माँ से बढ़कर कोई नहीं होता। बेटा कितने भी कुकर्म करे माँ उसके गुनाहों पर पर्दा डालती रहती है। राहू (राहुल) और केतू (कसाब), दोनों बेटा-दामाद को कितना निश्छल प्यार लुटा रही है ये माँ !
तुम्हें सब है पता मेरी माँ ....फिर भी तुम मेरे कुकर्म छुपा रही हो माँ ...तू कितनी अच्छी है, तू कितनी भोली है माँ ..तुम्हे सब है पता मेरी माँ ----By Kasaab [Best terrorist in the world]