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Tuesday, July 2, 2013

अपने स्वार्थ से परे ..

ना देश की परवाह , ना ही प्रकृति की ! फिर मरने वाले श्रद्धालुओं , हिन्दू धर्म और उनके मंदिरों की क्यों होगी ? पहाड़ों पर पेड़ लगाने के बजाये डायनामाईट से पहाड़ों को चिटका रहे हैं ! उत्तराखंड में इतनी अधिक संख्या में बाँध बनेंगे तो वो दिन दूर नहीं पूरा उत्तराखंड ही बह जाएगा , और यही तो चाहती है कांग्रेस-- धीरे-धीरे करके भारत को समूल नष्ट करना। चाईना से सावधान रहने की ज़रुरत है। दुश्मन पडोसी मुल्कों से न हाथ मिलाने की ज़रुरत है , ना ही किसी प्रकार के दबाव में आने की ज़रुरत है। सरकार को अपने स्वार्थ से परे , धन का लालच छोड़कर , देश के विकास के लिए सोचना होगा।

Saturday, June 22, 2013

कांग्रेसियों का आपदा-प्रबंधन

कांग्रेसियों का आपदा-प्रबंधन अनोखा है। भावी प्रधानमंत्री राहुल और आपदाग्रस्त राज्य के मुख्यमंत्री विदेशों में सैरसपाटा करते हैं ! सोनिया उत्तराखंड की जगह राजस्थान का दौरा करती हैं और दसियों हेलिकौप्टर अपनी सेवा में लगाती हैं जबकि इन्हें आपदाग्रस्त लोगों को बचाने में लगाना चाहिए ! -- इनका दूसरा मजेदार तरीका है सरकारी आंकड़ों के साथ खिलवाड़ करना ---अभी तक मात्र ५०० मरे हैं , जबकि फंसे हुए ७५,००० लोगों की संख्या सीधे ५०,००० कर दी। अगले ४८ घंटों के बाद दुबारा कहर आने की आशंका है , कैसे बचेंगे फंसे हुए लोग ? कांग्रेस के सरकारी आंकड़े कागजों पर सब-कुछ ठीक कर लेंगे।

प्रशासन की इतनी कुव्यवस्था देखने के बाद भी जो कांग्रेस को वोट करे वो गद्दार है , इसमें कोई दो राय नहीं।

Zeal