Friday, August 24, 2012

तीखी या फिर खरी-खरी ?

कुछ लोग सत्यवादी होते हैं।
सत्यवादी निर्भीक होते हैं।
निष्पक्ष और निष्कपट होते हैं।
किसी की भी चाटुकारिता नहीं करते।
सत्यवादियों के लिए अपना-पराया नहीं होता।
वे निर्लिप्त और निर्विकार होते हैं ।
सप्रयास अपनी स्पष्टवादिता को बनाये रखते हैं , वरना तो मार्ग से विचलित होने के अवसर बहुत होते हैं।
वे खरा-खरा ही बोलते हैं , किसी को तीखा लगता है , इस बात की परवाह किये बगैर।
खरा बोलने वाले , निंदा से विचलित नहीं होते, उसके लिए सदैव तैयार रहते हैं ।

हमारा खरा-खरा बोलना आपको 'खारा' लगता है तो इसमें हमारा क्या कसूर-?...हमें तो अपना खरापन ही सबसे ज्यादा मीठा लगता है।

कोमल प्रकृति वाले अपनी सुरक्षा की ज़िम्मेदारी स्वयं लें।

Keep Smiling !

Zeal

22 comments:

Bharat Bhushan said...

आपकी तीखी बात में हमारा सौभाग्य भी तो देखिए न डॉक्टर साहब. आपके इस स्वभाव को मैं काफी पहले से जानता हूँ और इसी लिए आपको पढ़ता भी हूँ :))

mahendra verma said...

‘खरा‘ और ‘खारा‘ का सटीक प्रयोग।
अंदाज हल्का-फुल्का लेकिन विचार सौ फी सदी खरा।

पूरण खंडेलवाल said...

हमारा खरा खरा बोलना आपको खारा लगता है तो इसमें हमारा क्या कसूर !!

RITU said...

:) सही

महेन्द्र श्रीवास्तव said...

हां जी बात मे दम है
बढिया

Ashish Mishra said...

सत्य कड़वा होता है और दवा भी हमेशा कड़वी ही होती है न?? पर उससे लाभ होता है. सो सच की दवा देते रहिये. अच्छा ब्लॉग.

Ashish Mishra said...

सत्य कड़वा होता है और दवा भी हमेशा कड़वी ही होती है न?? पर उससे लाभ होता है. सो सच की दवा देते रहिये. अच्छा ब्लॉग.

सुधाकल्प said...

खरे -खरे बोलों का खारापन स्वादिष्ट लगा और आज से हमारा नारा है -सत्य बोलिए ,स्वस्थ रहिये |

प्रतुल वशिष्ठ said...

ऐसे बानी बोलिए मन का आपा खोय
औरन को शीतल करे आपहुँ शीतल होय. .... दास कबीरा.
@
बानी बेशक बोलिए तीखी खरी-खरी.
कटुता इतनी न बढ़े मिश्री जाय डरी. ...... दास फकीरा.

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

बहुत अच्छी प्रस्तुति!
इस प्रविष्टी की चर्चा कल शनिवार (25-08-2012) के चर्चा मंच पर भी होगी!
सूचनार्थ!

शिवम् मिश्रा said...

जे बात ... ;-)


मेरा रंग दे बसंती चोला - ब्लॉग बुलेटिन आज की ब्लॉग बुलेटिन मे शामिल है आपकी यह पोस्ट भी ... पाठक आपकी पोस्टों तक पहुंचें और आप उनकी पोस्टों तक, यही उद्देश्य है हमारा, उम्मीद है आपको निराशा नहीं होगी, टिप्पणी मे दिये लिंक पर क्लिक करें और देखें … धन्यवाद !

sushma 'आहुति' said...

बेहतरीन अभिवयक्ति.....

सुशील said...

खरा नहीं कुछ हरा बोल
बहुत सुंदर !


खरा खरा बोलता है
सादे को खारा बनाता है
जहाँ भी जाता है
अलग से बिठाया जाता है
बोलने का मौका उसको
कम भी दिया जाता है
मक्खन लगा कर जो
डबलरोटी खिलाता है
उसके सामने एक
सादी रोटी वाला
कुछ नहीं बेच पाता है !

ZEAL said...

सुशील जी , खरा बोलने वाले को सुनने और गुनने वाले बहुत होते हैं ! लोगों की आस्था भी उन्ही पर ज्यादा होती है ! चाटुकारों की भीड़ में खरा बोलने वाला विरला ही होता है !

ZEAL said...

प्रतुल जी , आपने कबीर दास का जो दोहा कोट किया है , वह इस पोस्ट पर अनुपयुक्त है, क्यों की कबीर ने अपने दोहे में खरा बोलने का विरोध नहीं किया है, न ही चाटुकारिता करने का सन्देश दिया है.

Kailash Sharma said...

बहुत सच कहा है..

Anonymous said...

My programmer is trying to convince me to move to .net from PHP.
I have always disliked the idea because of the expenses.
But he's tryiong none the less. I've been using WordPress on a variety of websites for about a year and am worried about
switching to another platform. I have heard excellent things about blogengine.
net. Is there a way I can transfer all my wordpress posts into it?
Any help would be really appreciated!
Also see my web page > rating website

Anonymous said...

Wonderful blog! Do you have any recommendations for aspiring writers?
I'm planning to start my own blog soon but I'm a little lost on everything.

Would you propose starting with a free platform like Wordpress or go for a paid option?
There are so many choices out there that I'm totally confused .. Any tips? Cheers!
My web site :: penispuffers.thumblogger.com

Anonymous said...

I'm not sure why but this weblog is loading very slow for me. Is anyone else having this issue or is it a issue on my end? I'll check back
later on and see if the problem still exists.

my web page erovilla

Anonymous said...

I truly love your blog.. Excellent colors & theme.
Did you make this website yourself? Please reply back as I'm hoping to create my own personal blog and would like to know where you got this from or just what the theme is called. Many thanks!

Also visit my web blog - Read This method

Anonymous said...

Hello, just wanted to tell you, I enjoyed this blog post.
It was helpful. Keep on posting!

Here is my web site; expansive mortar Gauteng

Anonymous said...

It's hard to find well-informed people about this subject, however, you seem
like you know what you're talking about! Thanks

my weblog; Diabetic Neuropathy