नितिन
गडकरी बनें या राजनाथ , कांग्रेस को क्यों तकलीफ हो रही है? --कांग्रेसी
तो सारे चमचे हैं , चाची-420 के आगे गर्दन झुकाए उनकी सैंडलों पर ही
दृष्टि रखते हैं ! मुंह में ज़बान और हलक में थूक भी नहीं है की कुछ बोल
सकें ! भाजपा का निर्णय उचित है, सबकी सलाह मशविरा लेकर सर्वसम्मति से
लिया गया एक समझदारीपूर्ण, नैतिक निर्णय है! --कांग्रेसियों अपना रुन्दन
बंद करो , हमें तो तुम्हारा अमूल बेबी को उपाध्यक्ष बनाने का निर्णय भी
मजेदार लगा!
Zeal