Friday, November 26, 2010

स्त्रियों एवं पुरुषों में स्तन कैंसर -- Malignant Neoplasm

कैंसर क्या है ?

हमारा शारीर कोशिकाओं से मिलकर बना है प्रत्येक कोशिका [सेल ] में नोर्मल वृद्धि के तहत नयी सेल्स बनती हैं तथा समय के साथ नष्ट होती रहती हैं लेकिन कभी कभी इन नोर्मल सेल्स में mutation [बदलाव] हो जाता है जिसके कारण , उस कोशिका का DNA damage हो जाता है था वह कोशिका बहुत तेजी के साथ वृद्धि करने लगती है तथा जीर्ण कोशिकाएं नष्ट भी नहीं होतीं , जिसके फलस्वरूप वहां ट्यूमर बन जाता है अतः बहुत तेजी से [uncontrolled ] तरीके से विकृत कोशिका के निरंम्तर विभाजन को ही कैंसर कहते हैं

यह दो प्रकार का होता है -
  • सौम्य [Benign]
  • घातक [ Malignant ]
स्तन कैंसर -

ये स्तन की कोशिकाओं में पैदा होता हैये दुग्ध्वाहिकाओं में हो सकता है अथवा लोब्युल्स जो दुग्ध्वाहिकाओं को दुग्ध पहुंचाते हैं , उनमें हो सकता हैइसी आधार पर इसके दो प्रकार हैं
  • ductal carcinoma -
  • lobular carcinoma -
कैंसर की अवस्थाएं [Stages of cancer ]-

शून्य अवस्था- यह benign अवस्था है , जिसमें कैंसर घातक नहीं होतालम्बे अरसे तक कोई गाँठ अथवा ट्यूमर शरीर में बना रह सकता है , जो तो बढ़ता है , ही फैलता है और रोगी को कोई नुकसान नहीं होता

प्रथम , द्वितीय तथा तृतीय अवस्था -
इसे
early stage कहते हैंइस अवस्था में रोग का निदान तथा चिकित्सा बेहतर हो सकती हैतथा रोगी को स्वास्थ्य लाभ होने की संभावना भी अधिक रहती है

रोग की चतुर्थ अवस्था -
इसे रोग की एडवांस अवस्था कहते हैंइस अवस्था में कैंसर काफी बढ़ चुका होता हैरोगी को चिकित्सा का ज्यादा लाभ नहीं मिल पाता तथा उसके बचने की उम्मीद कम रह जाती है

कैंसर के लक्षण -
  • स्तन में गांठों का होना
  • arm pits [कांख] में गांठों का होना भी कैंसर की पुष्टि करता है।
  • स्तनों के आकार या संरचना में परिवर्तन होना।
  • स्तन की त्वचा में गड्ढे पड़ना ।
  • nipples का अन्दर की तरफ धंसना।
  • nipples से अचानक किसी प्रकार के तरल पदार्थ का स्राव होने लगना।
  • Inflammatory स्तन कैंसर में दर्द , सुजन, लाली तथा स्पर्श में गरम लगता है
  • कभी कभी तेजी से गिरता हुआ वज़न तथा हड्डी में तीव्र वेदना भी एक लक्षण होता है
स्तन कैंसर कभी-कभी अपने स्थान से फैलकर , अपने पास वाले अंग को प्रभावित करता है और कभी-कभी रक्त वाहिनियों में प्रवेश कर दूर स्थित अंगों में कैंसर उत्पन्न करता हैइसे ' Metastasis ' कहते हैं

कैसर का खतरा बढाने वाले कारक -

- किसी स्त्री को यदि बच्चा हो तो स्तन कैंसर होने के ३० % संभावनाएं होती हैं
- स्तनपान ना कराने से
-होर्मोनेस का स्तर अधिक होने से
-इकोनोमिक स्टेटस
- भोजन में आयोडीन की कमी
-परिवार में यदि बहिन या माता , या रिश्तेदार को है तो भी संभावना बढ़ जाती है
- मोटापा
-मदिरापान , तम्बाकू सेवन
-यदि एक स्तन में है तो दुसरे स्तन में होने की संभावना बढ़ जाती है
१०-रेडियेशन के एक्सपोज़र से

स्तन कैंसर की जांच -
  • Breast self examination -
  • Mammographic screening - X- rays द्वारा स्तन की imaging , जिससे बहुत early stage में ही कैंसर का पता चल जाता है । जब गाठें बहुत छोटी होती हैं तथा छूने से महसूस नहीं हो पाती , उसका भी पता मैमोग्राफी से लग जाता है।
स्तन कैंसर की रोक-थाम -
  • physical exercise नियमित करने से।
  • शराब तथा धुम्रपान का त्याग
  • समय से गर्भ-धारण करना
  • शिशु को स्तनपान कराने से भी स्तन कैंसर का खतरा कम रहता है

स्तन कैंसर का इलाज -
  • hormone therapy
  • Surgery [शल्य चिकित्सा ]
  • Chemotherapy [दवाओं से]
  • Radiation [विकिरण ]
पुरुषों में स्तन कैंसर -

पुरुषों में स्तन कैंसर बहुत कम होता हैकरीब एक लाख पुरुषों में किसी एक को ही होता हैलेकिन अब पुरुषों में भी स्तन कैंसर की संख्या बढ़ रही हैस्त्री तथा पुरुषों के स्तन-कैंसर में थोडा बायोलोजिकल अंतर रहता हैपुरुषों में गांठें मिलने की संभावना अधिक रहती हैये estrogen तथा progestron positive होते हैंपुरुषों में डायग्नोसिस अक्सर एडवांस अवस्था में होती है , इसलिए देर हो जाने के कारण चिकित्सकीय लाभ कम मिल पाता है

बच्चों में स्तन कैंसर -

बच्चों में स्तन कैंसर नहीं होता । Ductal invasive carcinama , केवल adults में होता है । लेकिन adolocents में ०.१ % संभावना को नकारा नहीं जा सकता । puberty के समय कन्याओं में स्तन विकास की शुरुवात , इस तरह की गाँठ [बटन ] से ही होती है। यह नोर्मल ग्रोथ है । लेकिन यदि इसमें दर्द या फिर खुजली [itching] हो तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए

कुछ बातें -

  • स्तन कैंसर जितना घातक है , उतनी ही घातक इनकी चिकित्सा में प्रयुक्त होने वाली औषधियां हैंअतः जागरूक रहकर समय रहते इसका निदान और चिकित्सा करा लेनी चाहिए
  • Radiation द्वारा स्वस्थ्य कोशिकाएं भी नष्ट होती रहती हैं । इसलिए अब shaped beam का प्रयोग करते हैं।
  • स्त्रियों को कम उम्र में होने पर ख़तरा ज्यादा रहता है। स्तनपान कराने वाली माताओं में उस अवस्था में कुछ परिवर्तन समय रहते नोटिस नहीं हो पाते।
  • Menopause के बाद बढ़ते हुए वजन को कंट्रोल में रखकर स्तन कैंसर से बचा जा सकता है॥
    विषय में जागरूकता भी बहुत मदद करती है।
आभार

68 comments:

वन्दना said...

बहुत ही बढिया और ज्ञानवर्धक जानकारी दी……………आभार्।

प्रतुल वशिष्ठ said...

..

बेहद उपयोगी ............
जागरूकता के लिये भी अति सहयोगी
यदि मिल जाएँ गुप्त जानकारियाँ सभी
कुछ राहत पाता है ...... संकोची रोगी.

..

deepak saini said...

कैंसर जैसे रोग की जानकारी के लिए
बहुत बहुत धन्यवाद

Kaushalendra said...

जन सामान्य के लिए उपयोगी जानकारी के लिए साधुवाद.
मैं इतना और जोड़ना चाहूंगा ........जीवनशैली का कैंसर के होने, न होने और ठीक होने पर बहुत प्रभाव पड़ता है. यदि पाश्चात्य जीवनशैली से परे भारतीय जीवनशैली को अपनाया जाय और एंटी.ओक्सीडेन्ट्स का पर्याप्त प्रयोग किया जाय तो कैंसर की सम्भावनाओं से बचा जा सकेगा

'उदय' said...

... jaankaari poorn post ... gyaanvardhak !!!

रचना said...

great informative article

इमरान अंसारी said...

जानकारी का आभार......आप शायद डॉक्टर हैं इतनी अछि जानकारी कोई विशेषज्ञ ही दे सकता है|

रूप said...

ur posts r always informative n worthy. keep dis spirit on . many congrats.................!

दिगम्बर नासवा said...

आप अपने अध्यन का अपने ज्ञान का सार्थक उपयोग कर रही हैं .... बहुत अच्छी जानकारी ... शुक्रिया ....

arvind said...

full of knowledge...badhiya post.

P.N. Subramanian said...

निश्चित ही ज्ञानवर्धन हुआ. आभार.

Kunwar Kusumesh said...

आम आदमी के लिए ऐसी पोस्टें जानकारीपरक और बहुत उपयोगी होती हैं

ashish said...

आप की जानकारी भरी पोस्ट समाज के लिए बहुत उपयोगी है , इसे कहते है सार्थक ब्लॉग्गिंग . धन्यवाद इस जानकारी के लिए.

यशवन्त said...

बहुत ही ज्ञानवर्धक और जागरूक करती पोस्ट!

daanish said...

कैंसर जैसी घातक बीमारी पर
ऐसी उपयोगी जानकारी देने के लिए
आभार .

Tausif Hindustani said...

कैंसर के बारे में हमारा ज्ञान बढाने के लिए बहुत बहुत धनयवाद ,
आपने जिस सरल ढंग से इस लेख को लिखा है उसकी जितनी प्रशंसा की जाये कम है
dabirnews.blogspot.com

M VERMA said...

ज्ञानवर्धक जानकारी ..
सुन्दर और व्यवस्थित आलेख

sanjay said...

sarthk lekhan...sundar prastootikarn


pranam

कुमार राधारमण said...

उपयोगी,सारगर्भित जानकारी। कभी स्वास्थ्य-सबके लिए ब्लॉग पर संदर्भ देने के काम आएगी।

डॉ टी एस दराल said...

स्तन कैंसर पर सम्पूर्ण लेख ।

"अभियान भारतीय" said...

वन्दे मातरम,
इस बार तो आपने उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक जानकारी हमें दी है |
सहृदय आभार !!

Bhushan said...

बहुत उपयोगी जानकारी देने के लिए शुक्रिया.

दर्शन लाल बवेजा said...

बहुत ही बढिया और ज्ञानवर्धक जानकारी दी……………आभार्।

Dorothy said...

जागरूक करती ज्ञानवर्धक और सार्थक आलेख. आभार.
सादर
डोरोथी.

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

पुरुषों को भी!

ZEAL said...

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दर्शन लाल बावेजा जी,

अभी मुझे चार घंटे ही हुए हैं इस पोस्ट को लगाए हुए और आपने मेरी पूरी पोस्ट अपने ब्लॉग पर लगा दी ? बिना मेरी अनुमति के , बिना मुझसे पूछे ? अपने कमेन्ट में भी आपने कहीं जिक्र नहीं किया।

मुझे इस पोस्ट को लिखने में पूरे दस दिन लग गए । और आपने इतनी फुर्ती से उसे अपने ब्लॉग पर लगा लिया अपने नाम से ?

आपने अपने ब्लॉग पर " साभार " लिख कर छुट्टी पा ली। लेखिका को इन्फोर्म करना जरूरी नहीं समझा? मैं कोई गूगल नहीं हूँ , जो आपने साभार लिखकर अधिकार पा लिया । आपको मुझसे पूछना चाहिए था।

मुझे आपसे ऐसी उम्मीद नहीं थी। आपकी हरकत से मुझे बहुत दुःख पहुंचा है।


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mahendra verma said...

लोगों में जागरूकता प्रसारित करने वाली एक अच्छी प्रस्तुति।...कैंसर संबंधी मेरे सामान्य ज्ञान में वुद्धि हुई।...सार्थक और उपयोगी आलेख।..आभार।

Rahul Singh said...

उपयोगी जानकारी, जितने अधिक लोगों तक पहुंच सके बेहतर, लेकिन निसंदेह आपकी सहमति से, अन्‍यथा दुहराने के बजाय लिंक दे दिया जाना भी तो उपाय है.

Sunil Kumar said...

ज्ञानवर्धक और सार्थक आलेख. आभार.

निर्मला कपिला said...

दिव्या जी बहुत अच्छी जानकारी है। धन्यवाद।

दर्शन लाल बवेजा said...
This comment has been removed by the author.
ZEAL said...

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दर्शन लाल जी,

आप पोस्ट लगी रहने दे सकते हैं। लेकिन भविष्य में यदि किसी की पोस्ट अपने ब्लॉग में लगायें तो लेखक अथवा लेखिका से पूर्व अनुमति अवश्य ले लें।

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दर्शन लाल बवेजा said...

धन्यवाद जी

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

बहुत ही ज्ञानवर्धक और उम्दा जानकारी देने वाली पोस्ट!

Rajesh Kumar 'Nachiketa' said...

कुल मिला के....जानकारी ही बचाव है...
जानकारी के लिए धन्यवाद....
मेरे लेख पर टिपण्णी के लिए भी धन्यवाद...

विनोद कुमार पांडेय said...

बहुत ही जानकारी भरी पोस्ट... कैंसर के बारे में एक महत्वपूर्ण आलेख....बढ़िया पोस्ट..बधाई

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

दिव्या जी ,

आज की पोस्ट बहुत महत्त्वपूर्ण जानकारी से भरा हुआ है ....इसके बारे में सभी को जानना चाहिए ...आभार

डॉ॰ मोनिका शर्मा said...

ज्ञानवर्धक जानकारी भरी पोस्ट...धन्यवाद...

ethereal_infinia said...

Dearest ZEAL:

Tremendously Impressive !!

Knowledge is Power and You are the Queen !!


Semper Fidelis
Arth Desai

उन्मुक्त said...

क्या कैंसर वंशानुगत (hereditary) होता है।

अजय कुमार झा said...

दिव्या जी यदि अनुमति दें तो आपके इस आलेख को प्रिंट में छपने के लिए भेजा जा सकता है फ़ीचर परिशिष्ट के रूप में , आप कहें तो आपको मेल पता भेज देता हूं ,बहुत ही काम की जानकारी दी आपने । सच में ही सार्थक ब्लॉग्गिंग

ZEAL said...

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अजय झा जी ,

आपका प्रस्ताव अच्छा लगा । यदि आप इसे प्रिंट में छपने के लिए भेजेंगे तो यह मेरे लिए सौभाग्य की बात होगी । और ज्यादा से ज्यादा लोग इसका लाभ ले सकेंगे ।

आभार आपका।

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ZEAL said...

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उन्मुक्त जी ,

बेहद सार्थक प्रश्न पूछा आपने।

स्तन कैंसर एक " autosomal dominant disorder " है । इसमें BRCA1 और BRCA2 नामक जीन का mutation [genetical change ] हो जाता है । विकृत जीन संतान में जाता है तथा वह कैरियर कहलाता है और ५० % संभावना रखता है स्तन कैंसर के खतरे की।

स्तन कैंसर में Family history देखने में आई है । यदि दो निकट सम्बन्धी को [माता अथवा बहन ] को स्तन कैंसर है , तो महिला को स्तन कैंसर होने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

जिस स्त्री में BRCA जीन का mutation हो गया है , उसको ६० % संभावना है , रोग-ग्रस्त होने की । तथा स्त्री का यह विकृत जीन [ mutated gene ] , संतान में अवश्य pass on होगा तथा उसे ५०% कैंसर की संभावना होगी।

ज्यादातर fimilial cancers में definite genetic pattern नहीं उपलब्ध हो पाता , लेकिन निम्नलिखित प्रकार के cancers में 'identifiable genetic markers ' मिलते हैं --

१-ब्रेस्ट कैंसर
२-ओवरियन कैंसर
३-कोलोन कैंसर
४- प्रोस्टेट कैंसर आदि ।


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Girish Billore 'mukul' said...

Zeal जी
दर्शनभाई को उन विषयों में गम्भीर रुची है ्जो जानकारीयों से ओत-प्रोत हों आप उनके प्रति सहज हो जाएंगी मुझे विश्वाश है. जो त्रुटि हो गई उसे भूल जाईये
बहरहाल आलेख वाक़ई बेहद मेहनत से तैयार किया प्रतीत होता है. आज़ ऐसी ही ब्लागिंग की मांग है. ताकि हिंदी में सामग्री के लिये किसी भी व्यक्ति को अभाव न लगे लोग वास्तव में यही चाहते हैं
नेटकास्टिंग:प्रयोग
लाईव-नेटकास्टिंग
Editorials

amar jeet said...

दिव्या जी आपने बहुत ही सार्थक जानकारी वाली पोस्ट लिखी है !
दिव्या जी आपने स्तन केंसर के लक्षण के बारे में लिखा है की अन्दर की तरफ धंसे निप्पल स्तन केंसर की पुष्टि करते है! क्या इसके लिए कोई उम्र निर्धारित है क्या यह अविवाहित लडकियों में इस तरह की लक्षण स्तन केंसर के परिचायक है !

Mukesh Kumar Sinha said...

sarthak jankari.........:)

डा० अमर कुमार said...

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एक जनोपयोगी एवँ सार्थक पोस्ट,
हालाँकि इस पर टिप्पणियाँ कम हैं,
पर अब आपको मेरे मीन-मेख में
निहित तात्पर्य दिख ही गया होगा,
सहज लोकप्रियता का वह आकर्षण
एक स्तरीय लेखक को डुबो रहा था,
अब मेरा क्लेश मिटा । आभार लो

G Vishwanath said...

Very informative.
I learned some new words in Hindi.
It's a pleasure to read technical articles in Hindi. We usually don't get this opportunity.

Do occasionally write hard core technical stuff like this in Hindi.
This is your field of expertise and you can write with authority and credibility.


Regards
G Vishwanath

कविता रावत said...

बहुत ही बढिया और ज्ञानवर्धक जानकारी …………आभार्।

ZEAL said...

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अमरजीत जी ,

रोग के लक्षण तो एक से ही होंगे , चाहे विवाहित हों अथवा अविवाहित।

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Indranil Bhattacharjee ........."सैल" said...

बहुत ही बढिया और जानकारीपरक पोस्ट है ... धन्यवाद ! खासकर महिलाओं के लिए ये पोस्ट बहुत काम का है ... और मैं समझता हूँ की कम से कम ब्लॉग जगत में जितनी भी महिलाएं हैं उन्हें इस पोस्ट को ज़रूर पढ़ना चाहिए ...
पुरुष को भी पढ़ना चाहिए ...

शेखचिल्ली का बाप said...

Nice post .

veerubhai said...

Divyaaji !yr presence on health issues is very promising .Best of luck and warm regards .
veerubhai .

Kailash C Sharma said...

बहुत ज्ञानवर्धक पोस्ट. बधाई

sumati said...

MAIN AAP KI POST PER PEHLI BAAR AAYA ..ACHHA LAGA MAINE TO BAS BUDDHIVILAS KE LIYE HI BLOG LIKHE PAR AAP NE BEHAD SARAL BHASH MAIN ES JATIL BIMARI SE AVGAT KARAYA KYA CHHOTE BACHHO MAIN BHI ES KI SAMBHAVNA REHTI HAI.... MY 10 YEAR OLD DAUGHTER IS FEELING PAIN IN THE BACK OF HER LEFT SIDE CHEST (NIPPLE)..TO WHOM WE SHULD CONTACT GYNI OR PIDEA OR CHEST ESPSLIST

ZEAL said...

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सुमति जी,

बच्चों में स्तन कैंसर नहीं होता । Ductal invasive carcinama , केवल adults में होता है । लेकिन adolocents में ०.१ % संभावना को नकारा नहीं जा सकता । puberty के समय कन्याओं में स्तन विकास की शुरुवात , इस तरह की गाँठ [बटन ] से ही होती है। यह नोर्मल ग्रोथ है । लेकिन यदि इसमें दर्द या फिर खुजली [itching] हो तो आप तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। दुसरे स्तन का विकास एक से दो माह के बाद शुरू हो सकता है । आप अपनी उलझन दूर करने के लिए अपने GP [फॅमिली डाक्टर] , से puberty सम्बन्धी जानकारी ले सकते हैं।

आपकी बच्ची दस साल की है । वह नोर्मल ग्रोथ ले रही है , लेकिन यदि आप निश्चिन्त नहीं हैं तो आप , बाल रोग विषेशग्य से सलाह ले सकते हैं।

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प्रवीण पाण्डेय said...

बाप रे बाप, पुरुषों में भी होता है?

ѕнαιя ∂я. ѕαηנαу ∂αηι said...

zeal ji i have gone through your post and found quite informative for a common man ,public response to this post has stimulated me to write some similar post for public interest. if you do't mind may i know your faculty. Thanks . Dr Sanjay dani M.S. Ear nose throat.

विरेन्द्र सिंह चौहान said...

कैंसर के विषय में इतनी विस्तृत जानकारी पसंद आई. ये आपने बहुत ही अच्छा काम किया.

जयकृष्ण राय तुषार said...

बहुत ही समाजोपयोगी लेख बधाई डाँ0दिव्या जी आप जैसे चिकित्सकोँ को ही भगवान कहा जाता है।

ZEAL said...

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@ Dr Sanjay Dani -

Gynae/obs

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Coral said...

Dear Zeal

Very nice and informative information. Indraneel told me about your post 2 days back sorry not able to read earlier.

I always like to read your blog and come here whenever I get time. Keep posting such informative articles.

देवेन्द्र पाण्डेय said...

उपयोगी जानकारी...सार्थक पोस्ट।
..आभार।

amar jeet said...

इस बार मेरे ब्लॉग में '''''''''महंगी होती शादिया .............

Swarajya karun said...

जन-हित में दी गयी स्वास्थ्य संबंधी उपयोगी जानकारी के लिए आभार. समाज-कल्याण की भावना से ब्लॉग जैसे आधुनिक संचार और प्रचार माध्यम का सार्थक उपयोग किया है आपने.

शोभना चौरे said...

बहुत ही ज्ञानवर्धक पोस्ट सर्वगुण सम्पन्न हो |बधाई स्वीकारो |आज तीन दिन बाद पूना से लौटी तो देखा तुम्हारी तीन पोस्ट एक से बढ़कर एक अभी पूरी तरह से एक ही पढ़ पाई हूँ |शुभकामनाये |

priya said...

Such information regarding a horrible disease is higly essential. Thanks for explaining it in simple language.

Anonymous said...

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