Tuesday, February 14, 2012

काला-बाजारी

विदेशों के स्विस बैंकों आदि, 'Tax heaven' में सबसे ज्यादा पैसा भारत से पहुँचता है हमको अईसा-वयिसा समझो हम "भारत" हैं हम कोई मामूली नहीं हैं ,हमने पांच सौ बिलियन डॉलर जमा कर रखा है विदेशों में सीबीआई डायरेक्टर 'A P Singh' का कहना है -"यथा राजा तथा प्रजा" जय हो !

12 comments:

दिवस said...

सत्य वचन !!!
हम कोई ऐसे-वैसे नहीं हैं। हमे सोने की चिड़िया यूं ही नहीं कहा गया।
आज हमारा धन विदेशी बैंकों में इन भ्रष्टों के खातों में जमा है इसका मतलब यह नहीं कि हम गरीब हैं।
यथा राजा, तथा प्रजा यहीं चरितार्थ हो जाती है। हम हमारे राजाओं के सामान ही धनवान हैं, बस हमारे राजा ही लुटेरे निकले जिन्होंने हमे लूट लिया।

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

सिंह महोदय ने सही कहा...

Bharat Bhushan said...

जिन लोगों ने भारत को निर्धन किया है वे क्षमा के पात्र नहीं हैं.

काजल कुमार Kajal Kumar said...

हर रोज़ नई नई राशियां सुनाई देती हैं पर सबूत कोई नहीं देता

अरूण साथी said...

karba sach

दर्शन कौर 'दर्शी' said...

jay ho ji .......bharat mata ki jay ???????????????

प्रतिभा सक्सेना said...

जमा है. बाल-बच्चे खायेंगे !

कविता रावत said...

यथा राजा तथा प्रजा..
satya vachan..

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
--
आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा आज के चर्चा मंच पर भी की गई है!
सूचनार्थ!

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