं छोड़ कर जाना होगा, शरीर के पंचतत्व तक भी! और प्राचीन हिन्दुओं को मूर्ख समझ काल-चक्र को उल्टा चलने को जोक मानते हैं सभी लोकपाल अथवा जोकपाल के समर्थक...
'ईश्वर सबको सदबुद्धी दे' ही कहना पड़ेगा! क्यूंकि 'सागर मंथन' से मक्खन कभी पूर्व में दीखता है तो कभी पश्चिम में, जिसके कारण देसी हो या परदेसी, इधर से उधर या उधर से इधर भटकता फिरता है (कस्तूरी मृग के समान?) !

सीता ने तो राम को भी भटका दिया था स्वर्ण मृग के पीछे :)

G.N.SHAW said...

Sonia doctor studied in Kurnool district of Andhra Pradesh.Eminent oncologist Nori Dattatryudu ,who treated Congress president Mrs.Sonia Gandhi studied in Kurnool Medical College.Mr.Dattatreyudu hail from Machilipattanam.He has completed his M.D.from Osmaniya medical college Hyderabad.Later shifted to America and became one of the eminent cancer specialist in the world.

Rajesh Kumari said...

Dr. Divya kya prahaar kiya hai aapne.vishesh logon ki vishesh bimari ho sakti hai kya aapko pata hai bimaari kya thi???shayad kisi ko nahi pata.niji bimari ho sakti hai aur niji bimaari ka dr india me thoda hi milega.yeh humare desh ka durbhaagya hai yahan transparency hai hi nahi.

Dr.Ashutosh Mishra "Ashu" said...

mere man mein bhi ye bichar kaundh raha tha..lekin aapne bahut khubsurti se is mudde ko amli jama pahnaya hai..hardik badhayee

Maheshwari kaneri said...

बहुत सही कहा है आपने ..आपकी बात से सहमत हूं ... ।.।

mahendra verma said...

पत्थर हृदय पर व्यंग्य बाणों का कुछ असर नहीं होता।

मनोज भारती said...

यह इंगित करता है कि हमारे देश को चलाने वाली महिला हमारे देश के डॉक्टरों और हमारे देश की प्रतिभा पर कितना भरोसा करती हैं? हमारा मीडिया भी जो देश की अभिनेत्रियों/अभिनेताओं और नेताओं की बिमारियों का जिक्र मोटी सुर्खियों में करता है...इस नेत्री की बीमारी के बारे में कुछ भी नहीं बता पा रहा है। क्या यह बिमारी इतनी निजी है या बेनामी है???

खैर देश के सभी ऐश्वर्यवान नेताओं को स्वास्थ्य लाभ की शुभकामनाएं !

अवनीश सिंह said...

आपकी बात से सहमत

udaya veer singh said...

sorry madam , India follows --ayam niz paro veti gadana laghuchetsam udar charitanam tu basudhaiva kutumbkam " root cause of our backwardness is not
foreigners,but we ourselves , because never we do self-inspection that's why we are sufferer still today .... /Right back your thinking is correct,but aggressive.../ .Thanks .

प्रतुल वशिष्ठ said...

सोनिया जी को सदमा बैठ गया है...
उन्हें रात-दिन सपने आने लगे हैं कि
'कोई लाल कपड़े वाला बाबा उनके छिपाए धन को खोजकर छीने लिये जा रहा है.'
कल्पना से मैं पूरी कहानी सुना सकता हूँ रानी की 'बीमारी' की
लेकिन मुझे तो भारत के स्वास्थ्य की चिंता है
क्रप्शन-ए-मलिका की बीमारी की नहीं ...कतई नहीं... कोई शुभकामना नहीं.

Er. Diwas Dinesh Gaur said...

पहले खबर आई थी कि सोनिया जी को वायरल फीवर है, इसलिए अमरीका गयी हैं इलाज के लिए|
मतलब भारतीय डॉक्टर क्या इतने नाकाबिल हैं कि साधारण से वायरल का भी इलाज न कर सकें?
फिर खबर आई कि उनका ऑपरेशन होगा| अब वायरल फीवर के लिए तो ऑपरेशन पहली बार सुना है|
इसके बाद खबर आई कि उन्हें कैंसर है| मतलब इस बीमारी से छुटकारा मिलने वाला है|

दरअसल सब गोलमाल है| पैसों को ठिकाने लगाया जा रहा है| एक समय बाबा रामदेव के आन्दोलन से पहले यूबीएस ने भारतीयों के २५९ लाख करोड़ रुपये अपने बैंक में होने का दावा किया था, वहीँ आठ जून से १५ जून तक सोनिया की स्विट्ज़रलैंड यात्रा के बाद यूबीएस ने भारतीयों का पैसा होने से ही इनकार कर दिया| मतलब बीमारी के बहाने अपना काला धन ठिकाने लगाया जा रहा है|

और यदि सच में बीमारी के इलाज के लिए गयी है तो सरकारी खर्चे पर क्यों गयी है? मुझे भी इसके स्वास्थय की कोई चिंता नहीं है| बल्कि इसकी इतनी सस्ती मौत से मुझे इनकार है| ऐसे तो ये हिरोइन बन जाएगी| क्यों कि हम भारतीय बड़े ही इमोशनल होते हैं न|

दिव्या दीदी पिछले कुछ समय से देख रहा हूँ कि आप अपने लेखों पर आने वाली टिप्पणियों का जवाब नहीं दे रही हैं| क्या कोई विशेष कारण है?
यह आपकी व्यक्तिगत इच्छा हो सकती है, किन्तु हम चाहते हैं कि आपके जवाब मिलें...क्योंकि कुछ टिप्पणीकार लेख की आड़ में व्यक्तिगत रूप से धावा बोलते हैं| इन्हें जवाब देना आवश्यक है| पहल हम में से कोई करेगा तो गुटबाजी का आरोप भी मढ़ सकते हैं|
आशा है आप समझ रही होंगी...
सादर....
दिवस...

S.N SHUKLA said...

bahut sundar vicharparak prastuti

Apanatva said...

:(

Prabodh Kumar Govil said...

ilaaz to yahan apne desh me bhi ho jayega. bataiye kahan cheera lagana hai? chaaku laye hain ya ham bandobast karen/ vo kya hai n medical me rijarveshan se gaye the. klass me bhi kabhi baithe nahin na, isi se hath thoda kaanpta hai.

JC said...

कई वर्ष पहले किसी सहकर्मी के 'बाई-पास-सर्जरी' के विषय में सलाह लेने हेतु एक मित्र डॉक्टर के पास उसे एम्स ले गया था... तो उसने बताया कि डॉक्टर वेणु गोपालन और उसकी टीम सफलता पूर्वक काम कर रहे थे,,, फिर भी कई दिल्ली से मद्रास (चेन्नई) एपोलो जाते थे, यद्यपि दोनों अस्पतालों का फैल्युअर दर १०% थी...

और दूसरी ओर टीवी में जैसे अपने देश की दुर्दशा दिखाई जाती है कि कैसे दवाइयों में मिलावट है, हॉस्पिटल एक्वायर्ड बिमारी का खतरा है, आदि आदि,,,, और उत्तर प्रदेश में तो सी एम् ओ स्तर के डॉक्टर का तो आपको पता ही होगा...

SAJAN.AAWARA said...

Lagi aaj sawan ki phir wo jhari hai,
soniya apna ilaj krane videsh chal padi hai.
Choti si bimaari or amerika me ilaj krarhi,
hame to kale dhan chupane ki mahak aa rahi hai.........

Jai hind jai bharat

प्रतुल वशिष्ठ said...

डॉक्टर या चिकित्सक का धर्म है 'सभी बीमारों के लिये बिना भेद-भाव के स्वास्थ्य कामना करना' इसी कारण आप शुभकामना देते हैं...
आपका चिकित्सक धर्म पहले है... लेकिन आमजन के लिये राष्ट्र-धर्म पहले है....... दोनों अपनी जगह सही हैं.

Suresh kumar said...

Money which he can get the same treatment abroad - the people who die without treatment

Er. Diwas Dinesh Gaur said...

मैं तो कहता हूँ कि यदि डॉक्टरों की जमात पर भरोसा नहीं है तो बाबा रामदेव से अपना इलाज करवा ले| वे अपने रोगियों में भेदभाव नहीं करेंगे व निश्चित रूप से आरोग्य ही देंगे| किन्तु इसके बाद क्या हाल करेंगे, ये तो सभी जानते हैं|

Suresh kumar said...

जिसके पास पैसा होगा वही तो विदेश मे इलाज करवाएगा वरना यंहा तो ऐसे -ऐसे लोग है जो बिना इलाज के ही मर जाते है ...

S.N SHUKLA said...

मित्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं,आपकी कलम निरंतर सार्थक सृजन में लगी रहे .
एस .एन. शुक्ल

mahendra verma said...

मैत्री दिवस की अशेष शुभकामनाएं।

"पलाश" said...

Wish you a very happy friendship day .........

"पलाश" said...

Wish you a very happy friendship day .........

Vaanbhatt said...

आम और ख़ास का फर्क है ये...भारत की अघोषित महारानी के स्वास्थ्य की मंगल कामना करिए...

DR. ANWER JAMAL said...

फ्रेंडशिप डे की शुभकामनाये
पी. एस. भाकुनि जी से सहमत !
इन जैसे मुददों पर विचार करने के लिए
ब्लॉगर्स मीट वीकली में आपका स्वागत है।
http://www.hbfint.blogspot.com/

KCF said...

आपका स्वागत है यहाँ !
----------------------------
हम रोज़ एक मुद्दा उठाएंगे !

Rakesh Kumar said...

अब इलाज ही कराने गयीं हैं या कुछ और भी सँभालने यह तो वही जाने.यदि उनका इलाज भारत में होता तो,बहुत हो हल्ला न होता.