Tuesday, February 7, 2012

राउल बड़ा ड्रामेबाज है या राखी सावंत ?

दलितों के घर भोजन करने में राउल का कोई बड़प्पन नहीं है। बड़प्पन तो उनका है जो इसे इतना आतिथ्य सत्कार देते हैं। राउल महाराज में यदि इतना बड़प्पन होता तो कभी दलितों को भी अपने भवन में दावत देता,उनके लिए शिक्षा-व्यवस्था करता, चिकित्सा व्यवस्था करता। दलितों का आरक्षण काटकर मुसलामानों को देता। यदि बड़प्पन होता तो गो-हत्या करने वालों को जेल भेज देता। यदि बड़प्पन होता तो बहुसंख्यकों से दुश्मनी नहीं रखता उमा भारती , मोदी और सुब्रमण्यम स्वामी का अपमान नहीं करता। यदि बड़प्पन होता तो मुसलामानों को पटाकर और हिन्दुओं का अधिकार छीनकर प्रधानमन्त्री बनने के सपने नहीं देखता। ये रोटी का नहीं खरी-खोटी का हकदार है।

15 comments:

सदा said...

कल 08/02/2012 को आपकी कोई एक पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्‍वागत है, !! स्‍वदेश के प्रति अनुराग !!

धन्यवाद!

Pallavi said...

सच है ...समय मिले कभी तो ज़रूर आयेगा मेरी पोस्ट पर आपका स्वागत है
http://mhare-anubhav.blogspot.com/

पी.सी.गोदियाल "परचेत" said...

क्या कहें, स्वयंबर तो दोनों ही रचाते है :)

Bikramjit said...

as i watch the drama unfold in up I can say for definite Rahul is a bigger Dramebaaj... you see Rakhi we know is a drama queen ..
but Rahul wow he is turning into one each day , he did a U turn yesterday too...

Indian politics is dirty ...

Bikram's

रविकर said...

रोटी खाकर यह मुआ, खटिया पर पड़ जाय |
ज्यों ईंदुर रोटी कुतर, बिल में जाय छुपाए |
बिल में जाय छुपाए, चार दिन बच्चे रोवें |
एक समय का भात, शाम की रोटी खोवें |
वह राखी सावंत, खेलती खोटी गोटी |
नौटंकी श्रीमंत, खाय के उलटें रोटी ||

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

राज कुमार प्रजा का ही तो खाते हैं!

आशुतोष की कलम said...

गयासुद्दीन गाजी का ये वंशज हमारी गालियों और उलाहनों के काबिल भी नहीं..पहले देश को लूट लिया अब एक एक के घर जा के उनकी रोटी लूट रहा है और उनके घरों की महीलाओं के साथ बलात्कार का प्रयास करता है...
नेहरुद्दीन की ऐयाशी की विरासत का असली वारिस ये भोंदू राउल विन्ची ही है

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

हमारी बेचारी जनता बड़ी सरल है .

दिवस said...

हज़ार खरी खोटी का हकदार है विन्ची। दलितों के घर जाकर फाइव स्टार होटल से लाइ हुई रोटी खाकर धोखा देता है। जब वह अपनी तस्वीरें खिंचवा कर अपनी पब्लिसिटी करवाता है, उसी समय इसकी धूर्तता समझ आ जानी चाहिए। हमे दिखावत नहीं फौलादी प्रधान मंत्री चाहिए।

Rakesh Kumar said...

खरी खोटी
वाह!

दिव्या जी,मेरे ब्लॉग पर आपके न आने से मैं निराश हूँ.

कभी आप मुझे प्रेरित करती थीं लिखने के लिए.

अब मैं आपका इन्तजार करता हूँ .

चलिए आप इस बार उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री
बन प्रदेश का नक्शा बदल डालने पर एक पोस्ट लिख दीजियेगा.परन्तु,उससे पहले मेरे ब्लॉग
पर जरूर आईएगा.

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
घूम-घूमकर देखिए, अपना चर्चा मंच
लिंक आपका है यहीं, कोई नहीं प्रपंच।।
--
आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा आज बुधवार के चर्चा मंच पर लगाई गई है!

पद्म सिंह said...

बकवास... मीडिया इसे युवराज साबित करने पर तुली है... जबकि इससे बकवास नौटंकीबाज़ कोई नहीं॥

डा. अरुणा कपूर. said...

ड्रामेबाज तो दोनों ही है....लेकिन राखी सावंत नंबर वन है!

दिगम्बर नासवा said...

वैसे दोनों की जोड़ी लाजवाब रहेगी ...

Bharat Bhushan said...

इस चुनाव प्रचार के दौरान दोनों भाई-बहन की काफी फजीहत हुई है. लोगों के तीखे सवालों के जवाब वे नहीं दे पाए.
जहाँ तक ड्रामे का प्रश्न है वहाँ भी राखी इससे आगे है. इस ने तो ड्रामा करना भी सलीके से नहीं सीखा. इसका हर झूठ पकड़ा जाता है.