हमारे देश में तो सिर्फ "सनातन धर्म " था। जिसमें 'सेवा-भाव' को ही धर्म कहा गया है ! लेकिन अब धर्म की सच्ची परिभाषा कौन समझता है भला? अब तो गद्दारों का सबसे बड़ा धर्म है "सेक्युलर" !
छद्म निरपेक्षता के नाम पर राजनीति की जा रही है। धर्म के नाम पर आरक्षण देकर चुनाव जीता जा रहा है। नेता बनते ही 'सेक्युलर' के नाम का 'कफ़न' ओढ़ लिया जता है , जिसके नीचे आम जनता दफ़न होती रहती है।
दुनिया भर के जितने प्रवचनकारी हैं , वे अपने चेहरे पर 'सेक्युलर' के नाम का मुखौटा लगाये सबको मूर्ख बनाते फिरते हैं ! जैसे सब गंवार हों , इनकी चमड़ी की परख ही न हो कोई।
बाबा रामदेव के मुंह पर कालिख फेंकी , सोयी जनता को आधी रात के बाद पिटवाया, क्या यही करते हैं सेक्युलर जमात वाले ?
चुनाव चिन्ह ढकवाने में करोड़ों रूपया लगाते हैं , लेकिन बिना धर्म के टैग वाली गरीब जनता भूख से और ठण्ड से मर रही है तो मरे , उनके लिए तन ढकने को एक कम्बल और सड़क पर चार अलाव नहीं जलवा सकती ये बेशरम सरकार ? क्या यही है इन भ्रष्टाचारी सेक्युलरों की पहचान ?
दलितों के घर में दावत उड़ाने वाला ये राहू-केतु गांधी , क्या नेत्र विहीन है , जो हाड-कंपाती सर्दी में मरते गरीबों को देख नहीं पाता? क्या इसके मुंह में जिह्वा नहीं है जो देशभक्तों पर स्याही और तेज़ाब फेंकने वाले कामरान जैसे सिद्धिकियों की आतंकवादी कारगुजारियों पर दो शब्द बोल सके ?
उनसे भी बढ़कर वे नपुंसक सेक्युलर लोग हैं जो इस भ्रष्ट एवं छद्म-सेक्युलर सरकार समर्थन करते हैं !
सेक्युलर होने के नाम पर नौटंकी अब बंद हो जानी चाहिए ! इस देश में जो लोग सेक्युलर थे, वे भगत सिंह थे, चाणक्य थे , लौह-पुरुष पटेल थे , नाथूराम गोडसे से , बिस्मिल थे आदि आदि ! अब नहीं पैदा होते ये वीर और जो होते हैं उन पर कालिख फेंकते हैं लोग और मरवाते हैं !
आज की सेक्युलर जमात एक नौटंकी है! --एक फरेब है !--मुखौटे के पीछे बैठे गद्दार हैं !
सेक्युलर प्रवचनकारी जमात देशभक्तों के आक्रोश की अग्नि को बुझा देने वाला कायरता से भरा 'ठंडा-पानी' है , अतः सावधान रहे इन सेक्युलरों और तथाकथित सेक्युलरों से !
गर्व से कहिये हम भारतवासी हैं , सेक्युलर नहीं। जिसका कोई राष्ट्र धर्म नहीं , वो सिर्फ गद्दार है !
आज 'सेक्युलर' से बड़ी कोई गाली नहीं ! बर्बाद हो रही जनता कराह कर कह रही है --- सेक्युलर साले ..
Zeal
छद्म निरपेक्षता के नाम पर राजनीति की जा रही है। धर्म के नाम पर आरक्षण देकर चुनाव जीता जा रहा है। नेता बनते ही 'सेक्युलर' के नाम का 'कफ़न' ओढ़ लिया जता है , जिसके नीचे आम जनता दफ़न होती रहती है।
दुनिया भर के जितने प्रवचनकारी हैं , वे अपने चेहरे पर 'सेक्युलर' के नाम का मुखौटा लगाये सबको मूर्ख बनाते फिरते हैं ! जैसे सब गंवार हों , इनकी चमड़ी की परख ही न हो कोई।
बाबा रामदेव के मुंह पर कालिख फेंकी , सोयी जनता को आधी रात के बाद पिटवाया, क्या यही करते हैं सेक्युलर जमात वाले ?
चुनाव चिन्ह ढकवाने में करोड़ों रूपया लगाते हैं , लेकिन बिना धर्म के टैग वाली गरीब जनता भूख से और ठण्ड से मर रही है तो मरे , उनके लिए तन ढकने को एक कम्बल और सड़क पर चार अलाव नहीं जलवा सकती ये बेशरम सरकार ? क्या यही है इन भ्रष्टाचारी सेक्युलरों की पहचान ?
दलितों के घर में दावत उड़ाने वाला ये राहू-केतु गांधी , क्या नेत्र विहीन है , जो हाड-कंपाती सर्दी में मरते गरीबों को देख नहीं पाता? क्या इसके मुंह में जिह्वा नहीं है जो देशभक्तों पर स्याही और तेज़ाब फेंकने वाले कामरान जैसे सिद्धिकियों की आतंकवादी कारगुजारियों पर दो शब्द बोल सके ?
उनसे भी बढ़कर वे नपुंसक सेक्युलर लोग हैं जो इस भ्रष्ट एवं छद्म-सेक्युलर सरकार समर्थन करते हैं !
सेक्युलर होने के नाम पर नौटंकी अब बंद हो जानी चाहिए ! इस देश में जो लोग सेक्युलर थे, वे भगत सिंह थे, चाणक्य थे , लौह-पुरुष पटेल थे , नाथूराम गोडसे से , बिस्मिल थे आदि आदि ! अब नहीं पैदा होते ये वीर और जो होते हैं उन पर कालिख फेंकते हैं लोग और मरवाते हैं !
आज की सेक्युलर जमात एक नौटंकी है! --एक फरेब है !--मुखौटे के पीछे बैठे गद्दार हैं !
सेक्युलर प्रवचनकारी जमात देशभक्तों के आक्रोश की अग्नि को बुझा देने वाला कायरता से भरा 'ठंडा-पानी' है , अतः सावधान रहे इन सेक्युलरों और तथाकथित सेक्युलरों से !
गर्व से कहिये हम भारतवासी हैं , सेक्युलर नहीं। जिसका कोई राष्ट्र धर्म नहीं , वो सिर्फ गद्दार है !
आज 'सेक्युलर' से बड़ी कोई गाली नहीं ! बर्बाद हो रही जनता कराह कर कह रही है --- सेक्युलर साले ..
Zeal