Tuesday, September 4, 2012

दलितों के लिए खुशखबरी ..

Reservation quota in promotion has been approved by this 'Gutter' Government. This is the first time they have done somthing right ! I am very pleased and congratulate this Govt. headed by a loony / empty-headed Sardar because -

Ram Vilas Paswan and Mayawati are very happy. May their Souls rest in peace whenever they die the way politicians die.
I am sad too because this Gutter Govt. did not go for 100% reservation in favour of SC / ST. They should have done that to 100% reservation for SC / ST and history would have been created.
SC / ST enjoy the same, equal rights to destroy the nation. Hitherto, this privilege had been monopolised by so-called Savarnas. Right to destroy the nation has been democratised in a democratic manner.
Let us hope now even against all hopes, Ram Vilas Paswan and Mayawati shall no more curse Maharshi Manu for authoring the legendary Manusmriti. They have received / collected their dues very well.
Private sector shall prosper more as merit shall migrate to that sector in herds.
Population of talented NRIs shall rise by leaps and bounds as large number of so-called Savarnas are going to migrate abroad for greener pastures. THEN, THE ENTIRE NATION SHALL BECOME BIHAR OF KARPOORI THAKUR / LALLOOO YADAVA and I shall be proud of that.
Social divisions shall increase. However, there is nothing to worry about because the idiotology of UNITY IN DIVERSITY of this gutter-bound Congress Party shall take care of that effectively.

Future of the country is still bright !!!!!!

By Ramakant Tiwari

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16 comments:

ZEAL said...

इस घटिया सरकार ने आरक्षण के गोरख-धंधे से देश को दशकों पीछे पहुंचा दिया है ! स्वार्थी, लोलुप लोग आरक्षण की बैसाखी से ही अपना जीवन यापन कर रहे हैं ! स्वाभिमान से तो जीना ही नहीं चाहते हैं ये , न ही अपने आने वाली पीढ़ियों को जीना सिखाना चाहते हैं ! बस राम नाम जपना और मुफ्त का पराया माल अपना की तर्ज पर लाखों योग्य और काबिल लोगों का अधिकार , मारकर ये लोग ऊपर आना चाहते हैं ! शर्मनाक हैं ऐसे लोग और ऐसी घटिया-दोगली सरकार !

Bikramjit said...

totally against reservation .. its bringing the nation down


Bikram's

mahendra verma said...

‘भारत‘ ने कहा- ‘‘मुझे ‘आरक्षण‘ नामक धीमा जहर दिया जा रहा है !‘‘

ZEAL said...

सुप्रीम कोर्ट के इनकार पर कानून ही बदल दिया गया और पद्दोंनती में दलितों को आरक्षण मान्य कर दिया इस दोगली सरकार ने !--प्रमोशन में आरक्षण के लिए संशोधन बिल को मंजूरी। संसद से मंजूरी मिलने के बाद अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों को प्रमोशन में मिलेगा रिजर्वेशन।

कुश्वंश said...

what a deceision govt taken this will no doubt created in mind that we are living in headless india thanks to manmohan singh again

Bharat Bhushan said...

अभी यह लागू नहीं हुआ लेकिन यह एक घटिया कदम है.

gaurav said...

when a person get benafit of resarvation once
now no need of resarvation for next time, and i say even no need of resarvation for his family, whats your openion ?

Sunil Kumar said...

सरकार को कुछ सोंचना चाहिए .

Noopur said...

aur general walo ka kya??

http://apparitionofmine.blogspot.in/

Virendra Kumar Sharma said...


सहारे चल नहीं सकती कौमियत,मूक-वधिर रोबोटों के,
रिमोट जब सौंपों किसी को, श्रीमती नहीं, श्रीमान देना ! (अंधड़ से साभार )
मौन सिंह नहीं मुखर सिंह देना .........
देश को बधिया बनाके छोड़ेंगे ये लोग (आरक्षण खोर ),जाते जाते खोल न दें पगड़ी से ढका गंजा सिर और लंगोट ......

मंगलवार, 4 सितम्बर 2012
जीवन शैली रोग मधुमेह :बुनियादी बातें
जीवन शैली रोग मधुमेह :बुनियादी बातें

यह वही जीवन शैली रोग है जिससे दो करोड़ अठावन लाख अमरीकी ग्रस्त हैं और भारत जिसकी मान्यता प्राप्त राजधानी बना हुआ है और जिसमें आपके रक्तप्रवाह में ब्लड ग्लूकोस या ब्लड सुगर आम भाषा में कहें तो शक्कर बहुत बढ़ जाती है .इस रोगात्मक स्थिति में या तो आपका अग्नाशय पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन हारमोन ही नहीं बना पाता या उसका इस्तेमाल नहीं कर पाता है आपका शरीर .

पैन्क्रिअस या अग्नाशय उदर के पास स्थित एक शरीर अंग है यह एक ऐसा तत्व (हारमोन )उत्पन्न करता है जो रक्त में शर्करा को नियंत्रित करता है और खाए हुए आहार के पाचन में सहायक होता है .मधुमेह एक मेटाबोलिक विकार है अपचयन सम्बन्धी गडबडी है ,ऑटोइम्यून डिजीज है .

फिर दोहरा दें इंसुलिन एक हारमोन है जो शर्करा (शक्कर )और स्टार्च (आलू ,चावल ,डबल रोटी जैसे खाद्यों में पाया जाने वाला श्वेत पदार्थ )को ग्लूकोज़ में तबदील कर देता है .यही ग्लूकोज़ ईंधन हैं भोजन है हरेक कोशिका का जो संचरण के ज़रिये उस तक पहुंचता रहता है ..

ZEAL said...

कांग्रेस गुंडागर्दी करके अपनी सुविधानुसार मनमाना संशोधन करता है ! अब २०१४ के लिए इसने अपना 'दलित-कार्ड' खेला है ! इस्लामिक-कार्ड तो पहले ही सुरक्षित कर चुका है ! मुस्लिम और दलित , कांग्रेस कि कठपुतलियां हैं !

ZEAL said...

एक दिन आएगा जब इस देश में सिर्फ अम्बेडकर की औलादें ही बचेंगीं. !

Rajeev Ranjan said...

हां... ठीक पहचान रही हो मनुओं की औलाद...

तुम्हारे लिए एक अच्छा रास्ता यह है कि अपने पुरखे राजीव गोस्वामी से सबक लो। उसने सबसे अच्छा काम किया। तुम भी जाओ किसी भी पेट्रोल पंप पर एक लीटर पेट्रोल खरीदो और अपने सिर पर से नीचे उड़ेल लो। फिर माचिस की एक तीली जलाओ और खुद को लहरा लो। तुम्हारी सारी तकलीफ दूर हो जाएगी। क्योंकि अब अम्बेदकर के औलादों के रथ को तुम चाह कर भी रोक नहीं पाओगी।

ZEAL said...

राजीव रंजन जी की भाषा देखिये ! ये दलित हैं या आतंकवादी ? इनको आरक्षण दिया जाए या फिर इनकी नफरत और घृणा का इलाज किया जाए ?

Anonymous said...

rajeev ranjan a handicaped man.

rohit said...

Rajeev ranjan bole ne say pahalay soch karo...