Wednesday, January 23, 2013

कांग्रेस की रुदाली

नितिन गडकरी बनें या राजनाथ , कांग्रेस को क्यों तकलीफ हो रही है? --कांग्रेसी तो सारे चमचे हैं , चाची-420 के आगे गर्दन झुकाए उनकी सैंडलों  पर ही दृष्टि रखते हैं ! मुंह में ज़बान और हलक में थूक भी नहीं है की कुछ बोल सकें !  भाजपा का निर्णय उचित है, सबकी सलाह मशविरा लेकर सर्वसम्मति से लिया गया एक समझदारीपूर्ण, नैतिक निर्णय है! --कांग्रेसियों अपना रुन्दन बंद करो , हमें तो तुम्हारा अमूल बेबी को उपाध्यक्ष बनाने का निर्णय भी मजेदार लगा!

Zeal

Monday, January 21, 2013

"प्रभुता पाहि ना काय मद नाहीं "

"प्रभुता पाहि ना काय मद नाहीं " -- प्रभुता पाकर किसे मद नहीं हो जाता भला ? तो फिर सुशील कुमार शिंदे जी किस खेत की मूली हैं , इन्हें भी सत्ता में बैठकर अहंकार हो गया है और बुद्धि भ्रष्ट !!

हिन्दुओं को आतंकवादी बता रहे हैं और RSS तथा BJP को आतंकवादी गतिविधियों का सरगना !

हे मूर्ख शिरोमणि शिंदे , यदि हिन्दुओं में लेशमात्र भी आतंकवाद होता तो सबसे पहले कांग्रेसियों को ही काट डालते और देश खुशहाल होता !

Zeal

Saturday, January 19, 2013

जय जवान , जय किसान

कल की बारिश और ओले गिरने से कई स्थानों पर 70 फीसदी फसलों का नुकसान हुआ है! खेतों में खड़ी सरसों , मटर और आलू बर्बाद हो गए हैं ! किसानों का दुःख-दर्द पूछने वाला कोई नहीं है इस सरकार में!

काश लाल बहादुर शास्त्री जैसे प्रधानमन्त्री आज भी होते जिन्होंने "जय जवान --जय किसान" का नारा दिया था ! जिन्होंने 1965 के युद्ध के विध्वंस के समय सप्ताह में दो दिन उपवास किया और जनता से भी कहा ताकि अनाज की बचत हो सके और देश में कोई भी भूखा ना सोये ! ये एक इकलौते प्रधानमन्त्री थे जो अपने आवास से निकलकर पैदल ही कार्यालय तक जाया करते थे ताकि अनावश्यक व्यय होने वाली धनराशी को देशहित में बचाया जा सके! डॉ राजेन्द्र प्रसान तो अपनी तनखाह का चौथाई हिस्सा ही संस्कृत के विद्यार्थियों को दान दे देते थे ताकि संस्कृत भाषा का उत्त्थान हो सके !

आज हमें प्रासाद, पटेल और लाल बहादुर शास्त्री जैसे देशहित में सोचने वाले नेताओं की ज़रुरत है , जिनमें संवेदनशीलता और इमानदारी थी , ना कि कांग्रेसियों की जो की जवानो के सर काटे जाने पर भी खामोश रहते हैं और किसानों की बर्बादी पर भी !

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Thursday, January 17, 2013

पाकिस्तान ने वादा किया है की वो तमीज से रहेगा

पाक ने बारूदी सुरंगें बिछा रखी हैं ! भारत ने जब सबूत सौपें तो उन्होंने लेने से इनकार कर दिया ! 16 दिनों में 20 बार नियंत्रण रेखा पर युद्ध-विराम का उल्लंघन किया! लेकिन जब खेलों से इनका बहिष्कार होने लगा तो इनकी अकल ठिकाने आ रही है! अब पाकिस्तान ने वादा किया है की वो तमीज से रहेगा!

फैशन-परेड की सरताज, हिना रब्बानी ने कहा की -- 'भारत युद्ध चाहता है और हम पर झूठा आरोप लगा रहा है"

Zeal

Tuesday, January 15, 2013

अब फ़रिश्ते नहीं आते ..

 
लोग कहते हैं की बेवजह के पचड़े में कौन पड़े इसलिए वे किसी की मदद को आगे नहीं आते , देखकर भी अनदेखा कर देते हैं ! चाहे किसी के यहाँ चोरी हो गयी हो , किसी के साथ सड़क दुर्घटना हो गयी हो अथवा जैसे अभी 16 दिसंबर को दामिनी बलात्कार की घटना में सड़क पर दोनों निर्वस्त्र पड़े रहे और अस्पताल में भी दो घंटे तक किसी ने मदद नहीं की, या फिर बस में उस युवती को चांटा मारा और छेडछाड की उस कंडक्टर ने लेकिन सहयात्री केवल तमाशा देखते रहे।

क्या इतनी असंवेदनशीलता उचित है? खुद को कोई दिक्कत न हो इसके लिए दूसरों को मरने के लिए छोड़ देंगे क्या? निज स्वार्थ बड़ा है या कर्त्तव्य ? इंसानियत की पहचान क्या है?

मेरे विचार से यथासंभव और यथाशक्ति पीड़ित की मदद तत्काल करनी चाहिए , बिना अपना कोई नुकसान सोचे। आज हम उसके काम आयेंगे , कल कोई हमारे काम आ जाएगा हमारी तकलीफ में ... फ़रिश्ता बनकर ....

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Hats off to Sujata Patil

Monday, January 14, 2013

ऐसी कायरता पर हँसता होगा पाकिस्तान !!

एक अजनबी प्रतिमा के आँचल की काली छाया में !
बने नपुंसक कब तक गाओगे उसका गुणगान !
रोज तमाचा खाकर भी प्रतिकार नहीं करते हो !
ऐसी कायरता पर हँसता होगा पाकिस्तान !!
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क्रूर भेड़िया घर में घुस कर आग लगा देता है !
संसद पर हमला करता है, ताज ढहा देता है !
तुम संसद में बैठ लिया करते केवल संज्ञान !
ऐसी कायरता पर हँसता होगा पाकिस्तान !!
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नीच पड़ोसी गुर्राता है, आँखें दिखलाता है !
अपने अनुचर भेज यहाँ पर दंगे करवाता है !
बिल में दुबके बैठे हो, सोये हो चादर तान !
ऐसी कायरता पर हँसता होगा पाकिस्तान !!
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अस्त-व्यस्त घर की हालत, मँहगाई सिर चढ़ बोले !
गलत नीति के कारण पूरी अर्थ – व्यवस्था डोले !
जनता के अरबों रुपये का कर आते हो दान !
ऐसी कायरता पर हँसता होगा पाकिस्तान !!
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शब्दों के आडम्बर रच नित सबको भरमाते हो !
सच्चाई स्वीकार नहीं करते हो, शरमाते हो !
भारत के सरदारो रक्खो कुछ तो इसकी शान !
कहीं फिर ऐसी कायरता पर हँसे ये सारा जहान !!
 
By- कमलेश चौबे