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Wednesday, July 30, 2014

भईया की कलाई और मेरी राखी

पिछले साल भईया चेन्नई में थे , राखी कैसे बंधती? रक्षाबंधन के दिन फोन पर बात हुयी तो पता चला उन्होंने वहीँ पर तीन राखी खरीदी और वहीँ बैठी दुकानदार की बेटी से तीनों राखियां अपने हाथ पर बंधवा कर उसे हम तीनों बहनों के नाम से ३०० रूपए दे दिए ! बहन दुसरे शहर में थोड़े ही थी , बहन तो पास ही है और हर शहर में है ! जो ख़ुशी उस नन्ही बच्ची के आँखों में थी और भईया के दिल में थी , वो शब्दों से परे है !

इस बार भी भईया , हम बहनों से दूर हैं , लेकिन उसी शहर में हमारी कोई बहन , हमारे भईया की कलाई पर राखी बाँध कर ख़ुशी के आंसुओं के साथ भईया की तरफ देखेगी और भईया की खुशहाली के लिए प्रार्थना करेगी !  I love you भईया  I miss you भईया

Zeal