Friday, July 6, 2012

हर हर महादेव !


नंदी की सवारी, नाग अंगीकार धारी
नित संत सुखकारी, नीलकंठ त्रिपुरारी हैं।
गले मुंडमाला धारी,सर सोहै जटाधारी
वाम अंग में बिहारी, गिरिराज सुतवारी हैं।

सावन के सोमवार ९, १६, २३ और ३० को भगवान् शिव का उपवास रखकर अपने सभी मनोरथ पूर्ण कीजिये। -- हर हर महादेव !

Zeal

10 comments:

ZEAL said...

ये कोई 'गौड पार्टिकिल' नहीं हैं। साक्षात ईश्वर हैं , समस्त ब्रम्हांड के संचालक। हमारे भोलेनाथ।

रविकर फैजाबादी said...

हर हर महादेव ||

निर्मला कपिला said...

हर हर नहादेव्\

expression said...

ओह्म नमः शिवाय.

भोलेनाथ को मनाना मुश्किल भी नहीं..
:-)

ब्लॉ.ललित शर्मा said...

बोल बम

mahendra verma said...

ओम् नमः शिवाय !

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

बहुत अच्छी प्रस्तुति!
इस प्रविष्टी की चर्चा कल शनिवार (07-07-2012) के चर्चा मंच पर भी होगी!
सूचनार्थ!

Rakesh Kumar said...

हर हर महादेव
जय हो जय हो

सदा said...

जय हो ...

यादें....ashok saluja . said...

ओउम नम: शिवाय .....