Friday, August 24, 2012

इस मनचले ब्लॉगर का आभार


कल एक मनचले ब्लॉगर की पोस्ट पर एक टिप्पणी पढ़ी। अब ये न पूछियेगा किसकी टिप्पणी थी। अरे उसी मनचले ब्लॉगर की टिप्पणी थी जिसके ब्लॉग पर लिखी थी। बस उसका शौक है की अपने ही ब्लॉग पर 'बेनामी' बनकर खुद ही टिप्पणी करता है....Smiles...

खैर टिप्पणी में लिखा क्या था ?

लिखा था-- " दिव्या ने अपने ब्लॉग पर ३० साल पुरानी तस्वीर लगा रखी है , पता नहीं किसको आकर्षित करने के लिए"

पढ़कर मन में यही ख़याल आया की ये इतना बुज़ुर्ग हो गया है, लेकिन महिलाओं की तस्वीरों में ही उलझा हुआ है अभी तक। ब्लॉगर तो बुद्धिजीवी वर्ग में आते हैं, लेकिन ये तो किसी के विचार नहीं पढता, बल्कि तसवीरें ही देखता है।

लेकिन फिर सोचा , बात तो सही कह रहा है बेचारा। इतनी पुरानी तस्वीर लगाने क्या फायदा। चलो कोई बुढापे वाली शानदार तस्वीर लगाई जाए। कुछ तो डरेगा ये मुझसे। बस फिर क्या था , ढूंढना शुरू किया एक अदद तस्वीर को , जिसने पैसठ (६५) बसंत देख लिए हों।

वो कहते हैं ना-- जहाँ चाह , वहां राह......मिल गयी ना आखिर एक अदद तस्वीर श्रीमती दिव्या श्रीवास्तव की।

नोट- दोनों तस्वीरों में परिधान एक ही है (वही तीस साल पुराना), सर्फ़ एक्सेल का कमाल है !!


Hey ! Thanks Mr मनचले !

Zeal

23 comments:

Kailash Sharma said...

बहुत खूब!

ZEAL said...

प्रोफाइल में लगी तस्वीरें लेखक/लेखिका का एक परिचय मात्र होती हैं। किसी को लुभाने और आकर्षित करने के लिए नहीं होती। प्रतिदिन अपडेट नहीं की जा सकतीं। कुछ ब्लॉगर्स को अपनी गन्दी मानसिकता बदलने की ज़रुरत है। किसी पर अभद्र टिप्पणी करने से पूर्व दो बार सोच लें तो बेहतर होगा।

DR. ANWER JAMAL said...

Zabardast.

Topik Guide said...

अब ऐसे लोगों का क्या कीजियेगा...
इनको दूसरों को लेकर टेंशन होती रहती है...
वैसे आप दोनों तस्वीरों में ग्रेसफुल दिख रही हैं...

Satish Chandra Satyarthi said...

अब ऐसे लूगों का क्या कीजियेगा..
इनको दूसरों के लेकर ही टेंशन होती रहती है..
वैसे आप दोनों तस्वीरों में ग्रेसफुल दिख रही हैं...
(पिछला कमेंट मेरे दूसरे वेबसाईट की आईडी से हो गया.. उसे हटा दीजियेगा.)

N Quamar said...

Is prakar ke log har jagah mil jayenge. Behtar hai wo log likhne ke liye kuchh achha sochein.

दिवस said...

तस्वीर नहीं हो गयी कोई आफत हो गयी| उसे तस्वीर की इतनी क्या पड़ी है?
उस बूढ़े बागड़ बिल्ले की टिप्पणी मैंने देखी है| बुरा न माने तो उस मनचले के विषय में कुछ कहना चाहता हूँ|
दरअसल इस ठरकी बुड्ढे ने जवानी में काफी गुलछर्रे उडाए होंगे और अब बुढापे में सेहत साथ नहीं दे रही तो यहाँ इंटरनेट पर वैचारिक हस्तमैथुन के सहारे अपनी खुन्नस निकाल रहा है| इसकी एक से बढकर एक घटिया और अश्लील पोस्ट सब पढ़ चुके हैं|
स्साला ठरकी, अपनी बेटी की उम्र की स्त्रियों को भी वहशीपने की नजर से देखता है| पता नहीं इसकी बेटियाँ इसके सान्निध्य सुरक्षित हैं या........

Virendra Kumar Sharma said...

हेयर स्टाइल पहले (श्रीमती )मृणाल पांडे ,लेखिका एवं पत्रकारा जैसा था पहले लेकिन सौम्यता हेयर डू की मोहताज़ कहाँ होती है .असल बात है गट्स और खुद पे भरोसा ..........बे -नामी सभी नामी -गिरामी होतें हैं ,जाकी रही भावना जैसी प्रभु मूरत देख तिन तैसी कृपया यहाँ भी पधारें -
गृधसी नाड़ी और टांगों का दर्द (Sciatica & Leg Pain)
गृधसी नाड़ी और टांगों का दर्द (Sciatica & Leg Pain)

सुष्मना ,पिंगला और इड़ा हमारे शरीर की तीन प्रधान नाड़ियाँ है लेकिन नसों का एक पूरा नेटवर्क है हमारी काया में इनमें से सबसे लम्बी नस को हम नाड़ी कहने का लोभ संवरण नहीं कर पा रहें हैं .यही सबसे लम्बी और बड़ी (दीर्घतमा ) नस (नाड़ी )है :गृधसी या सियाटिका .हमारी कमर के निचले भाग में पांच छोटी छोटी नसों के संधि स्थल से इसका आगाज़ होता है और इसका अंजाम पैर के अगूंठों पर जाके होता है .यानी नितम्ब के,हिप्स के , जहां जोड़ हैं वहां से चलती है यह और वाया हमारे श्रोणी क्षेत्र (Pelvis),जांघ (जंघा ) के पिछले हिस्से ,से होते हुए घुटनों पिंडलियों से होती अगूंठों तक जाती है यह अकेली नस ,तंत्रिका या नाड़ी(माफ़ कीजिए इसे नाड़ी कहने की छूट आपसे ले चुका हूँ ).

ब्लॉ.ललित शर्मा said...

वाह वाह वाह, ये भी खूब रही। नहले-पर दहला।

Anonymous said...



DEAR ZEAL
you are dOctor
pleAse wrIte a p0st on male menopause , its syMptoms and how it effects the person

ZEAL said...

ANNONYMOUS जी, ज्यादा होशियार बनने की ज़रुरत नहीं ! मेरे ब्लॉग पर बेनामी बनकर भड़ास निकालने की ज़रुरत नहीं है ! तुम नर हो अथवा नारी , ये भी बखूबी पता है मुझे ! अतः बेनामी बनकर कमेन्ट करने की घटिया हरकत बंद करो ! खुद में दम है और ज़रा भी इमानदारी है तो अपने नाम से कमेन्ट करो, अन्यथा दूर रहो 'zeal ' ब्लॉग से !

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) said...

Please moderate and delete all the bloody Anonymous comments.readers are only interested to read views on the post that are expressed by the writer.no matter if they agree or disagree; not in viewing the profile pic.

but anyway its nice to see you with sweet brother in the pic.

Regards.

Anti Virus said...

Looking good.

Mrityunjay Kumar Tripathi said...

क्‍या बात है। शरारत का जवाब आपने कुछ इस कदर दिया है कि उसका मुंह भी बंद हो गया और हमें एक पोस्‍ट भी पढ़ने को मिल गया।

Rajesh Kumari said...

आपकी किसी पुरानी बेहतरीन प्रविष्टि की चर्चा मंगलवार २८/८/१२ को चर्चाकारा राजेश कुमारी द्वारा चर्चामंच पर की जायेगी मंगल वार को चर्चा मंच पर जरूर आइयेगा |धन्यवाद

Sanju said...

nice presentation....
Aabhar!
Mere blog pr padhare.

Rajesh Kumari said...

दिव्या तुम दोनों पिक्चर में ही सुन्दरता सौम्यता की मूर्ति लग रही हो pls check my first comment in spam

Bikramjit said...

Balle balle :) You are looking great even now.. I was going to write beautiful but then I thought the bloggers who are in awe of you all the time , might come to mine and threaten me , Ki why am I looking at you like that :) he he he he

and who is the little one along with you ..

I see you get very anxious at what others have to say, Why .. you know when a Lion or a elephant is walking lots of dogs and jackals and othere small animals have this tendency to bark.. But that doesnot mean the lion or the elephant will change their way, They walk ever so majestically always :)


Good to see you and did you say 65 NA , doesnot look that way .. and why dont you tell me what all places do these people write such comments, I never seem to go there .. :) but then leave it wont like to go to some crap blog of some crap person :)

How are you doing Mam, Long time no see :)

Bikram's

काजल कुमार Kajal Kumar said...

/:-)

Maheshwari kaneri said...

दिव्या तुम दोनो में ग्रेसफुल लगरही हो..

आशा बिष्ट said...

VERY NICE PHOTO..

सञ्जय झा said...

subhkamnayen......

............
............


pranam.

Thar Express said...

दिव्या जी
आपका बेबाकपन बहुत अच्छा लगता है. में आपके कई पोस्ट हजारों पाठकों तक पहुंचा चूका हूँ बहुत प्रतिक्रियाएं आती है. बस आप लिखती रहें ........साधुवाद...