अब प्रश्न ये है कि क्या प्रेम के कारण किसी में इस तरह के दोष भी आ सकते हैं ? प्रेम यदि विकृत होकर जूनून [Obsessive love] बन जाए तो व्यक्ति एक मानसिक रोगी हो जाता है जिसकी परिणति शिकारी [stalker], बलात्कारी [rapist] अथवा कातिल [murderer] में होती है।
ये मानसिक रोग हर किसी को नहीं होता । ये उसे ही होगा जिसके अन्दर इसके जींस पहले से ही मौजूद होंगे। एक सामान्य व्यक्ति [स्त्री हो अथवा पुरुष] , वो आकर्षित तो हो सकता है किसी से , लेकिन जुनूनी नहीं होगा। इसके विपरीत असामान्य व्यक्तियों में ये प्रक्रिया कई चरणों में घटित होती है , जिसका उसे पता ही नहीं चलता कि कब वह जूनून [obsession] के कारण उन्माद का शिकार हो गया है। इस प्रकार के रोगी दिखने और बात करने में सामान्य लगते हैं , लेकिन ये अपनी बनायी हुयी धारणाओं से बाहर नहीं आ पाते और अपने जूनून में किसी प्रकार का भी गुनाह कर जाते हैं।
ये प्रक्रिया कुछ इस प्रकार से है --
ये मानसिक रोग हर किसी को नहीं होता । ये उसे ही होगा जिसके अन्दर इसके जींस पहले से ही मौजूद होंगे। एक सामान्य व्यक्ति [स्त्री हो अथवा पुरुष] , वो आकर्षित तो हो सकता है किसी से , लेकिन जुनूनी नहीं होगा। इसके विपरीत असामान्य व्यक्तियों में ये प्रक्रिया कई चरणों में घटित होती है , जिसका उसे पता ही नहीं चलता कि कब वह जूनून [obsession] के कारण उन्माद का शिकार हो गया है। इस प्रकार के रोगी दिखने और बात करने में सामान्य लगते हैं , लेकिन ये अपनी बनायी हुयी धारणाओं से बाहर नहीं आ पाते और अपने जूनून में किसी प्रकार का भी गुनाह कर जाते हैं।
ये प्रक्रिया कुछ इस प्रकार से है --
- सर्वप्रथम ये एक तीव्रता और गहनता के साथ आकर्षित होते हैं किसी के प्रति
- फिर शीघ्र ही उसके साथ बिना compatibility का विचार किये , एक निश्चित सम्बन्ध बना लेना चाहते है।
- बहुत possessive होने लगते हैं धीरे-धीरे।
- इसके बाद शुरू होती है इनकी unrealistic fantasies ।
- यहाँ से इनके अन्दर अनियंत्रित जूनून आकार लेना शुरू कर देता है।
- यहाँ से उस निर्भर रहने कि प्रवृति वाले व्यक्ति में एक प्रकार का भय जन्म लेने लगता है। उसे लगता है कि उसका साथी उसे छोड़कर चला जाएगा , या धोखा दे देगा या फिर उससे छोड़कर किसी और को प्यार करने लगेगा ।
- वह बहुत ही डिमांडिंग होने लगता है । उसे बार बार आश्वासन कि आवश्यकता होती है । वो साथी कि निकटता का एहसास हर पल करना चाहता है। चाहे फ़ोन द्वारा हो , चाहे पत्रों द्वारा अथवा व्यक्तिगत मुलाकातों द्वारा।
- उसके अन्दर अविश्वास तेज़ी से पनपने लगता है और वो अवसाद [depression] का रोगी हो जाता है।
- उसकी नाराजगी भयानक गुस्से का रूप धारण कर लेती है। उसे लगता है कि उसके साथ धोखा हो रहा है।
- उसकी Rational बुद्धी [विवेक] , उसका साथ छोड़ देती है।
- यहाँ पर जूनून कि इंटेंसिटी और तीव्र होने लगती है।
- उसे लगता है कि उसका मित्र सिर्फ उसी तक सीमित होकर रहे , किसी दुसरे से मिले-जुले अथवा बात न करे। वह अपने साथी पर पूरा नियंत्रण रखना चाहता है।
- जब साथी उसके नाजायज नियंत्रण और डिमांड को पूरा नहीं करता तब यह व्यक्ति हिंसक हो उठता है। उस पर मौखिक और शारीरिक हिंसा पर उतर आता है ।
- इस अवस्था में obsession और भी तीव्र हो जाता है और वह व्यक्ति 'प्रेम' के बारे में सोचना नहीं बंद कर पाता। उसको पूरा पूरा attention चाहिए होता है ।
- इस अवस्था में पहुँचने तक साथी व्यक्ति उससे अपना सम्बन्ध पूरी तरह तोड़ लेता है । एवं सम्बन्ध पूर्णतया समाप्त हो जाते हैं।
- वह व्यक्ति पूरी तरह मानसिक रोग [ Obsessive compulsive disorder] कि चपेट में आ जाता है ।
- उसे लगता है कि साथी ने उसे धोखा दिया है। फिर वह उसे हर तरह से परेशान [harass] करने लगता है।
- बार बार उसके घर अथवा ऑफिस पर फोन करता है और उसका attention , डिमांड करता है।
- जब attention नहीं मिलता तो हिंसक हो उठता है। अभद्र क्रिया कलापों में लिप्त हो जाता है।
- अंतिम चरण आते आते , वह विनाश कि और अग्रसर हो चुका होता है।
- अवसाद से ग्रस्त रहने लगता है तथा साथी को खो देने के कारण अपना आत्म-सम्मान [self esteem] भी खो देता है।
- किसी के समझाने पर सुनता भी नहीं है ।
- अपनी धारणाओं के प्रति जडवत हो जाता है , उसे लगता है कि वह जो सोच रहा है , वही सही है। जो भी उसे समझाने कि कोशिश करता है , वह उसे भी अपना दुश्मन समझने लगता है
- ऐसा व्यक्ति जीवन पर्यंत शिकायतों [grudges] को अपने मन में रखता है और उसे पालता पोसता रहता है। वो अपने मन में पैदा होने वाली घृणा से नहीं लड़ पाता , चीज़ों को भुला नहीं पाता और उसकी नकारात्मकता दिन दूनी बढती जाती है।
- वह कभी खुद को आघात पहुंचाता है और कभी खो गए साथी को अनेक प्रकार से नुकसान पहुंचाने कि कुचेष्टा करता है।
- धीरे-धीरे वो अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखने के लिए , शराब, ड्रग्स , सेक्स आदि में फंस जाता है।
उसका अंत या तो आत्महत्या में होता है , या फिर वह शिकारी [stalker] , बलात्कारी[rapist] अथवा कातिल[murderer] में तब्दील हो जाता है। आजकल 'असफल प्रेमियों' द्वारा ह्त्या के बहुत से किस्से आये दिन प्रकाश में आ रहे हैं।
इसलिए यदि आप किसी के मित्र हैं , लेकिन वो बहुत ज्यादा डिमांडिंग हो रहा है और आप पर पूरा नियंत्रण रखने कि कोशिश कर रहा है , तो समय रहते सचेत होकर ऐसे लोगों से दूरी बना लीजिये । अन्यथा ये आपकी हँसती मुस्कुराती जिंदगी को नरक समान बना देंगे। क्यूंकि 'जियो और जीने दो' क्या होता है , ये इन्हें मालूम ही नहीं होता।
आभार।