आज सुबह तुमने पूछा था,
बताओ तुम्हारी आँखों में आँसू क्यों है?
ये उस अकाल मृत्यु का शोक है जो,
सरहद पर डटे जवानों को आ जाती है,
बारिश में बर्बाद हुए किसानों को आ जाती है,
और कभी-कभी, जीते जी हम जैसे इंसानों को आ जाती है
रो लेती हैं ज़िंदा लाशें अपनी ही मौत पर ,
घुट जाते हैं शब्द सारे, रूंधे गले में ऐंठ कर !!