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Thursday, December 16, 2010

इंसानियत फिर से शर्मसार हुई -- पत्नी के जिस्म के ७२ टुकड़े किये

राजेश गुलाटी एक सोफ्टवेयर इन्जिनीर हैजो एक कलह-क्लेश वाले परिवार में बड़ा हुआसारी उम्र माँ बाप को लड़ते देखाउसके भाई बहन का परिवार भी टूटा-बिखरा हुआ हैइस सभी का असर राजेश के व्यक्तित्व में देखने को मिला१९९२ में उसका प्रेम हुआ अनुपमा से१९९९ में उन्होंने विवाह कियादोनों ही अमेरिका में रह रहे थेआपस में अच्छी नहीं निभती थी , फिर भी जिंदगी चल रही थी२००४ और २००६ में उन्हें एक बेटा और एक बेटी हुई एक सुन्दर परिवार , धन दौलत शोहरत , फिर भी कुछ अशांति थी परिवार में

कलह से परेशान होकर राजेश ने अनुपमा और बच्चों को भारत लाकर छोड़ दिया और स्वयं आराम से अमेरिका में रहने लगायहाँ पुनः उसका प्रेम प्रसंग चला एक तलाकशुदा महिला के साथ , जिसका आठ साल का बेटा थाअपने इस प्रेम प्रसंग के बारे में उसने घरवालों को नहीं बताया और उस महिला के साथ रहने लगाउस बच्चे को ये रिश्ता मंजूर नहीं था फलतः राजेश उस महिला से अलग हो गया

वापस भारत गया जहाँ अनुपमा अपने दो बच्चों के साथ शांतिपूर्वक अपने बड़े भाई के घर रह रही थीउसे अपनी जिंदगी और राजेश से कोई शिकायत नहीं थीराजेश ने फिर से अनुपमा और बच्चों को लिया और देहरादून में नया घर लेकर उसमें रहने लगा

उसके शैतानी दिमाग में मास्टर-माइंड योजना चल रही थीवो पत्नी को मारकर अपने दोनों बच्चों के साथ अमेरिका भाग जाना चाहता थाइसके लिए उसने इन्टरनेट से ढेरों जानकारियाँ हासिल कींसाइको किलर की मूवी डाउनलोड की तथा इस प्रकार से शाव को कैसे प्रेसेर्व रखना है , ठिकाने लगाना है , तथा सबूतों को मिटाना आदि उसने जानकारी हासिल की

उसने अपनी पत्नी अनुपमा के मुह में रूई ठूस दी था गला दबाकर , दम घोंटकर उसकी हत्या कर दीफिर आरी से काटकर पत्नी के जिस्म के ७२ टुकड़े कर दिएफिर रेफ्रिजरेटर में उसके टुकड़ों के पैकट बनाकर सुरक्षित कर दियाहर काम को अंजाम बहुत सफाई से दियाकिसी को खबर भी नहीं हुईप्रति दिन वो जिस्म के टुकड़ों को मसूरी के जंगलों में फेंक आता था, जहाँ किसी को शक भी नहीं हो सकता था

लेकिन ४८ दिन ही मिले उसे ये कुकर्म का सिलसिला जारी रखने के लिएराज खुल गयाबच्चों के साथ अमेरिका भागने के ख्वाब में वो आज हवालात में हैघर में उसने suitcases तैयार रखे थे लेकिन बच्चों का पासपोर्ट ना मिलने के कारण , वो जा नहीं सका और जेल पहुँच गया

उसने इन ४८ दिनों में अपनी पत्नी के email ID से उसके परिवार वालों को तथा मित्रों को मेल किये ताकि किसी को शक होलेकिन यहीं उससे भूल हो गयीवो अपनी पत्नी को लैपटॉप छूने भी नहीं देता था फिर मेल कैसे ? मेल का मजमून था - " भैया मैं यहाँ राजेश के साथ खुश हूँ , आप चिंता करें " ।

अनुपमा के भाई ने उसे चोरी से एक मोबाईल पहुँचाया था जो राजेश के हाथ लग गया , उसके शातिर दिमाग ने उसका भी उपयोग करने की सोची - एक SMS किया - " भैया , मेरे और राजेश के बीच सब ठीक ठाक है अब , कृपया आप हमारी जिंदगी में दखलंदाजी करें " ।

बस यहीं चूक हो गयी राजेश गुलाटी सेऐसा SMS पाकर अनुपमा के घरवालों का शक बढ़ गया और फिर राजेश पहुँच गया जेल में

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इस घटना के बाद मेरे मन में बहुत से विचार आये जिसे यहाँ लिख रही हूँ--

- राजेश एक शिक्षित युवक हैशिक्षा में कहाँ कमी रह गयी ?
- यदि पत्नी के साथ उसकी बिलकुल नहीं निभ सकती थी तो उसने तलाक क्यूँ नहीं दियाइतना possessive होना तो कोई अच्छी बात नहीं
- क्या नफरत की हदें इतनी बड़ी होती हैं की कोई अपनी पत्नी की जिस्म को आरी से काट सकता है ?
- क्या लड़की के माँ बाप इतने लाचार होते हैं ? क्या उन्हें पूर्वनुभास नहीं था की उनकी बेटी के साथ दुर्घटना हो सकती है ?
- क्या शादी के बाद लड़की के माँ बाप अपनी लड़की को इतना पराया समझ लेते हैं की उस पर हो रही प्रताड़ना को नज़र अंदाज़ करते रहते हैंक्यूँ नहीं हिम्मत के साथ अपनी लड़की की जीवन रक्षा के लिए उसे तलाक दिलवाया
- क्या समाज में उनकी नाक कट जायेगी इसलिए लड़की को उस दरिन्दे दामाद के हाथ पुनः सौंप दिया ?
- पढ़ी लिखी लडकियां भी इतना मजबूर क्यूँ हैंअपने माँ ,बाप , भाई और पति की इज्ज़त रखने लिए इतने जुल्म सहती हैंऔर बलि चढ़ जाति हैं असमय
क्या अनुपमा जैसी स्त्रियों और निरीह पशुओं में कोई अंतर है ?
क्या राजेश गुलाटी और हिंसक पशु में कोई अंतर है ?
१० क्या क़त्ल के जुर्म में राजेश के जिस्म के १४४ टुकड़े होने चाहिए ?

एक हैवान पिता को , दो मासूम बच्चों की जिंदगी बर्बाद करने की क्या सजा मिलनी चाहिए ?