Wednesday, July 3, 2013

इशरत को आतंकी नहीं बताएगी सीबीआई

इशरत को आतंकी नहीं बताएगी सीबीआई

गुजरात हाई कोर्ट के निर्देश पर इशरत जहां एनकाउंटर केस में आज दाखिल होने वाली चार्जशीट में सीबीआई इशरत को लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी नहीं करार देगी। सीबीआई अदालत को सिर्फ इतना बताएगी कि इशरत के साथ मारे गए दो पाकिस्तानी तीन हफ्ते से ज्यादा समय तक इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) की हिरासत में थे और फिर गुजरात पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंप दिया। इसके बाद गुजरात पुलिस ने चारों को फर्जी मुठभेड़ में मार गिराया।

सीबीआई चार्जशीट में यह नहीं बताएगी कि दोनों पाकिस्तानी भारत में क्या करने आए थे और उन्हें आईबी ने किस आरोप में पकड़ा था। जांच एजेंसी इस बात का उल्लेख भी चार्जशीट में नहीं करेगी कि इशरत, प्रणेश पिल्लई उर्फ जावेद शेख और दो पाकिस्तानियों को कैसे जानती थी। इस बारे में सीबीआई के डायरेक्टर रंजीत सिन्हा ने बताया, 'हम इस बात की जांच नहीं कर रहे हैं कि मारे गए चारों लोग आतंकवादी थे या नहीं। हमें हाई कोर्ट से जांच का दायरा सिर्फ इस बात तक सीमित रखने के लिए कहा गया है कि मुठभेड़ फर्जी थी या नहीं।'

गौरतलब है कि सीबीआई की शुरुआती चार्जशीट में इशरत और उसके साथियों को आतंकी बताया गया था, लेकिन अब इसे हटाया जा रहा है। इससे पहले 6 अगस्त 2009 में गुजरात हाई कोर्ट के सामने अपने पहले हलफनामे में गृह मंत्रालय ने भी इशरत और उसके साथियों को लश्कर का सक्रिय आतंकी बताते हुए मुठभेड़ की सीबीआई जांच का विरोध किया था।
Courtesy facebook

3 comments:

दीर्घतमा said...

सीबीआई सरकारी तोता है वे सोनिया के इशारे पर देशद्रोही कृत्या करने पर उतारू हैं लेकिन शायद उन्हें नहीं पता की अगला पम मोदी ही हैं चितम्बरम सहित कई जेल जाने को तैयार रहे.

Anonymous said...

सत्य सामने आना चाहिये जो भी हो लेकिन बड और जिम्मेदार लोगों के वक्तव्य बडे विचित्र व दुराग्रहपूर्ण होते हैं तब लगता है कि सच्चाई के मार्ग में बडी रुकावटें हैं । जैसे कि कल ही एक नेता ने कहा कि--वह आतंकवादी नही थी पर मानलो कि थी भी तो पुलिस को यह हक नही कि उसे एनकाउण्टर में मारदे । ....जैसे आतंकवादी इनके रिश्तेदार हैं ।
जी हाँ आतंकवादियों को सीधे मारने की बजाए जेल में रख कर उन्पूहें पूरी सुरक्षा सुविधाएं व सम्मान देना चाहिये ।

dr.mahendrag said...

मोदी पर हमले का एक और प्रयास,सरकारी तोते , व कांग्रेस की इस कानूनी शाखा का एक और हमला.देखते रहिये अभी तो कुछ और खुलासे आयेंगे,सच झूठ का निर्णय बाद में होता रहेगा.चुनाव तो हो जायेगा.