Friday, September 16, 2011

मिलिए एक आलिशान व्यक्तित्व से

हम सभी को मीडिया से ये शिकायत रहती है की वे हमें कुछ सकारात्मक नहीं दिखाते। तो मैंने सोचा क्यूँ न मैं आपको कुछ सुन्दर, सार्थक और अविस्मर्णीय हस्तियों से मिलाऊं ।

मिलिए डॉ भोला और डॉ कृष्णा जी । माता-पिता तुल्य आदरणीय एवं ममतामयी हस्तियाँ । हमारे बुज़ुर्ग हमारे लिए कितना सकारात्मक योगदान कर रहे हैं अपनी भावी पीढ़ी के लिए जिसके लिए हमें इनका कृतज्ञ होना चाहिए।

तो मिलिए मेरे पिता तुल्य भोला जी से और माता समान कृष्णा जी से --


Zeal

17 comments:

DR. ANWER JAMAL said...

बहुत अच्छा लगा जानकर
ऐसे ही लोग दिखाते हैं लोगों को समस्याओं से समाधान

ऐसे ही लोगों ने दी है यह पद्धति ,

http://pyarimaan.blogspot.com/2011/09/130-good-news.html

Indranil Bhattacharjee ........."सैल" said...

अच्छा लगा मिलकर ... धन्यवाद !

DR. ANWER JAMAL said...

करेक्शन
(ऐसे ही लोग दिखाते हैं समस्यओं के समाधान)

नाम जाप एक अति प्राचीन पद्धति है.
इसके कारगर होने में कोई शक नहीं है।
कुछ लोग वाणी से उच्चारित करते हैं और कुछ लोग मन से जाप करते हैं.
किसी भी तरह से जाप किया जाए लेकिन जाप में निरंतरता रहने से वह जाप अखंड भाव से मनुष्य के अंतर्मन में जारी हो जाता है।
तीन माह के बाद आदमी चाहे सोता रहे या रोता रहे या गाता रहे कुछ भी वह जाप उसके अंदर चलता ही रहता है और जाप करने वाला उसे सुनता है।
दिल की आवाज़ को भौतिक जगत की अन्य ध्वनियों की तरह सुना जाना संभव है.
जिसे शक हो ख़ुद करके या हमारे पास आकर देख ले, सुन ले.
इस जाप से मन को शांति मिलती है लेकिन यह जाप तब तक ईश्वर की प्राप्ति का साधन नहीं बन पाता जब तक कि उसके आदेश निर्देश का पालन न किया जाए.
मन मानी के साथ नाम जाप से सिद्धि भी मिल सकती है और शक्ति भी लेकिन प्रभु का वह अनुग्रह नहीं मिल सकता जिसके लिए मनुष्य की सृष्टि की गई और उसे इस जगत में लाया गया।
उसके आदेश से काटने के बाद नाम जाप मात्र एक मनोरंजन भर है।

Rakesh Kumar said...

राम का नाम मंगलदाई है.
डॉ भोला जी व कृष्णा जी को सादर नमन.
G.N.Shaw जी ने पहले सी ही उनका फालोअर
बनवा दिया है मुझे.

Rakesh Kumar said...

सच्चे हृदय से निरंतर नाम जप से मनुष्य स्वत:दया,अहिंसा,करुणा
प्रेम के भावों से ओत प्रोत होने लगता है.यदि ऐसा नहीं है तो नाम जप
ऊपर का एक देखावा है.

ashish said...

आभार इस मुलाकात के लिए .

Jyoti Mishra said...

ppl like Krishna ji change the world in their own unique way !!!

mahendra verma said...

डॉ. भोला जी और डॉ. कृष्णा जी से उनके विचारों के माध्यम से मिलकर एक सुखद अनुभूति हुई।

रविकर said...

धन्यवाद ||

रेखा said...

बहुत अच्छा लगा मिलाकर .......आभार आपका

ताऊ रामपुरिया said...

बहुत आभार इस परिचय के लिये.

रामराम

प्रवीण पाण्डेय said...

आभार परिचय का।

ajit gupta said...

बहुत नेक कार्य।

JC said...

अत्यंत प्रसन्नता हुई भोला दंपत्ति से मिल!

कथन है कि राम ने प्रत्यक्ष रूप में कुछ ही 'राक्षसों' को मोक्ष दिलाया,,, जबकि उनके नाम ने असंख्य को मोक्ष दिला दिया है :)

मैं कल परेशान रहा कि गुलाम अली द्वारा गाये किस गाने की तर्ज़ पर भोला जी ने गीत जी का गाना गाया?
उसे मैंने कई बार गुनगुनाया, फिर देर बाद अचानक याद आ ही गया "कल बबूलों से भर गया था दश्त / किसकी दहशत ने ख़ाक उड़ाई थी..."...
परिचय के लिए धन्यवाद!

मदन शर्मा said...

बहुत सुन्दर व्यक्तित्व से परिचय कराने के लिए आपका कोटिशः धन्यवाद

Bhola-Krishna said...

दिव्या बेटा ,

इतना सम्मान दिया जिसका पात्र नहीं हूँ ! इसके वास्तविक अधिकारी हैं "वह परम" जो इस शरीर से सभी क्रियाएँ करवा रहे हैं ,जो चाहते है लिखा लेते हैं ,जो चीज़ सुनना चाहते हैं वही गवा लेते हैं !

"डॉक्टर अनवर जमाल साहिब" ने बड़े सारगर्भित विचार व्यक्त किये हैं ! उनको सादर प्रणाम ! नाम महिमा के अपने अगले ब्लॉग में उनके विचार अवश्य शामिल करूँगा !

प्रियवर "जे सी" जी ने गजल की धुन पर शोध किया !उन्हें हार्दिक बधाई ! वह धुन मेरी नहीं, पारंपरिक है ! बेगम अख्तर साहिबा , मलिका पुखराज ,मुजद्दिद नियाजी ,यूनुस मलिक , के एल सैगल और अनेको पुराने जमाने के गायकों ने इस धुन पर गजले गायी हैं ! इत्तेफाक से मैंने न मरहूम बड़े गुलाम अली साहेब से न आजकल वाले से ही कभी यह धुन सुनी है !

दिव्या बेटा आपको और आपके सभी विशिष्ट फोलोअर्स को पुनः हार्दिक धन्यवाद !
भोला कृष्णा

ZEAL said...

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माँ-पिताजी,
अपना आशीर्वाद हम बच्चों पर बनाये रखिये। हमारी नादानियों को क्षमा करते रहिये। आप दोनों के अच्छे स्वास्थ्य की कामना के साथ, सादर, आपकी बिटिया ।

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