Wednesday, January 30, 2013

प्रधानमन्त्री कौन?

शेर ने चुनाव जीतकर ये बता दिया की दरबार हमारा है
अब तुम चूहे को राजा बनाओ तो ये दुर्भाग्य तुम्हारा है !

Zeal

15 comments:

पूरण खण्डेलवाल said...

बिलकुल सच !!

Unknown said...

निःशब्द

Maheshwari kaneri said...

बिल्कुल सही कहा..

रविकर said...

चूहे चाचा चतुर हैं, भ्रमित भतीजा भक्त ।

कुतर कुतर के तंत्र को, कर जनतंत्र विभक्त ।

कर जनतंत्र विभक्त, रोटियां रहे सेकते ।

सान सान के रक्त, शान से उधर फेंकते ।

किन्तु निडर यह शेर, नहीं जनता को दूहे ।

सुदृढ़ करे जहाज, भागते देखो चूहे ।

रविकर said...

आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति का लिंक लिंक-लिक्खाड़ पर है ।।

शिवा said...

बिलकुल सच !!

kuldeep thakur said...

आप की ये खूबसूरत रचना शुकरवार यानी 1 फरवरी की नई पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही है...
आप भी इस हलचल में आकर इस की शोभा पढ़ाएं।
भूलना मत

htp://www.nayi-purani-halchal.blogspot.com
इस संदर्भ में आप के सुझावों का स्वागत है।

सूचनार्थ।

kuldeep thakur said...

आप की ये खूबसूरत रचना शुकरवार यानी 1 फरवरी की नई पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही है...
आप भी इस हलचल में आकर इस की शोभा पढ़ाएं।
भूलना मत

htp://www.nayi-purani-halchal.blogspot.com
इस संदर्भ में आप के सुझावों का स्वागत है।

सूचनार्थ।

रविकर said...

आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति शुक्रवार के चर्चा मंच पर ।।

virendra sharma said...

ये गणतंत्री मूषक (चूहे )प्रजातंत्र को पहले ही कुतर चुके हैं .ऐसा न करने पर इनके दांत खुट्टल हो जाते हैं जनता को यह वैज्ञानिक तथ्य भी नजर अंदाज़ नहीं करना चाहिए .

गजेन्द्र कुमार पाटीदार said...

नाभिषेको न संस्कारो, सिंहस्य क्रियतेमृगे! विक्रमार्जित राज्यस्य, स्वमेव मृगेन्द्रता !!__________चिंता मत कीजिए जिस तरह सिंह को अभिषेक की जरुरत नहीं उसी तरह यह सिंह भी आसीन होगा. चिंतन जरी रखें!!!!

गजेन्द्र कुमार पाटीदार said...
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गजेन्द्र कुमार पाटीदार said...
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गजेन्द्र कुमार पाटीदार said...
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गजेन्द्र कुमार पाटीदार said...
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