Thursday, April 26, 2012

खुर्शीद का डबल स्टैण्डर्ड देखिये

बीजेपी के नेता को पोर्न देखते देख लिया तो , हाय तोबा मचा दिया। बोले--"असेम्बली में बैठकर किसी की कोई प्राइवेट लाइफ नहीं होती"

इसके विपरीत सिंघवी की अश्लील कहानी के लिए खुर्शीद का कहना है की - " ये उनका निजी मामला है"

धन्य है कांग्रेस। इतनी जल्दी तो गिरगिट भी रंग नहीं बदलता।

4 comments:

शहरयार said...

भाजपा के नेताओं का विधान सभा का वीडियो सबने देखा था, वोह भी लाईव.

परन्तु सिंघवी का वीडियो मोर्फ करके बनाया हुआ है. जिसकी शिकायत खुद सिंघवी ने पिछले महीने ही पुलिस में की थी, मीडिया में तो यह मुद्दा अब आया है. और इसलिए कोर्ट ने उसपर रोक भी लगाईं है. भाजपा और उसके प्रशंसकों का यह काम है कि वह बिना जुर्म साबित हुए ही मुलजिम को मुजरिम बनाने की कोशिश करते हैं.

सोचते हैं कि झूट को सौ बार चिल्ला-चिल्ला कर बोला जाए तो वह सच हो जाएगा.

दिवस said...

निजी मामला कहाँ से भला? क्या वो महिला उसकी पत्नी थी? क्या वो किसी प्राइवेट मीटिंग में था? वो तो नौकरी का झांसा देकर उसका शोषण कर रहा था। अब ये यदि प्राइवेट मामला है तो फिर तो कोई भी करे, कोई अपराध नहीं खुशीदानुसार।
बात दरअसल यह है कि कांग्रेसी तमगा ही दूध से धुले होनी की पहचान है।

Ratan singh shekhawat said...

निजी मामला तो तब माना जाता जब वह महिला वकील सिंघवी के साथ दोस्ती निभाने आती पर वह तो जज बनने के लिए सब कुछ करने आई|
यानी उसने जज बनने के लिए रिश्वत में धन की जगह अपना शरीर इस्तेमाल करने दिया|
तो क्या कांग्रेस राज में अब रिश्वत भी निजी मामला होने लगा ??

महेन्द्र मिश्र said...

नेता बनाम इनकी करनी और कथनी में जमीन आसमान का अंतर होता है तभी तो ये कहलाते हैं ने.......ता ....