पहले
तो नेताओं के संपर्क सूत्र अंडरग्राउंड आतंकवादियों से हुआ करते थे लेकिन
अब तो अखिलेश सरकार खुलेआम ऐसे लोगों को आगे-आगे रख के चल रही है। आज़म और
भाटी जैसे लोग , इमानदार आफिसर का निलंबन करके गर्व से अकड़ रहे हैं और अपने
कुकृत्यों को लोकतंत्र की संज्ञा दे रहे हैं। ४१ मिनट में निलंबन
प्रक्रिया पूरी कराने पर उछल रहे हैं ये सामप्रदायिक गद्दार।