Tuesday, April 3, 2012

माँ

माँ के समान निस्वार्थ प्यार करने वाला दूसरा कोई नहीं होता। माँ की पुण्य तिथि (३ अप्रैल) पर माँ को सादर प्रणाम।

" आप कल भी साथ साथ थीं , आप आज भी करीब हैं। "

Zeal

18 comments:

DR. ANWER JAMAL said...

Shubhkamnayen apke liye
aur aadar mata ji ke liye.

"मां बाप हैं अल्लाह की बख्शी हुई नेमत":
http://mushayera.blogspot.com/2012/04/1-2012.html

udaya veer singh said...

अश्रुपूरित नयनों से मां को विनम्र श्रद्धांजलि ....मां निरंतर साथ होती है ....सतत ...../

Trupti Indraneel said...

माताजी को नमन !

यादें....ashok saluja . said...

माँ!
नमन श्रद्धांजलि!

Bharat Bhushan said...

माँ हमेशा साथ होती है. वह कभी नहीं मरती. माता जी को सादर नमन.

DINESH PAREEK said...

एक और अच्छी प्रस्तुति |
ध्यान दिलाती पोस्ट |
सुन्दर प्रस्तुति...बधाई
दिनेश पारीक
मेरी एक नई मेरा बचपन
http://vangaydinesh.blogspot.in/
http://dineshpareek19.blogspot.in/

S.N SHUKLA said...

सामयिक और सार्थक पोस्ट, आभार.

प्रतुल वशिष्ठ said...

'माँ' की स्मृति मेरे लिये सदा याद्कार रहेगी.... क्योंकि आज निज जीवन में कुछ विशेष होने जा रहा है.

'माँ' का आशीर्वाद रहा तो अभाव शीघ्र समाप्त होंगा !

सदा said...

माँ .. हमेशा ही साथ रहती हैं ... पुण्‍यतिथि पर सादर नमन ..

दिगम्बर नासवा said...

सच है माँ जैसा कोई नहीं दुनिया में ...

mahendra verma said...

स्नेह, प्रेम, सम्मान, श्रद्धा, व्यक्त करने वाले सुलभ हैं किंतु ममत्व तो केवल मां से ही मिल सकता है, अन्यत्र नहीं।

मां को विनम्र श्रद्धांजलि !

Bikramjit said...

my sincerest regards.

MA is a way, a tool , a step given to us to be nearer to God ..


Bikram's

Sunil Kumar said...

विनम्र श्रद्धांजलि....

G.N.SHAW said...

जो किसी के अन्दर दुर्गुण नहीं देखती , वह माँ ही है ! माँ को नम्र श्रधांजलि !

अरुण कुमार निगम (mitanigoth2.blogspot.com) said...

विनम्र श्रद्धांजलि......
मेरी दुनियाँ है माँ तेरे आँचल में,
सुख का साया तू, दु:ख के जंगल में.

Rakesh Kumar said...

ईश्वर सर्वप्रथम माँ के रूप में ही नजर आते हैं.
स्नेहमयी माँ जी को सादर नमन.

Rekha Joshi said...

Mother is another name of God.My shrdhanjali to your mother

Rekha Joshi said...

Mother is another name of God .My shradhanjali to your mother