Thursday, August 2, 2012

झूमे ये सावन सुहाना...सुहाना....


बात-बात पर भैया के साथ झगड़ना मेरी आदत थी। भैया कौन से दूध के धुले हैं, ताली एक हाथ से तो नहीं बजती , वे भी मुझसे बहुत झगड़ते थे। मुझे मारकर भागना और उन्हें पकड़कर वापस मार पाने की ललक में मैं उनका पीछा करती थी। हाथ नहीं आते थे। सारे के सारे थप्पड़ पेंडिंग पड़े हैं। अभी तक हिसाब बराबर नहीं हुआ। क्योंकि विवाह के बाद भाई अपनी बहनों से लड़ना जो छोड़ देते हैं।

हाई स्कूल का अच्छा रिजल्ट आने पर hmt की 'swarna' घडी मिली भैया से। ग्यारहवी पास करने पर भैया की तरफ से एक साईकिल और बारहवी की परीक्षा में बढ़िया अंक आने पर two-in-one , जिस पर आज भी कैसट बजते हैं मेरे रसोईघर में। सुबह-सुबह सुन्दर-काण्ड और उसके बाद ..." मेरे वतन के लोगों...."

और फिर सिलसिला शुरू हुआ चिट्ठी के माध्यम से राखी के धागों को भेजने का...

आज अपने बड़े भाई के साथ-साथ अपने ब्लॉग और फेसबुक पर मिले सभी भाई-बहनों को रक्षा-बंधन के पवित्र-पावन पर्व की सुभकामनायें।

भईया मेरे, राखी के बंधन को निभाना ....

Zeal

28 comments:

lokendra singh said...

shubhkamnayein.....

प्रवीण पाण्डेय said...

सबको इस पर्व की शुभकामनायें..

प्रतिभा सक्सेना said...

भाई-बहिन का स्नेह एक अनुपम अनुभव है जिसकी याद भी मन को पुलक से भर देती है .
राखी का यह त्योहार हमारे भारत की ही विशेषता है जो सभी को मोह लेता है-
भाई-बहिनों का स्नेह चिर-काल यों ही बना रहे !

G.N.SHAW said...

शुभकामनाये | इस प्रेममयी बंधन को एक भाई को भुलाना बड़ा ही मिश्किल होता है |
मेरे ब्लॉग को जरुर पढ़े...
http://gorakhnathbalaji.blogspot.com/2012/08/blog-post.html

veerubhai said...

बहिन, भाई के अन्दर पिता का निस्स्वार्थ छाता, और भैया, माँ को ढूंढता है कहतें हैं जो भाई अपनी बहन से बहुत रागात्मक सम्बन्ध बनाए रहतें हैं उनके साथ स्नेहिल बने रहतें हैं उन्हें हार्ट अटेक नहीं पड़ता ,दिल की बीमारियों से बचाता है माँ के जाने के बाद बहन का प्यार .रक्षा बंधन मुबारक -झूमें ये सावन सुहाना ,भैया मेरे राखी के बंधन को निभाना ,शायद वो सावन भी आये ,जो पहले सा रंग न लाये, बहन पराये देश बसी हो ,अगर वो तुम तक पहुँच न पाए ,झूमें ये सावन सुहाना ...इस गीत की मिसरी बचपन में ले जाती है .छोटी बहन का यह गीत आज भी उतना ही मीठा लगता है जितना "चंदा मामा दूर के ,पुए पकाए बूर के ,आप खाएं प्याली में ,मुन्ने को दें ,प्याली में .

रविकर फैजाबादी said...

उत्कृष्ट प्रस्तुति शुक्रवार के चर्चा मंच पर ।।

शिवम् मिश्रा said...

ब्लॉग बुलेटिन की पूरी टीम की ओर से आप सभी को रक्षाबंधन के इस पावन अवसर पर बहुत बहुत हार्दिक बधाइयाँ और शुभकामनाये | आपके इस खूबसूरत पोस्ट का एक कतरा हमने सहेज लिया है, एक आध्यात्मिक बंधन :- रक्षाबंधन - ब्लॉग बुलेटिन, के लिए, पाठक आपकी पोस्टों तक पहुंचें और आप उनकी पोस्टों तक, यही उद्देश्य है हमारा, उम्मीद है आपको निराशा नहीं होगी, टिप्पणी पर क्लिक करें और देखें … धन्यवाद !

सदा said...

इस स्‍नेहिल पर्व की आपको भी अनंत शुभकामनाएं

mahendra verma said...

रक्षाबंधन पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।

expression said...

हमने तो अब भी लड़ना झगडना नहीं छोड़ा.....
:-)

अब भी राखी की थाली में पैसे गिन गिन कर रखवाती हूँ......वो सवा रूपया रखता है :-)
ढेर सी शुभकामनाएं आपको...और सभी प्यारे भाइयों को.

अनु

Mukesh Kumar Sinha said...

raksha bandhan ki shubhkamnayen...

डॉ टी एस दराल said...

भाई बहन के पावन स्नेह और प्यार का प्रतीक है रक्षाबंधन .
शुभकामनायें .

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) said...

कल 03/08/2012 को आपकी यह बेहतरीन पोस्ट http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
धन्यवाद!

Maheshwari kaneri said...

रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनायें !दिव्या जी..

वन्दना said...

बहुत ही सुन्दर .............रक्षा बंधन की हार्दिक शुभकामनाये

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
श्रावणी पर्व और रक्षाबन्धन की हार्दिक शुभकामनाएँ!

अरुण कुमार निगम (mitanigoth2.blogspot.com) said...

रक्षा बंधन पर्व की शुभकामनायें.
बचपन की छीना झपटी, छेड़छाड़, रूठना-मनाना, प्यार मनुहार, खेलना लड़ना, शिकायतें सब कुछ, दूर होने पर आज के दिन विशेषरूप से याद आ जाता है.

सुशील said...

चिट्टियाँ वैसे तो अब कोई
नहीं लाता है पोस्टमैन
राखी की चिट्ठियाँ देने पर
पक्का आता है पोस्टमैन !

Rakesh Kumar said...

रक्षा-बंधन के पवित्र-पावन पर्व की शुभकामनाएँ.

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

शुरू हुए रमजान, सरसती धरती में ङरियाली।
रक्षाबन्धन आया-लाया, साथ घटा काली-काली।।
रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएँ!

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

भाई बहन का स्नेहिल रिश्ता ...लड़ना झगड़ना भी स्नेह में ही शामिल रहता है । शुभकामनायें

Anita said...

मेरी हाई-स्कूल में फ़र्स्ट डिवीज़न आने पर मुझे भी मेरे भैया ने hmt की ही Wrist Watchदी थी..!:)
बहुत सुंदर !

S.M.HABIB (Sanjay Mishra 'Habib') said...

सादर शुभकामनाएं...

Rajesh Kumari said...

बहुत प्यारी पोस्ट शुभकामनाएं आपको

sushma 'आहुति' said...

bhaut-bhaut shubkamnaaye.....

सुधाकल्प said...

संस्मरण बाल स्मृतियों के खूले में झूलता ,भाई -बहन के निर्मल प्यार की खुशबू बिखेरता बहुत अच्छा लगा |

कविता रावत said...

भाई बहिन की लड़ाई झगड़ा प्यार भरा होता है यह दूर होने के बाद बहुत याद आता है ..
बहुत सुन्दर
रक्षाबंधन की शुभकामना

कविता रावत said...

भाई बहिन की लड़ाई झगड़ा प्यार भरा होता है यह दूर होने के बाद बहुत याद आता है ..
बहुत सुन्दर
रक्षाबंधन की शुभकामना