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Tuesday, December 14, 2010

मुद्दई सुस्त , गवाह चुस्त -- Neha -The innocent victim.

एक दिन नेहा को अपनी सहेली प्राची का पत्र मिला , जिसमें उसने अपने माँ ना बन पाने के असीम दुःख का उल्लेख किया थाआसुओं से भीगे उस पत्र में मदद की गुहार थीस्वभाव से अति-भावुक नेहा ने अपनी सहेली की मदद करने की ठान लीउसने अपने पति , राम से इस सन्दर्भ में बात कीदोनों ने ही ख़ुशी-ख़ुशी प्राची उसके पति को अपना बच्चा देना स्वीकार कर लियानेहा ने अपने इस फैसले की सूचना अपनी सहेली प्राची को दी और समय के साथ नेहा गर्भवती हो गयी..

जैसे जैसे गर्भ में पल रहा बच्चा बड़ा हो रहा था , नेहा की व्यग्रता बढती जा रही थी क्यूंकि प्राची और उसके पति ने एक बार भी पलटकर नेहा से इस सन्दर्भ में बात करना जरूरी नहीं समझाउन्हें शायद उधार की कोख में रूचि नहीं थीनेहा ने निराश होकर राम से अपनी चिंता जाहिर कीराम ने नेहा से कुछ समय इंतज़ार करने को कहालेकिन कोई फायदा नहीं हुआप्राची और उसके पति को शायद नेहा के बलिदान की जरूरत नहीं थीउन्होंने नेहा से बात नहीं कीनेहा की सेहत गिरती जा रही थी ...

गर्भ डेढ़ मॉस का हो चला थानेहा तथा उसके पति राम ने निराश होकर गर्भपात कराने का निर्णय लियाइस दौरान नेहा अपने परिवार तथा दो छोटे बच्चों का ध्यान भी नहीं रख पा रही थीउसकी जिंदगी अस्त व्यस्त सी हो गयी थीगर्भपात कराकर नेहा मानसिक तौर पर बहुत टूट चुकी थीएक मासूम की जान लेने का गुनाह उससे हो चुका थाइस बोझ से तो उसे जीवन भर जूझना है अबनेहा ने फोन पर अपनी सहेली को इन सब बातों से अवगत कराया, लेकिन प्राची तटस्थ थीउसने इसे कहानी की तरह सुन लिया जैसे कुछ हुआ ही ना हो

नेहा को अपने गुनाह की सज़ा भी अविलम्ब मिल गयीUltra sound से नेहा को पता चला की उसके गर्भाशय में ट्यूमर हैनेहा अब मरीज बन गयी है और अस्पतालों के चक्कर लगा रही है

राम चिंतित है नेहा के गिरते स्वास्थ्य के कारण और उनका परिवार एक मुश्किल मानसिक दौर से गुज़र रहा है

नेहा को भावुकता में लिए गए निर्णय का असीम पश्चाताप है , लेकिन जिंदगी ने उसको एक बहुत बड़ा पाठ पढ़ा दिया थानेहा ने समझ लिया था उसका कोई मित्र नहीं हैसभी स्वार्थी हैंनेहा का भरोसा सब पर से उठ चुका हैऔर उसने सबसे अपना नाता तोड़ लिया है

नेहा अब इस कोशिश में जी रही है की अपने गिरते स्वास्थ्य के कारण अपने परिवार वालों की चिंता कम कर सकेऔर उनके प्रति अपने दायित्वों को निभा सके

[नेहा की कहानी एक सत्य घटना है , इस अनुभव से शायद किसी को लाभ मिल सके इसलिए इसे यहाँ प्रस्तुत किया गया हैजो भावुकता की कद्र करने वाला हो , उसके लिए भावुक होकर निर्णय नहीं लेने चाहिए। ]

आभार