Showing posts with label romance. Show all posts
Showing posts with label romance. Show all posts

Thursday, March 29, 2012

केवल पत्नियों के लिए एक पोस्ट

इस बात की चिंता न करें की पति आपकी बात को तवज्जो नहीं देते। ज्यादातर पति tube light की तरह होते हैं। आपकी बात उन्हें समझ ही काफी देर से आती है। और जब समझ आ जाती है तो उनका पुरुष-दर्प आड़े आ जाता है। आगे-पीछे वे आपके सुझाव पर अमल भी कर लेते हैं , लेकिन इस बात की उम्मीद छोड़ दीजिये की वे आपको, आपकी बिद्धिमानी पूर्ण राय के लिए कोई श्रेय भी देंगे। बस 'नेकी' कर और दरिया में डाल। सुन लें तो भी अच्छा , ना सुनें तो भी मस्त रहिये। क्योंकि राय न मानने की अवस्था में नुकसान भी उन्हीं का होगा। आपका कुछ नहीं बिगड़ेगा।
आप तो बस रोमांटिक रहिये। अपनी किचन में एक सस्ता सा टेप बजाइए। सुबह 'भगवत-भजन सुनिए। खाना बनाते वक़्त देश भक्ति गीत सुनिए। बहुत ऊर्जा मिलेगी। इस प्रकार क्रमशः ईश्वर और अपने वतन के साथ रोमांस कीजिये। कभी-कभी फुर्सत के क्षणों में अपने लिए एक कप अदरख की चाय बनाईये और उस दौरान मधुर आवाज़ के धनी संगीतकारों की गजलें सुनिए और महसूस कीजिये की ये आपके ही हुस्न की तारीफ़ कर रहे हैं , फिर देखिये ज़िन्दगी का लुत्फ़ ही कुछ और होगा।

Keep romancing with life !

Zeal