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Thursday, February 9, 2012

निंदक-कपिल .

उपद्रवी कपि (बन्दर) उर्फ़ कपिल तो बस मौके ढूंढता है दूसरों की निंदा करने की। इसके पास ढंग का करने को कुछ नहीं है। अब अश्लील विडिओ का मुद्दा ले आया है। अपनी गिरहबान में यदि ये झांके तो पिछले एक शताब्दी की अश्लीलता सामने आ जायेगी। कोई अंग्रेजों के साथ तो कोई इटालियानो के साथ गुलछर्रे उडाता रहा है। एन डि तिवारी तो हैं ही बेमिसाल। इनके जलवे तो जग-जाहिर हैं। दूध के धुले कांग्रेसियों के बारे में क्या ख़याल है, निंदक- कपि-महोदय का। सर्वश्रेष्ठ निंदक का अवार्ड दिया जाता है इस कपि को।

निंदक नियरे राखिये , आँगन कुटी छवाए...


Zeal