Saturday, February 4, 2012

मीडिया , सीबीआई, जुडीशियरी , सब खरीद ली ?

ये हिन्दुस्तान है , खाला का घर नहीं है , जो मनमाना होने देंगे! --सुब्रमण्यम की याचिका ख़ारिज करके चिदंबरम को राहत देकर क्या साबित किया है अदालत ने ? बकरा तो हलाल होकर ही रहेगा, अब दिल्ली दूर नहीं ! सुब्रमण्यम स्वामी के साक्ष्यों पर हमें पूरा भरोसा है ! भ्रष्टाचारियों की माँ कब तक खैर मनाएगी! हम सुप्रीम कोर्ट जायेंगे , सच को सामने लायेंगे !

18 comments:

kshama said...

Sach waqayee samne aaye to sabhee ka bhala hoga!

Rakesh Kumar said...

हा! शोक.

देर है,अंधेर नहीं.

ZEAL said...

कपिल सिब्बल ने न्यूज चैनल से बातचीत में कहा कि-- "स्वामी को ऊपरी अदालतों में अपील करने दीजिए, इसके बाद उन्हें भगवान से अपील करनी पड़ेगी"---कपिल की बेशरमी और बदजबानी की इंतहा हो गयी है।

ZEAL said...

मुझे शक है सिब्बल और उसके चमचे , स्वामी जी की ह्त्या का षड्यंत्र रच रहे हैं , तभी वो ऐसा कह रहा है की " खुदा से अपील करना पड़ेगा"

Ramakant Singh said...

SATYA KO UDGHATIT HONEN DEN.
SATYA KI SADA VIJAY HOTI HAI.

Ramakant Singh said...

SATYA KO UDGHATIT HONEN DEN.
SATYA KI SADA VIJAY HOTI HAI.

चन्द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’ said...

वाह! ख़ूब लिखा है आपने

dheerendra said...

सच तो सच है एक दिन सच्चाई सामने जरूर आयेगी
सुंदर प्रस्तुती,

MY NEW POST ...40,वीं वैवाहिक वर्षगाँठ-पर...

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

अभी उच्च न्यायालय से उम्मीद है..

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

बहुत अच्छी प्रस्तुति!
इस प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार के चर्चा मंच पर भी होगी!
सूचनार्थ!

Rajesh Kumari said...

hume bhi sach ka intjaar hai agar sach ko mar diya gaya to supreme court
par se bhi vishvaas uth jaayega.ek vaqy eysa aayega iss desh me internal war hoga.kaash hindustani pics wala scene ho.

दिवस said...

आज टीवी पर खबर आ रही थी "चिदंबरम को राहत"

चिदंबरम को राहत???
क्या देश में केवल पटियाला हाउस नमक एक ही न्यायलय है? इन भ्रष्टाचारियों को याद रखना चाहिए कि सामने सुब्रमण्यम स्वामी है। तुम्हे इतनी आसानी से जीने नहीं देगा।
रही बात कपिल सिब्बल की तो अभी ओवर कॉन्फिडेंस में जी रहा है वो। भूल गया कि सामने वाली पार्टी महात्मा गांधी नहीं, सुब्रमण्यम स्वामी है। मरघट तक तेरा पीछा नहीं छोड़ेगा। तुम मर भी गए तब भी तुम्हारे पाप दुनिया के सामने लाएगा और तुम्हारे तस्वीरों पर जूतों की माला पहनाएगा और फिर उन्हें फांसी पर चढ़ाएगा, मगर पीछा नहीं छोड़ेगा।
कपिल सिब्बल व चिदंबरम जैसों के लिए सुब्रमण्यम स्वामी से शनि की साढ़े साती बेतर है।

चंद्रमौलेश्वर प्रसाद said...

कब तक छुपेगी कैरी पत्तों की आड में
इक दिन आना ही होगा बीच बाज़ार में :)

आशुतोष की कलम said...

ये कपिल नहीं कुटिल सिब्बल है जो मानसिक रूप से अस्वस्थ चल रहा है आज कल..सोनिया ने स्वामी जी की दो बार हत्या का प्रयास कराया था मगर असफल रही..ये गलती अब वो दोबारा सपने में भी नहीं करने की सोचेंगे..

उपेन्द्र नाथ said...

अब दिल्ली दूर नहीं...

Atul Shrivastava said...

सच को कौन छुपा सका है।

रविकर said...

सुन्दर प्रस्तुतिकरण्।

रविकर said...

खूब "घुटा-लो" शीर्ष, खुदा तक चाहे जाओ ।।
घमंडी की मंडी
जाओ जाना है जहाँ, लाओ फंदा नाप ।
मातु विराजे दाहिने, बैठा ऊपर बाप ।

बैठा ऊपर बाप, चित्त का अपने राजा ।
मर्जी मेरी टॉप, बजाऊं स्वामी बाजा ।

उच्च-उच्चतम दौड़, दौड़ कर टाँग बझाओ ।
खूब "घुटा-लो" शीर्ष, खुदा तक चाहे जाओ ।।