Thursday, July 19, 2012

खुदा भी आसमाँ से जब ज़मी पर देखता होगा....

UPA सरकार जो चाहती है वही होता है। उसके आगे न तो जनता की चलती है, न ही विपक्ष की। न ही डॉ कलाम की, न ही संगमा की और न ही बंगाली शेरनी की....

अपने देश में बस वही होता है जो मंजूरे 'कांग्रेस' होता है।

खुदा भी आसमाँ से जब ज़मीं पर देखता होगा,
कांग्रेस को किसने बनाया सोचता होगा।

Zeal

15 comments:

दिगम्बर नासवा said...

Akhir kuch to hai Congres mein ... 65 Saal se Jo vo chahti hai vahi hota hai ...

Bharat Bhushan said...

ख़ुदा भी आसमां से जब 'राहू' को देखता होगा
इसे किसने बनाया सोच कर सिर पीटता होगा

Sunil Kumar said...

ख़ुदा इस बात को लेकर चिंतित हैं :)

भावना said...

sahi kah rahi hai

ZEAL said...

सुनील जी , कांग्रेसियों ने खुदा की सत्ता को भी हिला कर रख दिया है। इन गद्दारों को ऊपर बुलाने में भी डरता है ...:):)

expression said...

जब हमने आपने नहीं बनाया तो ज़रूर इसमें खुदा का ही हाथ होगा!!!!!
:-)

अनु

surenderpal vaidya said...

यूपीए और एनडीए । एनडीए में भी भाजपा के सिवाय सभी यूपीए जैसे ही है । इसमेँ बने रहकर भाजपा ने अपनी पहचान और मुद्दों को भुला दिया है । ब्लैकमेल होना इसकी नियति बन गई है । भाजपाईयोँ को भी सुविधाभोगी राजनीति की आदत हो गई है । इसने यूपीए का काम आसान कर दिया है ।

surenderpal vaidya said...

यूपीए और एनडीए । एनडीए में भी भाजपा के सिवाय सभी यूपीए जैसे ही है । इसमेँ बने रहकर भाजपा ने अपनी पहचान और मुद्दों को भुला दिया है । ब्लैकमेल होना इसकी नियति बन गई है । भाजपाईयोँ को भी सुविधाभोगी राजनीति की आदत हो गई है । इसने यूपीए का काम आसान कर दिया है ।

lokendra singh rajput said...

भगवान टेंसन में हैं

महेन्द्र मिश्र said...

जितनों को उसने बनाया वह सोचता होगा .... वैसे जमीनी हकीकत यह है की दूध का धुला कोई नहीं है ... आभार

रविकर फैजाबादी said...

खड़ी खुदाई मंत्रमुग्ध, सकल देवगण व्योम ।

एक बार दिल्ली तकें, ताक रहे फिर रोम ।

ताक रहे फिर रोम, सकल कुल नेहरु गाँधी ।

ब्रह्मलोक हथियाय, नियन्ता बुद्धि बाँधी ।

किंकर्तव्यविमूढ़ , देव गौड़ा की नाई ।

आँख मूंद मन मौन, नशे में खड़ी खुदाई ।।

सदा said...

बिल्‍कुल सही कहा ...

शिवनाथ कुमार said...

कांग्रेस को जनता ने बनाया है, उसे गद्दी पर बिठाया है ....
और जब जनता चाहेगी उसे वहाँ से उतार ही देगी ...
लोकतंत्र की शक्ति हर किसी से बड़ी है ...
बस देखते जाइए ...
आगे आगे होता है क्या ..
पिक्चर अभी बाकी है ...

Maheshwari kaneri said...

ये जरुर खुदा का ही कमाल होगा..लेकिन अब पछता रहा होगा.....

रविकर फैजाबादी said...

सहमत हैं ||
बहुत बढ़िया प्रश्न ||

http://dineshkidillagi.blogspot.in/2012/07/blog-post_1844.html